NATO में शामिल होगा फिनलैंड, तुर्की की संसद से मिली मंजूरी... क्या अब रूस करेगा हमला?
तुर्की की संसद में मौजूद सभी 276 सांसदों ने सर्वसम्मति से फिनलैंड के दावे के पक्ष में वोट किया। इसके कुछ दिन पहले हंगरी की संसद ने भी फिनलैंड को नाटो में शामिल किए जाने का समर्थन किया था।

File Image
लंबे वक्त तक चले ड्रामे के बाद आखिरकार नाटो में एक और देश की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। तुर्की की संसद ने गुरुवार को फिनलैंड को नाटो का सदस्य बनने की मंजूरी दे दी है। तुर्की की संसद में एकमत से यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही फिनलैंड 31 वां नाटो मेंबर बन जाएगा। जुलाई में लिथुआनिया में होने वाले अपने अगले शिखर सम्मेलन में फिनलैंड को अब औपचारिक रूप से नाटो में शामिल किया जाएगा।
स्वीडन को नहीं मिली मंजूरी
नाटो के अन्य देश पहले ही फिनलैंड को नाटो का सदस्य बनाने की मंजूरी दे चुके हैं। हालांकि अभी स्वीडन के नाम को तुर्की संसद की मंजूरी नहीं मिल पाई है। स्वीडन और फिनलैंड दोनों देशों ने साल 2022 में नाटो का सदस्य बनने के लिए आवेदन किया था। हंगरी और तुर्की को छोड़ बाकी सभी 28 देशों ने इन दोनों देशों को नाटो में शामिल किए जाने को लेकर मंजूरी दे दी थी। नाटो के हर देश की तरफ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही कोई भी देश, मिलिट्री ग्रुप या सैन्य समूह नाटो का हिस्सा बन सकता है।
बीते सप्ताह हंगरी में पास हुआ बिल
बीते हफ्ते हंगरी ने भी इसी तरह का एक बिल पास किया, जिसके बाद तुर्की के अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा था। तुर्की का आरोप था कि कुर्दिश आतंकी संगठन फिनलैंड और स्वीडन में अपना बेस बनाए हुए हैं और वहां से उनके देश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। तुर्की राष्ट्रपति अर्दोआन ने दोनों देशों को इन आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए कहा था। अर्दोआन ने इसी महीने की शुरुआत में माना था कि फिनलैंड ने उनकी निर्देशों का पालन करते हुए प्रमाणिक और ठोस कदम उठाए हैं।
इसके साथ ही हंगरी का आरोप था कि स्वीडन और फिनलैंड में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और दोनों देश इसके बारे में झूठ बोलते हैं। हालांकि बाद में तुर्की और हंगरी दोनों देशों ने फिनलैंड के प्रति अपने रुख को नरम कर लिया था और नाटो का हिस्सा बनने के लिए सहमति दे दी। हालांकि दोनों देश अभी भी स्वीडन की सदस्यता का विरोध कर रहे हैं। हंगरी का कहना है कि स्वीडन को सदस्यता पाने के लिए कई बड़े कदम उठाने होंगे।
फिनलैंड ने जाहिर की खुशी
वहीं नाटो की सदस्यता मिलने पर फिनलैंड ने खुशी जाहिर की है। फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनिस्तो ने कहा कि हमारा देश नाटो में शामिल होने के लिए तैयार है। सभी 30 देशों ने उनकी सदस्यता को मंजूरी दे दी है और वह सभी सदस्य देशों को उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि गठबंधन में शामिल होने से देश की सुरक्षा मजबूत होगी और बाल्टिक क्षेत्र और उत्तरी यूरोप में स्थिरता और सुरक्षा में सुधार होगा।
निनिस्तो ने ये भी कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं स्वीडन भी जल्द नाटो का सदस्य बनेगा। फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मारिन ने ट्विटर पर लिखा, "सहयोगियों के रूप में, हम सुरक्षा देंगे और प्राप्त करेंगे। हम एक दूसरे की रक्षा करेंगे। फिनलैंड अभी और भविष्य में स्वीडन के साथ खड़ा है और इसके आवेदन का समर्थन करता है।" नाटो के महासचिव जेंस स्टोलटेनबर्ग ने भी फिनलैंड को नाटो का सदस्य बनाए जाने का स्वागत किया और कहा कि इससे नाटो और मजबूत होगा।












Click it and Unblock the Notifications