लड़कियों के वजन को लेकर मशीन की जानलेवा गलती, पायलट की समझदारी से हादसे से बचा प्लेन
टीयूआई एयरलाइ्ंस ने गलती से लड़कियों को बच्चा समझ लिया, जिसकी वजह से फ्लाइट हादसे का शिकार हो सकती थी।
बर्मिंघम/ब्रिटेन: किसी प्लेन के लिए उसका वजन काफी ज्यादा मायने रखता है। एक एक किलो वजन भी प्लेन की उड़ान को बाधित कर सकता है। वजन के हिसाब से ही पायलट फ्लाइट की सुरक्षित उड़ान तय करता है और उसके हिसाब से फ्लाइट उड़ाता है। अगर वजन का कैलकुलेशन गलत हो गया तो प्लेन हादसे का शिकार हो सकता है और टीयूआई का एक फ्लाइट भी मुसीबत में फंस गया, क्योंकि मशीन ने लड़कियों का वजन मापने में गलती कर दी थी।

मशीन की गलती
टीयूआई एयरवेज की फ्लाइट बर्मिंघम से उड़ान भरकर मैजोर्का के लिए उड़ान भरी। फ्लाइट में 187 पैसेंजर्स सवार थे लेकिन एन वक्त पर एयरलाइन के रिजर्वेशन सिस्टम ने भारी गलती कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक जब फ्लाइट ग्राउंड पर ही थी और उड़ान नहीं भरी थी, उस वक्त एयरोप्लेन के रिजर्वेशन सिस्टम अपडेट हो रहा था। लेकिन, अपडेट के दौरान सॉफ्टवेयर ने जानलेवा गलती कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट में ट्रैवल करने वाली जितनी भी 'मिस' टाइटल की लड़किया थीं, उन्हें सॉफ्टवेयर ने गलती से बच्चा समझ लिया। यानि, फ्लाइट में चाइल्ड पैसेंजर्स का स्टैंडर्ड वजन 35 किलो निर्धारित रहता है जबकि महिलाओं के लिए स्टैंडर्ड वजन 69 किलो रखा जाता है। लेकिन, रिजर्वेशन सिस्टम ने यहीं बड़ी गलती कर दी। रिजर्वेशन सिस्टम के सॉफ्टवेयर ने जितनी भी फ्लाइट में लड़कियां थीं, जिनके नाम से पहले Miss टाइटल लगाया गया था, उन्हें बच्चा समझ लिया और स्टैंडर्ड वजन 35 किलो के हिसाब से सबका वजन तौल लिया।

फ्लाइट का वजन 1200 किलो कम
रिपोर्ट के मुताबिक, पैसेंजर्स को बिठाने के बाद फ्लाइट कैप्टन के पास फ्लाइट का जो वजन दिया गया, वो ऑरिजनल वजव से 1200 किलो कम था, जो किसी फ्लाइट के उड़ान भरने के बाद हादसा होने के लिए काफी है। जब पायलट ने फ्लाइट उड़ानी चाही, तो विमान के टेकऑफ में दिक्कतें होने लगीं। वहीं, एयर एक्सीडेंट इनवेस्टिगशन ब्रांच यानि एएआईबी ने कहा कि 'ये घटना इसलिए हुई है क्योंकि सिस्टम का सॉफ्टवेयर उस देश में बना है, जहां Miss शब्द का इस्तेमाल छोटी बच्चियों के लिए किया जाता है और जब रिजर्वेशन सिस्टम ने अपडेट लिया तो उसने गलती से जितनी भी लड़कियां थीं, उन्हें बच्चा समझ लिया'

पायलट की समझदारी
गलती सॉफ्टवेयर की थी और इसका खामियाजा पैसेंजर्स को भुगतना पड़ता। हालांकि, प्लेन के पायलट ने समझदारी दिखाते हुए एन वक्त पर प्लेन को कंट्रोल करने में कामयाबी हासिल कर ली। पायलट ने अपनी समझदारी दिखाते हुए प्लेन को बर्मिंघम से सुरक्षित उड़ाकर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले भी टीयूआई फ्लाइट में 2 बार इसी तरह की गलतियां हो चुकी हैं। उन दोनों फ्लाइट्स ने भी ब्रिटेन से ही उड़ान भरी थी और उस वक्त भी सॉफ्टेवेयर ने ऐसी ही गलती कर दी थी। वहीं, पूरी घटना पर बयान देते हुए टीयूआई एयरलाइंस ने कहा है कि 'हमारे लिए हमारे कस्टमर और क्रू की हेल्थ और सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। इस घटना के बाद हमने सॉफ्टवेयर को सही कर लिया है। हमने अपने आईटी सिस्टम की गलती को पकड़ लिया है। और जैसा की रिपोर्ट में कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षिय यात्रा में कोई भी व्यवधान नहीं हुआ है'












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