Trump-Putin Phone Call पर 1 घंटे तक क्या सीक्रेट बात हुई? ईरान-यूक्रेन समेत किन मुद्दों पर चर्चा
Trump-Putin Phone Call: वैश्विक राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई एक घंटे की लंबी टेलीफोनिक बातचीत ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है।
पश्चिम एशिया (ईरान) में छिड़े युद्ध और यूक्रेन संघर्ष के बीच, इन दो महाशक्तियों के प्रमुखों का एक-दूसरे से बातचीत करना वैश्विक शांति के लिए निर्णायक माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच, क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति भवन) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन कॉल आया ।

क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव के अनुसार, यह बातचीत लगभग एक घंटे तक चली, जो पूरी तरह से व्यावसायिक रही।
Ukraine Peace Talks Washington Moscow: रुस यूक्रेन विवाद पर वाशिंगटन-मॉस्को-कीव त्रिपक्षीय वार्ता
मौजूदा हालात में जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन दोनों जगह तनाव चरम पर है, ऐसे में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई यह बातचीत वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। बातचीत का एक बड़ा हिस्सा यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने पर केंद्रित था।
फोन कॉल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिका की स्थिति दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय तक टिकने वाला समाधान निकले। पुतिन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने मॉस्को, वाशिंगटन और कीव के बीच त्रिपक्षीय वार्ता की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
Iran conflict Russia Warning: ईरान संकट पर पुतिन की चेतावनी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव पर दोनों नेताओं ने Substantive चर्चा की। पुतिन ने ट्रंप को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान और खाड़ी देशों के नेताओं के साथ हुई अपनी हालिया बातचीत का ब्योरा दिया। पुतिन ने एक सरकारी बैठक के दौरान चेतावनी दी कि यदि पश्चिम एशिया में युद्ध जारी रहा, तो वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गल्फ देशों के तेल उत्पादन में रुकावट से दुनिया को एक नई और डरावनी मूल्य वास्तविकता (Price Reality) का सामना करना पड़ेगा।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ है। 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को बधाई देते हुए कहा कि रूस, तेहरान के प्रति अपने अटूट समर्थन पर कायम है। पुतिन ने विश्वास जताया कि मोजतबा अपने पिता के मिशन को आगे बढ़ाएंगे और सशस्त्र आक्रमण के इस समय में ईरानी लोगों को एकजुट रखेंगे।
Middle East War: कैसे बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाया था। इस हमले में कई वरिष्ठ ईरानी नेता भी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इसके बाद इजरायल और अमेरिका ने तेहरान पर अपने हमले जारी रखे और संघर्ष का दायरा लेबनान तक फैल गया, जहां हिजबुल्लाह और ईरान समर्थित संगठनों को निशाना बनाया गया।
क्या ट्रंप ला पाएंगे पश्चिमी एशिया में शांति?
ट्रंप और पुतिन के बीच हुई यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। व्हाइट हाउस ने भी इस बातचीत को सकारात्मक बताया है। अब दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप का डील-मेकिंग अंदाज़ और पुतिन का रणनीतिक रुख मिलकर ईरान और यूक्रेन में लगी आग को बुझा पाएंगे, या तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर देंगी।












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