Trump Gold VISA: सुपर फ्लॉप हुआ ट्रंप का गोल्ड वीजा, सिर्फ 1 ने लिया, क्यों रिजेक्ट हुई स्कीम- Explained
Trump Gold VISA: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फरवरी 2025 में अमेरिका में रहने के लिए गोल्ड वीजा लॉन्च किया था। तब इसके फायदे गिनाकर दूसरे देशों के रईस लोग जो अमेरिकी नागरिक बनने के इच्छुक हैं उन्हें भरपूर लालच दिया। लेकिन 14 महीने बाद जब इसका रिजल्ट देखा गया तो ये स्कीम एक सुपर फ्लॉप स्कीम साबित होती दिख रही है। क्योंकि दावा किया गया था कि 1300 लोगों ने इसके लिए अप्लाई किया था। लेकिन जब तथ्य सामने आए तो सिर्फ 1 शख्स ऐसा निकला जिसने गोल्ड वीजा लिया है। आइए जानते हैं कि इसके फ्लॉप होने के क्या कारण रहे।
सरकार का दावा: सैकड़ों आवेदन अभी पेंडिंग
यह जानकारी वाणिज्य मंत्री Howard Lutnick ने एक सुनवाई के दौरान दी। यह आंकड़ा उनके पहले के बयान से बिल्कुल उल्टा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि योजना शुरू होने के कुछ ही दिनों में लगभग ₹10,800 करोड़ के 1,300 आवेदन बिक चुके थे। अब उन्होंने साफ किया है कि सैकड़ों आवेदन अभी भी जांच के दौर में हैं। लेकिन अभी तक सिर्फ एक शख्स ने गोल्ड वीजा लिया है।

नहीं बिका माल तो गिराई कीमत
ट्रंप ने फरवरी 2025 में इस "गोल्ड कार्ड" वीज़ा को 50 लाख डॉलर (करीब 47.13 करोड़ भारतीय रुपए) की कीमत पर लॉन्च किया था। लेकिन सितंबर में इसकी कीमत घटाकर 10 लाख डॉलर (करीब 8.35 करोड़ भारतीय रुपए) कर दी गई। ट्रंप के मुताबिक, यह योजना उनकी America First पॉलिसी का हिस्सा है, जिसका मकसद दुनिया के टॉप टैलेंट और कंपनियों को अमेरिका लाना है।

गोल्ड कार्ड के जरिए क्या सुविधाएं बेच रहे ट्रंप?
इस गोल्ड कार्ड के जरिए विदेशी नागरिकों को अमेरिका में लगभग सभी सुविधाएं मिलती हैं, जो एक अमेरिकी नागरिक को मिलती हैं। हालांकि, उन्हें पासपोर्ट और वोटिंग का अधिकार नहीं मिलता। यह प्रक्रिया काफी हद तक ग्रीन कार्ड पाने जैसी ही है।
• US में रहने और काम करने का अधिकार
• लगभग सभी rights (citizen जैसे)
• Voting rights नहीं
• US passport नहीं
टैलेंट के नाम पर रईसों की तलाश
ट्रंप का कहना है कि यह वीज़ा खासतौर पर अमीर और टैलेंटेड विदेशियों के लिए है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका उन्हीं लोगों को वीज़ा देगा, जो देश के लिए फायदेमंद हों, न कि वे जो अमेरिकियों की नौकरियां छीन लें। इस योजना से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल टैक्स घटाने और सरकारी कर्ज कम करने में किया जाएगा।
तीन नए कार्ड भी लॉन्च किए गए, तीनों फ्लॉप?
गोल्ड कार्ड के अलावा ट्रंप ने तीन और वीज़ा कैटेगरी पेश की हैं-'Trump Gold Card', 'Trump Platinum Card' और 'Corporate Gold Card'। इनमें से 'Trump Platinum Card' को जल्द लॉन्च किया जाएगा, जिससे वीज़ा सिस्टम और भी बड़ा हो जाएगा। हालांकि इनमें भी लोगों की दिलचस्पी देखने को नहीं मिली।
EB-1 और EB-2 वीज़ा का रिप्लेसमेंट
वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के मुताबिक, यह गोल्ड कार्ड मौजूदा EB-1 और EB-2 वीज़ा की जगह ले सकता है। EB-1 वीज़ा उन लोगों को दिया जाता है जिनके पास टॉप स्किल होती है, जबकि EB-2 वीज़ा मास्टर्स या उससे ऊपर की डिग्री वाले लोगों को मिलता है। ट्रंप गोल्ड कार्ड पारंपरिक ग्रीन कार्ड से अलग है। यह खासतौर पर अमीर निवेशकों, बिजनेसमैन और हाई-स्किल प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है, जो बड़ी रकम निवेश कर सकते हैं। सीधी भाषा में कहें तो अमेरिका को मोटा पैसा दे सकते हैं।

क्या है कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड?
ट्रंप कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड कंपनियों के लिए है। कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए यह कार्ड जारी कर सकती है। इसके लिए कंपनी को प्रति कर्मचारी 15,000 डॉलर का नॉन-रिफंडेबल DHS शुल्क देना होगा और वेरिफिकेशन के बाद 20 लाख डॉलर का भुगतान करना जरूरी होगा।
स्पॉन्सर बदलने पर क्या होगा?
अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारी का स्पॉन्सर बदलना चाहती है, तो उसे दोबारा 20 लाख डॉलर नहीं देने होंगे। पुराने कार्ड को नए कर्मचारी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इसमें 1% सालाना मेंटेनेंस फीस और 5% ट्रांसफर फीस देनी होगी।
परिवार को भी मिल सकता है फायदा
इस योजना के तहत मुख्य आवेदक के साथ उसका पति/पत्नी और 21 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। हर परिवार सदस्य के लिए अलग से 15,000 डॉलर DHS शुल्क और 10 लाख डॉलर देना होगा।
कैसे करें अप्लाई?
इस वीज़ा के लिए 15,000 डॉलर की शुरुआती फीस देकर आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। इसके बाद DHS वेरिफिकेशन शुरू करता है। अगर वेरिफिकेशन सफल रहता है, तो USCIS ईमेल के जरिए आगे की प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट्स की जानकारी देता है।
प्लेटिनम कार्ड से स्पेशल सर्विस का लालच
जल्द आने वाला ट्रंप प्लेटिनम कार्ड धारकों को बिना वीज़ा के साल में 270 दिन तक अमेरिका में रहने की अनुमति देगा। इसके साथ ही विदेश से कमाई गई आय पर अमेरिका में टैक्स नहीं देना होगा, जिससे यह ग्लोबल नागरिकों के लिए काफी आकर्षक विकल्प बन सकता है।
इस एक्सप्लेनर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications