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Donald Trump: ‘न्यूक्लियर जंग रोक दी!’ भारत-पाक सीजफायर पर फिर 'चाचा चौधरी बने ट्रंप, भारत कर चुका है इंकार

Trump India Pakistan Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल हुए सैन्य तनाव को लेकर अपना पुराना और विवादित दावा दोहराया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच एक "संभावित परमाणु युद्ध" को रोकने में भूमिका निभाई थी।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में अब तक जिन "आठ युद्धों" को उन्होंने सुलझाने का दावा किया है, उनमें केवल रूस-यूक्रेन युद्ध ही ऐसा है, जिसे वे अभी तक समाप्त नहीं कर पाए हैं।

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ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत पहले ही कई बार साफ कर चुका है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (सीज़फायर) किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं की थी।

व्हाइट हाउस में ट्रंप का ताजा बयान

सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच "गहरी नफरत" है, जिसके कारण यह युद्ध अब तक नहीं रुक पाया है।

इसी दौरान ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि चार दिन तक चले उस टकराव में "आठ विमान गिराए गए" और हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। उन्होंने कहा,"हमने पाकिस्तान और भारत के बीच एक संभावित परमाणु युद्ध रोक दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक करोड़, शायद उससे भी ज्यादा लोगों की जान बचाई। आठ विमान गिराए गए थे और युद्ध भड़क रहा था...।"

भारत कई बार कर चुका है खंडन

भारत सरकार और रक्षा प्रतिष्ठान ने ट्रंप के इन दावों को पहले भी और अब भी सिरे से खारिज किया है। खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के गिराए जाने से जुड़े दावों को लेकर भारत ने साफ कहा है कि इस तरह की खबरें भ्रामक हैं।

दरअसल, इंडोनेशिया में एक सेमिनार के दौरान भारतीय रक्षा अताशे की एक टिप्पणी को लेकर यह दावा सामने आया था। बाद में भारत ने स्पष्ट किया कि उस बयान को "संदर्भ से बाहर" पेश किया गया और उसका गलत अर्थ निकाला गया। सरकार ने कहा कि उन टिप्पणियों से ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्य और कार्रवाई की मंशा को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया था। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

इसके तीन दिन बाद, 10 मई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान "पूर्ण और तत्काल" संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं। तभी से ट्रंप अब तक 60 से अधिक बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को "सुलझाने" में मदद की। हालांकि भारत सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम की समझ 10 मई को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच सीधे बातचीत के बाद बनी थी, जिसकी पहल पाकिस्तान की ओर से की गई थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप की चिंता

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को भी खत्म कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने माना कि यह अब तक का सबसे मुश्किल संघर्ष साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाकी कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में उन्होंने समाधान में भूमिका निभाई है, लेकिन रूस-यूक्रेन का मामला अब भी अनसुलझा है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह ताजा बयान एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस का विषय बन गया है। जहां ट्रंप लगातार इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बता रहे हैं, वहीं भारत का रुख साफ और दो टूक है-सीज़फायर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सैन्य बातचीत का नतीजा था, न कि किसी विदेशी मध्यस्थता का। ऐसे में ट्रंप के दावे एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं।

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