कोरोना के बीटा वर्जन के लिए वैक्सीन का ट्रायल शुरू, 2250 लोगों को दी गई खुराक
नई दिल्ली, 28 जून। कोरोना के बीटा वर्जन पर प्रभावी वैक्सीन का अस्टारजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ट्रायल शुरू कर दिया है। कोरोना का बीटा वर्जन सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। इस बूस्टर वैक्सीन का ट्रायल में ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, पोलैंड के 2250 के लोगों पर किया गया है। इन लोगों में वो लोग भी शामिल हैं जिन्हें कोरोना की दोनों ही डोज मिल चुकी है। इन लोगों को ऑक्सफोर्ड-आस्ट्राजेनेका वैक्सीन या एमआरएनए की फाइजर वैक्सीन दी गई है। नई वैक्सीन का नाम AZD2816 जिसे आस्ट्रा जेनेका वैक्सीन के फॉर्मूले पर तैयार किया गया है जिसके जेनेटिक में थोड़ा बदलाव किया गया है और बीटा वैरिएंट को देखते हुए प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाया गया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप के डायरेक्टर और चीफ इन्वेस्टिगेटर एंड्रयू पोलार्ड ने बताया कि टेस्टिंग बूस्टर में मौजूदा कोरोना की वैक्सीन मौजूद है इसके अलावा नए वैरिएंट की वैक्सीन भी है जिससे इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि कोरोना के नए म्यूटेंट से लोगों को सुरक्षित रख सके। ब्रिटेन में टीकाकरण का सफल अभियान चलाया गया है, लेकिन एक्सपर्ट इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि यह वैक्सीन कबतक लोगों को सुरक्षा देगी। ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर महेशी रमासामी ने कहा कि स्टडी से यह जानकारी मिलेगी कि क्या कोरोना के नए वैरिेंट के लिए वैक्सीन में और बदलाव की जरूरत है या नहीं। माना जा रहा है कि इस ट्रायल के शुरुआती नतीजे इस साल के अंत तक आ सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कोरोना की मौजूदा वैक्सीन बीटा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी नहीं है, हालांकि यह वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट पर कारगर है जिसके कई मामले भारत में सामने आए हैं। देश में कोरोना का डेल्टा वर्जन लोगों की चिंता का विषय बना हुआ है, ऐसे में यह वैक्सीन लोगों के लिए राहत का काम कर रही है। माना जा रहा है कि कोरोना की मुख्य वैक्सीन गंभीर बीमारी को रोकने में काफी कारगर है। कोरोना के नए डेल्टा वैरिएंट के चलते संक्रमण की दर में काफी इजाफा देखने को मिला है, जिसमे ब्रिटेन सबसे आगे है।












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