नाव डूबी तो निर्जन टापू 33 दिन फंसे रहे 3 क्यूबाई नागरिक, नारियल और चूहे खाकर रहे जिंदा
3 Cubans Survives on Coconut: वाशिंगटन डीसी। जरा सोचिए कि अगर कोई इंसान निर्जन टापू पर फंस जाए और वहां खाने को भी कुछ न हो तो कैसे जिंदगी बीतेगी। क्यूबा के तीन लोगों के साथ ऐसा ही हुआ जब वे 33 दिनों तक बहामास के एक टापू पर फंसे रहे। इस टापू पर न कोई इंसान था न कोई जीव। 33 दिनों के बाद जब इन लोगों को यूएस कोस्ट गार्ड ने बचाया तो जो जानकारी सामने आई उससे सभी लोग हैरान रह गए।

33 दिन तक फंसे रहे सभी नागरिक
बचाये गए लोगों में दो पुरुष और एक महिला है। इन लोगों ने बताया कि इस द्वीप पर खाने के लिए कुछ भी नहीं था और वे सभी 33 दिनों तक सिर्फ नारियल खाकर जीवित रहे। बचाव दल में शामिल एक सदस्य ने बताया कि वह ये जानकर हैरान थे कि ये लोग इतने दिनों तक कैसे जीवित रहने में सक्षम थे।
बहामास के एंगुइला द्वीप पर फंसे यूएस कोस्ट गार्ड की नजर तब पड़ी जब कोस्ट गार्ड की टीम हेलीकॉप्टर से रूटीन गश्त पर निकली हुई थी। पायलट ने ऊपर से देखा तो नीचे टापू पर एक झंडा लगातार लहराया जा रहा है जिसके बाद पायलट नीचे आया तो उसे महसूस हुआ कि नीचे पर लोगों को मदद की जरूरत है।

हेलीकॉप्टर से दिया गया खाना-पानी
इन लोगों को पहली बार 8 फरवरी को फ्लोरिडा कीज और क्यूबा के बीच स्थित द्वीप पर देखा गया था। देखने के बाद चालक दल ने महसूस किया कि वे तत्काल इन लोगों की मदद कर पाने में सक्षम नहीं थे जिसके बाद हेलीकॉप्टर में बैठे लोगों ने भोजन, पानी नीचे गिरा दिया। इसके साथ ही उन लोगों से संपर्क स्थापित करने के लिए एक रेडियो भी गिरा दिया।
पायलट के साथ मुश्किल थी कि नीचे फंसे लोग स्पेनिश बोल रहे थे और हेलीकॉप्टर में कोई भी स्पेनिश समझने वाला नहीं था। किसी तरह टूटी-फूटी स्पेनिश में जो लोग समझ पाए उससे पता चला कि वे क्यूबा से थे और उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। उन लोगों ने बताया कि वे 33 दिनों से द्वीप पर थे।

नाव डूबने के बाद तैरकर पहुंचे थे द्वीप पर
ये सभी लोग अपनी नाव से समुद्र में गए थे लेकिन हादसे का शिकार हो गए जिसमें उनकी नाव टूट गई। इसके बाद वे तीनों लोग तैरकर द्वीप पर पहुंचे थे। ये एक छोटा सा द्वीप है लेकिन वहां कुछ झाड़ीदार पेड़ हैं। ये सभी लोग द्वीप पर मौजूद नारियल खाकर वहां पर जिंदा रहे। खबरों के मुताबिक इन लोगों ने जिंदा रहने के लिए द्वीप पर मौजूद चूहे और शंख भी खाकर जिंदगी बिताई।
तीनों को आखिरकार मंगलवार को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट करके द्वीप से बाहर लाया गया। बाहर लाने के बाद इन तीनों को फ्लोरिडा के एक मेडिकल सेंटर ले जाया गया जहां उनकी स्वास्थ्य जांच की गई।
इसके बाद से उन्हें अमेरिका के कस्टम और इमिग्रेशन विभाग में भेज दिया गया जहां से इन लोगों को उनके देश भेजे जाने की कार्यवाही की जाएगी। बचाव दल के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी जिंदगी में ऐसी स्थिति नहीं देखी।












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