यूक्रेन में जीत के करीब पुतिन की सेना, यूक्रेन के साथ ही हारेगा अमेरिका-NATO? जानिए पांच संभावनाएं
यूक्रेनी सेना भी लगातार रूसी आक्रमण का विरोध कर रही है और रूसी सेना भी कई बार फंसती दिख रही है, खासकर कीव की लड़ाई रूसी सैनिकों को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।
कीव/मॉस्को/वॉशिंगटन, मार्च 19: यूक्रेन युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और रूसी सेना ने युद्ध के चौथे हफ्ते में यूक्रेनी शहरों को हाइपरसोनिक मिसाइलों से निशाना बनाना शुरू कर दिया है और इसका दावा खुद रूसी रक्षामंत्रालय ने किया है। यूक्रेन में अभी भी बेगुनाहों का खून बह रहा है, लेकिन अभी तक रूसी सेना को कीव पर कब्जा करने में कामयाबी नहीं मिली है, लेकिन पुतिन ने अपने चार बड़े लक्ष्यों में से तीन को प्राप्त कर लिया है और अब रूस का आखिरी लक्ष्य कीव पर कब्जा करना ही बाकी बचा है। लेकिन, संभावना है कि, कीव पर कब्जे की लड़ाई में अभी कई दिनों का वक्त और लग सकता है। ऐसे में यूक्रेन युद्ध में फिलहाल तौर आने वाले वक्त में पांच बड़ी संभावनाएं बनती दिख रही हैं।

पहली संभावना-1- रूस जारी रखेगा हमले
यूक्रेनी सेना भी लगातार रूसी आक्रमण का विरोध कर रही है और रूसी सेना भी कई बार फंसती दिख रही है, खासकर कीव की लड़ाई रूसी सैनिकों को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। जिसके बाद रूसी सेना ने अब राजधानी कीव पर डायरेक्ट कब्जे की कोशिश बंद कर दी है और कीव की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है और यूक्रेन के बाकी शहरों पर रणनीतिक नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है। जबकि, पश्चिमी देश लगातार एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें और पोर्टेबल एंटी टैंक यूक्रेन सैनिकों को भेज रहे हैं, जिससे रूसी सेना को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं, पिछले एक हफ्ते में रूस ने हमलों में कमी की है और कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि, रूस बड़े हमले से पहले एक बार फिर से स्थिति का आकलन कर रहा है और अपनी शक्ति को पुनर्गठित कर रहा है।

पहली संभावना-2- अमेरिकी दावे में कितना दम?
अमेरिकी खुफिया का अनुमान है कि 7,000 रूसी सैनिक मारे गए हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी खुफिया विभाग की तरफ से ये जानकारी दी है, जबकि यूक्रेनी सेना ने 13 हजार ज्यादा रूसी सैनिकों को मारने का दावा किया है। लेकिन, कई रक्षा विशेषज्ञ अमेरिका और यूक्रेनी दावों को 'इनफॉर्मेशन वारफेयर' का हिस्सा बताते हुए 'युद्ध प्रोपेगेंडा' बताते हैं। हालांकि, रूस ने भी 'कितने सैनिक मारे गये हैं?' इसकी सही जानकारी नहीं दी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को यूक्रेन के लिए सैन्य सहायता के बड़े पैमाने पर नए पैकेज की घोषणा की, जिसमें एस-300 मिसाइल रक्षा प्रणाली, 100 स्विचब्लेड 'कमिकेज़' ड्रोन और हजारों और मिसाइल शामिल हैं। यानि, पहली संभावना ये है कि, यूक्रेन की राजधानी कीव की लड़ाई लंबे वक्त तक चलेगी, लेकिन अंतिम हार यूक्रेन की ही होगी और पुतिन के लिए अब 'वापसी' संभव नहीं है।

दूसरी संभावना- शांति वार्ता से युद्ध खत्म
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद दोनों पक्षों के वार्ताकारों ने बातचीत शुरू कर दी है और पहली बातचीत बेलारूस-यूक्रेन सीमा पर, फिर तुर्की में और बाद में राजधानी कीव में वर्चुअल बैठक के जरिए की जा रही है, ये बातचीत हर दिन हो रही है। युद्ध के मैदान में बढ़ते नुकसान और रूसी अर्थव्यवस्था पर पश्चिमी प्रतिबंधों को पंगु बनाना पुतिन को संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक 'चेहरा' बचाने वाला रास्ता तलाशने के लिए प्रेरित कर सकता है। इस सप्ताह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के युद्ध विशेषज्ञ रॉब जॉनसन ने लिखा है कि, "यूक्रेन रूसियों को एक विकल्प चुनने के लिए मजबूर करने में सक्षम हो सकते हैं, अगर वो बीच का रास्ता निकालने पर विचार करते हैं'। वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को कहा कि, दोनों पक्ष एक समझौते पर सहमत होने के करीब आ गये हैं, और इसके तहत यूक्रेन भी स्वीडन और ऑस्ट्रिया की तरह ना अमेरिका का और ना ही रूस के खेमे में जाएगा और न्यूट्रल रहेगा। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की पहले ही सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि उनका देश पश्चिमी नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल नहीं होगा, जो क्रेमलिन की एक प्रमुख मांग रही है।

तीसरी संभावना- रूस की घरेलू राजनीति
यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों की मीडिया लगातार दावे कर रही थी, कि यूक्रेन युद्ध से पुतिन की कुर्सी खतरे में पड़ रही है और रूस में ऐसा विद्रोह होगा, कि पुतिन को राष्ट्रपति पद से हटा दिया जाएगा। लेकिन, ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है। रूस के समाज पर पुतिन की पकड़ और भी ज्यादा मजबूत ही हो रही है। यूं तो रूसी मीडिया पहले भी स्वतंत्र नहीं थी, लेकिन अब रूस में मीडिया को पूरी तरह से फंदे में कस दिया गया है। रूस के सैकड़ों मीडियाकर्मियों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर नये कानून के तहत 15 सालों तक जेल में बंद करने की धमकी दी गई है। वहीं, रूस के लोगों को स्वतंत्र तौर पर न्यूज पढ़ने और दूसरे देशों की जानकारियां हासिल करने के सभी रास्ते बंद कर दिए गये हैं और अब लोग न्यूज पढ़ने के लिए 'VPN' का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, रूस के एक बड़े वर्ग में पुतिन की लोकप्रियता और बढ़ गई है। यानि, पुतिन और भी ज्यादा ताकतवर बनकर उभर सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि, आने वाले वक्त में रूसी अर्थव्यवस्था इतनी खराब हो जाएगी, कि पुतिन का तख्तापलट हो सकता है।

चौथी संभावना: रूस की सैन्य सफलता
अब जब युद्ध का चौथा हफ्ता शुरू हो चुका है और रूसी सैनिकों ने बेहतर हथियारों के जरिए यूक्रेनी सैनिकों के प्रतिरोध को कुचलना शुरू कर दिया है, तो पश्चिमी देशों के विश्लेषकों ने मन-मसोसकर कहना शुरू कर दिया है, कि रूस अब यूक्रेन में प्रतिरोध का खात्मा कर सकता है। एक वरिष्ठ यूरोपीय सैन्य अधिकारी ने बुधवार को आगाह करते हुए कहा कि, रूसी सेना अपने आप को फिर से संगठित कर रही है और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने की प्लानिंग कर रही है। अधिकारी ने कहा कि, ऐसा प्रतीत होता है कि डीजल और यहां तक कि इंजन स्नेहक की आपूर्ति कम होने से उन्हें रसद और मनोबल की समस्या है, जिसे वो दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, रूस ने शहरी लड़ाई के लिए सीरियाई लड़ाकों को बुलाया है, जो जल्द ही कीव में घुसने वाले हैं।

पांचवी संभावना- विश्वयुद्ध की आशंका
यूक्रेन की चार पूर्व सोवियत राज्यों के साथ सीमा है जो अब अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो सैन्य गठबंधन के सदस्य हैं, जो एक सदस्य पर हमले को सभी के खिलाफ हमला मानता है। यानि, अगर गलती से भी रूसी सेना ने किसी भी नाटो देश पर हमला किया, तो फिर नाटो को युद्ध में शामिल होने का मौका मिल जाएगा। रूस पोलैंड की सीमा के बेहद पास यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है और पोलैंड पर गलती से अगर एक भी मिसाइल या बम गिरता है, तो विश्वयुद्ध की आग सुलगने में वक्त नहीं लगेगी। वहीं, पुतिन ने रूस के परमाणु निवारक बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया है और विदेश मंत्री लावरोव ने भी चेतावनी दी है कि 'तीसरा विश्व युद्ध परमाणु युद्ध का शक्ल ले सकता है।' पश्चिमी विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की चेतावनियों को संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप को यूक्रेन पर 'नो-फ्लाई ज़ोन' जैसे विचारों पर विचार करने से रोकने के लिए एक मुद्रा के रूप में लिया जाना चाहिए।
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