भारत से अमेरिका पहुंची हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की पहली खेप, डोनाल्ड ट्रंप को मिलेगी थोड़ी राहत
नई दिल्ली। भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की पहली खेप शनिवार को अमेरिका पहुंच गई है, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को थोड़ी राहत मिली है। कोरोना वायरस से जूझ रही पूरी दुनिया की मदद के लिए भारत ने मलेरिया में इस्तेमाल की जाने वाली दवाई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया था। इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुरोध पर भारत ने अमेरिका में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 35.82 लाख गोलियों के निर्यात को मंजूरी दे दी थी जिसकी पहली खेप को पहुंचा दिया गया है।

अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने ट्वीट कर कहा, हमारे सहयोगियों को COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में शामिल करने के लिए भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की खेप नेवार्क हवाई अड्डे पर पहुंचा दी गई है। बता दें कि अमेंरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह एक फोन कॉल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भेजने की अपील की थी। मालूम हो कि भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का प्रमुख निर्माता है और दुनिया की आपूर्ति का 70 प्रतिशत उत्पादन करता है।
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ट्रंप के अनुरोध के बाद हटा बैन
भारत ने डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से किए गए अनुरोध के बाद हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात से बैन हटा दिया। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अप्रैल-जनवरी 2019-2020 के दौरान 1.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर कीमत की हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन एपीआई का निर्यात किया था। भारत के पास इस दवा को बनाने की प्रभावी क्षमता है। भारत 30 दिन में 40 टन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई बनाने की क्षमता रखता है।
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वाइन की पहचान अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा COVID-19 के संभावित उपचार के रूप में की गई है और न्यूयॉर्क में 1,500 से अधिक कोरोना वायरस रोगियों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस का खतरा पूरी दुनिया में लगातार बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर में वायरस के कारण 1 लाख 8 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 17 लाख के आंकड़े के करीब पहुंच गई है। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या इस समय अमरिका में हैं जहां यह आंकड़ा 5 लाख को पार कर गया है और 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
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