तंजानिया में फैली रहस्यमयी बीमारी, नाक से बहता रहता है खून, कई लोगों की मौत के बाद जांच टीम रवाना
अफ्रीकी देशों में अकसर रहस्यमयी बीमारी फैलती रहती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह जानवरों के साथ उनका संपर्क है। अफ्रीकी देशों में चूहों के साथ साथ कई जंगली जानवरों को लोग खा जाते हैं।

Mystery disease in Tanzania: पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया में रहस्यमय बीमारी से सनसनी फैल गई है और कम से कम पांच लोगों की मौत के बाद डॉक्टरों की टीम जांच के लिए रवाना हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों की मौत हुई है, उनके सिर में काफी तेज दर्द शुरू हुआ था और तेज बुखार के बाद नाक से खून का बहना शुरू हुआ और फिर मरीज की मौत हो गई। केन्या के ठीक दक्षिण में स्थित पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया के स्वास्थ्य प्रमुखों ने इस बीमारी को काफी 'अजीब' बताया है। वहीं, अधिकारियों ने बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टरों की एक टीम भेजी है। वहीं, रिपोर्ट है कि, कगेरा के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में कई और मामले दर्ज किए गए हैं।
बीमारी के क्या हैं लक्षण?
तंजानिया सरकार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, तुमैनी नागू ने बीबीसी को बताया, कि बीमारी के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, थकान और नाक से खून आना शामिल है। नागू ने कहा, कि "सरकार ने रैपिड रिस्पांस टीम के तहत प्रोफेशनल्स की एक टीम बनाई है, जो इस अज्ञात बीमारी की जांच कर रही है।" नागू ने कहा, कि कगेरा क्षेत्र के निवासियों को संक्रमित लोगों के संपर्क से बचने के लिए कहा गया है और लोगों से कहा गया है, कि वो घबराए नहीं। आपको बता दें, कि पिछले साल जुलाई में, तंजानिया के दक्षिणी क्षेत्र लिंडी में समान लक्षण वाले तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस समय 20 से ज्यादा मामले सामने आए थे। लिंडी में जो बीमारी फैली थी, जांच के बाद उस बीमारी की पहचान लेप्टोस्पायरोसिस के रूप में की गई थी, जिसे वेइल की बीमारी भी कहा जाता है।
स्थानीय कहते हैं वील की बीमारी
वील की बीमारी चूहों, गायों, सूअरों और कुत्तों सहित जानवरों के मूत्र से फैलने वाला एक दुर्लभ संक्रमण है। इस लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होना और भूख न लगना शामिल हैं। संक्रमण के गंभीर मामलों में मरीज का पूरा शरीर पीला हो जाता है और आंखें, टखनों, पैरों या हाथों में सूजन हो जाता है। इसके साथ ही सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ के साथ साथ मरीज को खून की खांसी होने लगती है। इस बीमारी का एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है और इसे ठीक होने में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक का समय लग सकता है। लेकिन उपचार के बिना, संक्रमण से ठीक होने में महीनों लग सकते हैं, वहीं, किडनी और लीवर फेल होने से मरीज की मौत भी हो सकती है। वहीं, फिलहाल तंजानिया में जो बीमारी फैली है, डॉक्टर उसकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।












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