महिला ने पहने थे टाइट कपड़े तो तालिबान ने छीन ली जान, कहा- 12 साल से ऊपर की हर लड़की तालिबान की
अफगानिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने जिन इलाकों में कब्जा किया है, वहां के लोगों से कहा गया है कि 12 साल की उम्र की लड़कियों को वो तालिबानी लड़ाकों को सौंप दें।
बल्ख प्रांत, अगस्त 09: कट्टरपंती सुन्नी इस्लामी संगठन तालिबान महिलाओं पर अपने जुल्म के लिए जाना जाता है और इस बार तालिबान की जुल्म और बर्बरता का शिकार बनी है एक महिला, जिसमें टाइट पकड़े पहने हुए थे। अफगानिस्तान के उत्तरी बल्ख प्रांत में तंग कपड़े पहनने और एक पुरुष रिश्तेदार के साथ नहीं होने के कारण तालिबान ने एक युवा महिला का सिर कलम कर दिया है। वहीं, तालिबान ने अपने कब्जे वाले इलाकों में अपने लड़ाकों को 12 साल की बच्चियों को उठाने की आजादी दे दी है।

महिला की तालिबान ने ली जान
अफगानिस्तान में 'रेडियो आज़ादी' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "तालिबान के नियंत्रण वाले समर कांड गांव में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई।" पुलिस के अनुसार, 21 साल की महिला की पहचान नाज़नीन के रूप में हुई है। महिला पर उस समय हमला किया गया, जब वह घर से अकेले निकलकर मजार-ए-शरीफ के लिए वाहन में सवार होने वाली थी। पुलिस ने यह भी कहा कि हमले के समय नाज़नीन ने बुर्का पहना हुआ था, फिर भी उसकी हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसने कुछ टाइट कपड़े पहने हुए थे और उसके साथ कोई पुरूष रिश्तेदार नहीं था। तालिबान के नियंत्रण में रहने वाले अफगानों ने कहा है कि तालिबान ने महिलाओं के बाहर काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

12 साल की उम्र की लड़कियों के लिए फरमान
अफगानिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने जिन इलाकों में कब्जा किया है, वहां के लोगों से कहा गया है कि 12 साल की उम्र की लड़कियों को वो तालिबानी लड़ाकों को सौंप दें। वहीं, तालिबान ने अपने लड़ाकों को आजादी दे दी है कि वो 12 साल की उम्र की लड़की को कभी भी उसके घर से ले जा सकते हैं। वहीं, तालिबान ने कहा कि विधवा महिलाओं को भी घर से ले जाने के लिए तालिबानी लड़ाके पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि तालिबान महिलाओं और बच्चियों के साथ भयानक बर्बरता करने वाले हैं।

महिलाओं के लिए तालिबान के नियम
तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी प्रांत तखर में हाल ही में कब्जा किए गए जिलों में नए कानून और नियम जारी कर दिए हैं, जिनमें महिलाओं को अकेले घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का आदेश दिया गया है। अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज ने तखर में नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान ने लड़कियों के लिए दहेज के नियम भी तय कर दिए हैं। एरियाना न्यूज ने तखर में एक नागरिक सामाजिक कार्यकर्ता मेराजुद्दीन शरीफी के हवाले से कहा है कि, "तालिबान ने एक बयान में महिलाओं से एक रिश्तेदार (मोहरम) के बिना बाहर नहीं निकलने का हुक्म किया है। साथ ही पूरूषों के लिए तालिबान ने दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है।" शरीफी ने यह भी कहा कि "तालिबान बिना सबूत के मुकदमे भी चलाना शुरू कर चुका है"।

तालिबान का दहशत वाला कानून
तालिबान ने अतीत में इस्लामी शासन को बेहद कठोरता से लागू किया था और एक बार फिर से तालिबान ने इस्लामी कानून को लागू करने का ऐलान कर दिया है। अतीत में तालिबान ने इस्लामी कानून के तहत लड़कियों की पढ़ाई को बंद करवा दिया था और महिलाओं को अकेले घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। 2001 में अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान आने से पहले तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान में जंगल राज कायम कर दिया था और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बर्बर कार्रवाई की जाती थी। महिलाओं की सड़कों पर पिटाई की जाती थी, यातनाएं दी जाती थी और तालिबान की इस्लामी पुलिस महिलाओं पर सख्ती से तालिबानी कानून लागू करती थी।












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