इंसानियत का दुश्मन बन चुका है तालिबान, गर्भवती महिला पुलिस अधिकारी को परिवार के सामने पेट में मारी गोली

पिछली सरकार में घोर प्रांत के जेल में महिला एक पुलिस अधिकारी थी और वो 6 महीने की गर्भवती थी। चश्मदीदों ने इस बात की पुष्टि की है कि उसे तालिबान ने ही निशाना बनाया है।

काबुल, सितंबर 06: एक तरफ दुनिया जहां चांद और मंगल पर रिसर्च कर रही है, उस वक्त अफगानिस्तान को सैकड़ों साल पीछे कबीलों के युग में ले जाने की कोशिश कर रहा है इस्लामिक आतंकवादी संगठन तालिबान हर दिन बर्बरता की नई हदें पार कर रहा है। इस बार इस्लामिक आतंकवादी संगठन तालिबान ने एक गर्भवती महिला के साथ जो सलूक किया है, उसे दिल दहलाने वाला है।

गर्भवती महिला से क्रूरता

गर्भवती महिला से क्रूरता

अफगानिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठन महिलाओं के खिलाफ हिंसा की नई नई क्रूर कहानियां लिख रहा है। ताजा घटना में एक गर्भवती महिला पुलिसकर्मी को तलिबान के आतंकियों ने परिवार के सामने गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट में कहा गया है, कि बानू निगारा नाम की महिला पुलिसकर्मी की फिरोजकोह में उसके घर पर उसके पति और बच्चों के सामने हत्या कर दी गई थी। अफगानिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ने ट्वीट कर महिला की हत्या की पुष्टि की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, ''घोर प्रांत में कल रात 10 बजे महिला पुलिसकर्मी निगारा की उसके बच्चों और पति के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। निगारा 6 महीने की गर्भवती थी, तालिबान ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी,"।

तालिबान ने किया इनकार

तालिबान ने किया इनकार

वहीं, तालिबान ने इस बात से इनकार किया है कि वे महिला पुलिस अधिकारी निगारा की हत्या में शामिल थे। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बीबीसी को बताया कि, "हम घटना से अवगत हैं और मैं पुष्टि कर रहा हूं कि तालिबान ने उसे नहीं मारा है, हमारी जांच जारी है।" मुजाहिद ने कहा कि "व्यक्तिगत दुश्मनी या कुछ और होने की वजह से पुलिसकर्मी की हत्या की गई होगी।'' मुजाहिद ने कहा कि ''तालिबान ने पहले ही पिछले प्रशासन के लिए काम करने वाले लोगों के लिए माफी की पुष्टि कर दी थी।''

चश्मदीदों ने क्या कहा?

चश्मदीदों ने क्या कहा?

चश्मदीदों ने बीबीसी को बताया कि, तालिबान ने शनिवार को महिला को उसके पति और बच्चों के सामने पीटा और गोली मार दी, क्योंकि दूसरे लोग तालिबान के खिलाफ प्रतिशोध के डर से बोलने से डरते थे। उन्होंने कहा कि तीन बंदूकधारी शनिवार को घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को बांधने से पहले उसकी तलाशी ली।'' बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक चश्मदीद गवाह ने बताया कि, ''वे अरबी बोल रहे थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें उनके शरीर को फर्श पर पड़ा हुआ दिखाती हैं और उनका चेहरा क्षत-विक्षत है।''

पुलिस विभाग में थी अधिकारी

घोर में एक नागरिक कार्यकर्ता ने एतिलात्रोज़ को बताया कि, तालिबान के हाथ में पूरे क्षेत्र के कंट्रोल में आने से पहले महिला अधिकारी प्रांतीय जेल में बतौर पुलिस अधिकारी काम कर रही थी। बताया जा रहा है कि, पुलिसकर्मी की हत्या, एक महिला कार्यकर्ता के बाद हुई है, जिसने तालिबान शासन के तहत राजनीतिक अधिकारों की मांग करते हुए काबुल में एक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। महिला ने आरोप लगाया था कि पिछले शनिवार को तालिबान के लड़ाकों ने उसे पीटा था। एक वीडियो में एक्टिविस्ट नरगिस सद्दात के चेहरे से खून बहता हुआ देखा गया था।

झूठ बोल रहा है तालिबान

झूठ बोल रहा है तालिबान

चश्मदीदों ने कहा है कि तालिबान ने ही महिला अधिकारी की गोली मारकर हत्या की है। वहीं, पुलिसकर्मी की हत्या ऐसे समय में भी हुई है जब पिछले महीने तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के बाद दर्जनों अफगान महिलाओं ने सरकार गठन में अधिकारों और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। तालिबान ने कहा है कि वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेंगे और एक समावेशी सरकार बनाएंगे, लेकिन अफ़गानों को आश्वासनों पर संदेह है और उन्होंने देश भर में तालिबान की बर्बरता की ओर इशारा किया है।

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