इमरान खान ने दिया इशारा, काबुल जीतने की तैयारी में तालिबान, ISI ने बनाया प्लान अफगानिस्तान
पाकिस्तान से भरपूर मदद पाकर ही तालिबान ने अब तक अफगानिस्तान के पांच प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा जमाया है और अब पाकिस्तान ने तालिबान से कहा है कि वो अफगान-ईरान मार्ग के संपर्क को काट दे...
काबुल, अगस्त 10: अफगानिस्तान के पांच प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा जमाने के बाद अब तालिबान का अगला टार्गेट देश की राजधानी काबुल पर हमला करना है और इसके लिए उसे पाकिस्तान से इजाजत मिल गई है। पाकिस्तान से इशारा मिलने के बाद अब तालिबान ने काबुल फतह करने के लिए प्लानिंग करनी शुरू कर दी है, वहीं पाकिस्तान ने हथियार, खाने-पीने का सामान और मेडिकल सामानों की आपूर्ति भी तालिबान को तेज कर दी है और माना जा रहा है कि बहुत जल्द तालिबान देश की राजधानी पर हमला करने वाला है।

काबुल के लिए तालिबान की प्लानिंग
पाकिस्तान से भरपूर मदद पाकर ही तालिबान ने अब तक अफगानिस्तान के पांच प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा जमाया है और अब पाकिस्तान ने तालिबान से कहा है कि वो अफगान-ईरान मार्ग के संपर्क को काट दे, ताकि काबुल की रक्षा के लिए ईरान का साथ नहीं मिल पाए और इसके साथ ही अफगान सरकार को राजस्व मिलना भी बंद हो जाए। लिहाता ईरान-काबुल आपूर्ति लाइन को काटने की कोशिश में तालिबान लग गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान चाहता है कि जल्द से जल्द तालिबान काबुल पर कब्जा कर ले, ताकि पाकिस्तान सही तरीके से दुनिया के दूसरे देशों को ब्लैकमेल कर सके।

आईएसआई से मिला तालिबान को इशारा
काबुल में एक राजनयिक ने खुलासा करते हुए कहा है कि ''तालिबान के पास एक क्वेटा शूरा (उच्च परिषद) और एक मिरामशाह शूरा है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण रावलपिंडी शूरा है, जो आईएसआई का मुख्यालय है, जो इस्लामी सुन्नी पश्तून बल (तालिबान) के पीछे की असली शक्ति है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पूर्व भारतीय विदेश सचिव ने कहा कि, "तालिबान द्वारा काबुल पर सैन्य कब्जा न केवल पाकिस्तान को रणनीतिक स्थान देगा, बल्कि अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए प्रशिक्षित आतंकवादी कैडर भी देगा।"

दो दिनों में 5 प्रांतीय राजधानी पर कब्जा
तालिबान ने दो दिनों में पांच प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा करते हुए अपने अभियान को तेज कर दिया है। सबसे ताजा कब्जा उत्तरी अफगानिस्तान में स्थिति कुंदुज प्रांत की राजधानी कुंदुज है, जो रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही तालिबान ने सर-ए-पुल, पश्चिमी निम्रोज़ प्रांत की राजधानी ज़ारंज, उत्तरी ज़ॉज़्जान प्रांत की राजधानी शेबर्गन और एक अन्य उत्तरी प्रांत की राजधानी तालेकन को अपने कब्जे में ले लिया है। तालिबान लड़ाकों ने सोमवार को उत्तरी प्रांत समांगन की राजधानी अयबक पर कब्जा कर लिया।

ईरान सीमा के पास भीषण संघर्ष
हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह भी उनके कब्जे में है। तालिबानी लड़ाके पूर्वी अफगानिस्तान में लगमान प्रांत को भी निशाना बना रहे हैं। वहीं, अबशर पंजशीर और शाहीन जिलों के बीच सीमा पर क्षेत्र पर हमला कर रहे हैं। वहीं, पश्चिम में ईरान के साथ सीमा के पास सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि, हेरात के बाहरी इलाके में भारी लड़ाई चल रही है। अधिकारियों ने कहा कि पिछले 11 दिनों में 36 लोग मारे गए हैं और 220 घायल हुए हैं। घायलों में आधे से ज्यादा आम नागरिक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बदख्शां में भी जमकर संघर्ष चल रहा है और तालिबान अब इस प्रांत पर कब्जा करने पर तुला हुआ है। वहीं अफगान सुरक्षा बलों ने भी तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज कर खा है और सैकड़ों तालिबानी आतंकियों को काल के गाल में भेजा है। अफगान सेना ने एक बयान में कहा कि, तालिबान लड़ाकों ने शनिवार को फैजाबाद पर चार दिशाओं से हमला किया, लेकिन कड़े प्रतिरोध का सामना करने के बाद वो भाग खड़े हुए। सेना ने आगे कहा कि मुठभेड़ में 35 हमलावर मारे गए और 25 अन्य घायल हो गए।

करीब 600 तालिबानी आतंकी मारे गये
अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बल ने कहा कि रविवार को पूरे अफगानिस्तान में सैन्य अभियान में 579 तालिबान आतंकवादी मारे गए और 161 अन्य घायल हो गए। तालिबान की समस्या का समाधान निकालने के लिए राष्ट्रपति अशरफ गनी लगातार बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को देश के प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेताओं से मुलाकात की और निर्वाचित सरकार और अफगान सुरक्षा बलों के लिए उनके समर्थन का आग्रह किया। उन्होंने अफगानिस्तान के व्यापारिक समुदाय द्वारा अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद सीमा पार चौकियों और बंदरगाहों पर बुनियादी खाद्य पदार्थों पर शुल्क में छूट की घोषणा की है। वहीं, तालिबान के संभावित हमले को देखते हुए अमेरिकी एफ-16 फाइटर एयरक्राफ्ट लगातार राजधानी की रक्षा कर रहे हैं, वहीं दो और अमेरिकी विध्वंसक जहाज राजधानी की रक्षा में जुटे हुए हैं।












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