TTP ने पाकिस्तानी सैन्य छावनी पर बोला जबरदस्त हमला, कई जवानों की मौत, अधिकारियों को बनाया बंधक
तहरीक-ए-तालिबान, पाकिस्तान के अंदर शरिया शासित शासन की स्थापना करना चाहता है और चूंकी पाकिस्तानी समाज का ब्रेन वॉश हो चुका है, लिहाजा इस आतंकी संगठन के लिए हमले करना काफी आसान हो चुका है।
Taliban Attack On Pakistan: तहरीक-ए-तालिबान ने पाकिस्तान के ऊपर जबरदस्त हमला किया है और पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में तालिबान आतंकवादियों ने एक आतंकवाद रोधी केंद्र पर कब्जा कर लिया और कई सैन्य अधिकारियों को बंधक बना लिया। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीटीपी के हमले में पाकिस्तानी सेना के कई जवानों की मौत हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए एक सैन्य अधिकारी ने आतंकवादियों द्वारा सैन्य अधिकारियों को बंधक बनाने की बात की पुष्टि की गई है और कहा गया है, कि स्थिति को कंट्रोल करने के लिए दूसरी चौकियों से सेना को भेजा जा रहा है।

पाकिस्तान पर भीषण हमला
पाकिस्तानी मीडिया ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के हवाले से दावा किया है, कि टीटीपी के आतंकवादियों ने सैन्य छावनी पर भीषण हमला किया है और छावनी को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, स्थानीय पुलिस ने कहा है, कि कई मोस्ट वांटेड आतंकवादियों को रिहा करवा लिया है। पुलिस के मुताबिक, बन्नू सैन्य छावनी में आतंकवादी निरोधी विभाग (CTD) पर हमला किया गया है और कई सैन्य अधिकारियों को बंधक बना लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के जवानों को तुरंत उस इलाके में भेजा गया है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। वहीं, स्थानीय निवासियों को घर के अंदर रहने के लिए कहा गया है।
आतंकियों ने जारी किया वीडियो
सीटीडी परिसर के अंदर से टीटीपी आतंकवादियों ने एक एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है, कि नौ सैन अधिकारियों को उन्होंने बंधक बनाकर रखा है और बंधकों को रिहा करने के लिए हवाई मार्ग से अफगानिस्तान जाने के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग की है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक बैरिस्टर मोहम्मद अली सैफ ने हालांकि कहा कि, आतंकवाद के संदेह में हिरासत में लिए गए कुछ संदिग्धों ने साइट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है।" एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए पाकिस्तानी अखबार डॉन ने कहा कि, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के लगभग 25 सदस्यों को सीटीडी केंद्र में गिरफ्तार कर रखा गया था और उनसे पूछताछ की जा रही थी, उसी वक्त उन्होंने जवानों से बंदूकें छीन लीं और उन्हें ही बंधक बना लिया।

किस जगह पर हुई है घटना
अधिकारियों ने बताया कि, यह घटना दक्षिण वजीरिस्तान कबायली जिले की सीमा से सटे लक्की मरवत में एक सैन्य छावनी पर आतंकवादियों के हमले के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें चार जवान मारे गए है और चार ही घायल हो गए हैं। आपको बता दें कि, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है और उन्होंने संघर्ष विराम को भी रद्द कर दिया है। टीटीपी ने पूरे पाकिस्तान में हमले करने की घोषणा की है। तहरीक-ए-तालिबान को पाकिस्तान अफगान तालिबान से अलग मानता है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है, कि दोनों संगठन एक ही हैं और पाकिस्तान अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए उन्हें अलग अलग कहता है। टीटीपी की स्थापना 2007 में एक छात्र संगठन के तौर पर हुई थी और उसे अल-कायदा का भी काफी करीबी माना जाता है। टीटीपी पाकिस्तान के अंदर कई भीषण हमले कर चुका है, जिसमें 2009 में सेना मुख्यालय पर भीषण हमला, सैन्य ठिकानों पर हमले, 2009 में इस्लामाबाद स्थिति मैरियट होटल पर हमला और एक सैनिक स्कूल पर भीषण हमला भी शामिल है।

निशाना बनाकर कर रहे हमले
पाकिस्तानी अखबार द न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य अधिकारियों ने बताया कि, आतंकवादी पिछले कुछ हफ्तों से खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न जिलों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के लिए नाइट विजन थर्मल गॉगल्स के साथ लेटेस्ट स्नाइपर गन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस साल विभिन्न प्रकार के हमलों में करीब 116 पुलिसकर्मी मारे गए हैं, जबकि प्रांत में 110 से अधिक अन्य घायल हुए हैं। ताजा हमला लक्की मरवत के दूरस्थ इलाके के पुलिस थाने पर किया गया जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए और इतने ही घायल हो गए। पिछले कई महीनों से अलग-अलग जिलों में पुलिस पर हमलों में ऑटोमेटिक हथियारों के अलावा हथगोले का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय पुलिस कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2022 में अब तक 170 आतंकवादी मारे जा चुके हैं और 784 गिरफ्तार किए गये हैं।












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