तालिबान कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, अफगानिस्तान में महिलाओं के खेलने पर प्रतिबंध की घोषणा की

तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं के खेल पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

काबुल, सितंबर 08: मंगलवार को अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का का निर्माण करने के बाद तालिबान ने उम्मीदों के मुताबिक ही फैसला लेते हुए महिलाओं के खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। तालिबान ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अब अफगानिस्तान में कोई भी महिला कोई भी खेल नहीं खेलेगी। अफगानिस्तान में महिलाओं के खेल पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

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    महिलाओं के खेलने पर प्रतिबंध

    महिलाओं के खेलने पर प्रतिबंध

    तालिबान ने बुधवार को कहा कि अफगान महिलाएं क्रिकेट सहित दूसरे खेलों में भाग नहीं ले सकतीं क्योंकि खेलने की वजह से उनके जिस्म का हिस्सा कपड़ों से बाहर आता है। तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्ला वासिक ने मीडिया को बताया कि महिलाओं के लिए किसी खेल में हिस्सा लेना कोई जरूरी नहीं है, इसीलिए अब अफगानिस्तान की महिलाएं कोई खेल नहीं खेलेंगी। इसी हफ्ते की शुरुआत में तालिबान ने फैसला किया था कि केवल महिला शिक्षक ही महिला छात्रों को पढ़ा सकती है। और अगर शिक्षकों की कमी होती है तो बूढ़े आदमी महिलाओं को पढ़ा सकते हैं।

    अबाया और नकाब पहनना जरूरी

    अबाया और नकाब पहनना जरूरी

    तालिबान ने कहा कि निजी अफगान विश्वविद्यालयों में भाग लेने वाली महिलाओं को अबाया वस्त्र (पूरी लंबाई की पोशाक) और नकाब (परिधान जो चेहरे को ढंकता है) पहनना अनिवार्य है। तालिबान के मंत्री ने कहा कि, महिलाओं और पुरूष लिंग के आधार पर अलग अलग हैं, लिहाजा उन्हें अलग अलग रहना चाहिए और पढ़ाई के दौरान भी उनके बीच कोई ना कोई पर्दा होना चाहिए। तालिबानी मंत्री ने कहा कि, यह फरमान निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों पर लागू होता है, जो 2001 में तालिबान के पहले शासन के समाप्त होने के बाद से फले-फूले हैं। इस बीच तालिबान ने मंगलवार को मुल्ला हसन अखुंद के नेतृत्व में एक नई अफगानिस्तान सरकार के गठन की घोषणा की है। तालिबान के एक प्रवक्ता ने अफगानिस्तान में सत्ता की बागडोर संभालने के हफ्तों बाद तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह एक "कार्यकारी" सरकार होगी और स्थायी नहीं होगी।

    शिक्षा पर तालिबानी मंत्री का 'ज्ञान'

    शिक्षा पर तालिबानी मंत्री का 'ज्ञान'

    इससे पहले तालिबान के शिक्षा मंत्री शेख मौलवी नूरुल्ला मुनीर ने कहा है कि पीएचडी और मास्टर डिग्री जरूरी नहीं हैं, मुल्ला वैसे ही सबसे ज्यादा महान होते हैं। मौलवी नूरुल्ला मुनीर ने कहा कि, मुल्लाओं के पास कोई डिग्री नहीं है फिर भी वो सबसे ज्यादा महान हैं। मौलवी नूरुल्ला मुनीर ने कहा कि, ''आप देखते हैं कि मुल्ला और तालिबान के जो नेता सत्ता में आए हैं, उनके पास कोई पीएचडी डिग्री नहीं है, उनके पास कोई मास्टर्स डिग्री नहीं है, उनके पास हाईस्कूल की भी डिग्री नहीं है, लेकिन फिर भी वो सबसे महान हैं'' आपको बता दें कि तालिबान का नया शिक्षा मंत्री के पास कोई डिग्री नहीं है और उसने मदरसे से पढ़ाई की है, जहां उसे कट्टरपंथी बनाया गया और पश्चिमी शिक्षा के खिलाफ भड़काया गया। हालांकि, ये अलग बात है कि पश्चिमी देशों द्वारा बनाए गये हथियार और टेक्नोलॉजी पर ही तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है। क्योंकि तालिबान ने अभी तक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक ब्लेड तक का निर्माण नहीं किया है, लेकिन पश्चिमी देशों के द्वारा बनाए गये बमों से हजारों मासूमों को उड़ा चुका है।

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