डिप्लोमेसी, इकोनॉमी और ट्रेड.. दोस्ती की तरफ बढ़ रहे हैं भारत-तालिबान? अधिकारियों की मुलाकात, क्या हुई बात

India-Taliban News: डिप्लोमेटिक संबंध, इकोनॉमिक सहयोग और कारोबार.. भारतीय अधिकारियों से जब तालिबान शासन के अधिकारी मिले, तो उन्होंने अफगानिस्तान के विकास के लिए कई सारी डिमांड्स रखी हैं।

पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान (पीएआई) डिवीजन के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह ने गुरुवार को अफगानिस्तान में तालिबान शासन के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की है, जिसको लेकर तालिबान शासन ने दावा किया है, कि इस मुलाकात के दौरान भारत ने काबुल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के साथ साथ आपसी व्यापार के विकास को लेकर भी दिलचस्पी दिखाई है।

taliban afghanistan relation

तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बाल्खी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, कि जेपी सिंह और मुत्ताकी ने द्विपक्षीय अफगानिस्तान-भारत संबंधों, आर्थिक और ट्रांजिट मामलों और सुरक्षा पर चर्चा की है।

भारत और तालिबान अधिकारियों की मुलाकात

तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, अब्दुल क़हर बाल्खी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है, कि "आज, अफहान-ईरान-पाकिस्तान के लिए भारत गणराज्य के विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव, जेपी सिंह ने इस्लामिक अमीरात अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में अफगानिस्तान-भारत संबंधों, अर्थव्यवस्था और ट्रांजिट मामलों, आईएसआईएस से लड़ने और देश में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत की गई है।"

उन्होंने दावा किया, कि भारत अफगानिस्तान के साथ राजनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने में दिलचस्पी रखता है।

उन्होंने कहा, "सिंह ने कहा है, कि भारत अफगानिस्तान के साथ राजनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से व्यापार बढ़ाने में रुचि रखता है।"

बाल्खी ने कहा, कि मुत्ताकी ने वरिष्ठ भारतीय राजनयिक से अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा, कि "मानवीय सहायता के लिए भारत का आभार व्यक्त करते हुए, एफएम मुत्ताकी ने कहा, कि हमारी संतुलित विदेश नीति के अनुरूप, तालिबान, अफगानिस्ता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अभिनेता के रूप में भारत के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है। इसके अलावा, एफएम मुत्ताकी ने भारत के संयुक्त सचिव से अफगान व्यापारियों, बीमारों और छात्रों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया।"

वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई ने अफगानिस्तान के बयान के हवाले से बताया है, कि दोनों पक्षों ने अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार का मुकाबला करने के उपायों पर भी चर्चा की।

तालिबान से संबंध बढ़ाता भारत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और तालिबान अधिकारियों के बीच की ये मुलाकात काबुल में हुई है। सालों तक युद्धग्रस्त रहने के बाद तालिबान ने एक बार फिर से साल 2021 के अगस्त महीने में अफगानिस्तान पर नियंत्रण हासिल कर लिया, लेकिन वो अभी भी अंतर्राष्ट्रीय मान्यता का इंतजार कर रहा है। भारत ने भी अभी तक तालिबान शासन को मान्यता नहीं दी है।

भारत चाहता है, कि अफगानिस्तान में जिस शासन की स्थापना हो, उसमें एक समुदाय की भागीदारी हो, क्योंकि अफगानिस्तान में कई तरह के अलग अलग समुदाय के लोग रहते हैं। इसके अलावा, भारत महिलाओं के सारे अधिकार के साथ साथ चुनाव भी चाहता है।

तालिबान के सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद नई दिल्ली ने काबुल दूतावास से अपने अधिकारियों को वापस बुला लिया था। लेकिन, जून 2022 में भारत ने अफगानिस्तान में अपनी राजनयिक उपस्थिति को फिर से स्थापित करते हुए, काबुल में अपने दूतावास में एक तकनीकी टीम तैनात की। वहीं, भारत ने तालिबान के राजदूत को भी नई दिल्ली में आने की इजाजत दी है, लेकिन शर्त ये है, कि वो तालिबान का झंडा नहीं लगा सकते। उन्हें अफगानिस्तान का पुराना झंडा ही लगाना होगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+