काबुल में तालिबान ने की चढ़ाई, सरकार से फौरन सत्ता तालिबान के हवाले करने को कहा, भीषण जंग की खबर
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी काबुल में चारों तरफ से तालिबान के लड़ाके घुस गये हैं और कई जिलों पर कब्जा कर लिया है।
काबुल, अगस्त 15: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आखिरी जंग की शुरूआत हो गई है। तालिबान के लड़ाकों के साथ अफगान सेना की भीषण जंग चल रही है, जिसकी वजह से राजधानी काबुल के कई हिस्सों में अफरा-तफरी मच चुकी है। लड़ाई में सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक काबुल में चारों तरफ से तालिबान के लड़ाके घुसे हैं और सरकारी फोर्स उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है। काबुल से आ रही ताजा तस्वीरों में शहर के ऊपर काफी धुंआ देखा जा रहा है तो लगातार गोलियों की आवाज सुनी जा रही है। वहीं, तालिबान के प्रवक्ता ने अलजजीरा से बात करते हुए कहा है कि उनके लड़ाके अभी तक काबुल शहर में नहीं दाखिल हुए हैं और वो राजधानी में खून-खराबा नहीं चाहते हैं। वहीं, तालिबान ने सरकार के सामने इस्तीफा देने का शर्त रखा है। वहीं, अफगानिस्तान के कार्यवाहक आंतरिक मंत्री अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने कहा है कि, राजधानी काबुल पर हमला नहीं होने दिया जाएगा और सत्ता का ट्रांसफर शांतिपूर्वक होगा। उन्होंने काबुल निवासियों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे

काबुल में तालिबान
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी काबुल में चारों तरफ से तालिबान के लड़ाके घुस गये हैं और भीषण गोलीबारी की आवाज आ रही है। वहीं, अफगानिस्तान वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी लगातार शहर में उड़ान भर रहे हैं। माना जा रहा है कि अब अफगानिस्तान में कुछ ही घंटे की सरकार बची है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के ऊपर धुएं के गुबार नजर आ रहे हैं और भारी गोलीबारी की आवाज सुनाई दे रही है। वहीं, अमेरिका ने आपातकालीन ऑपरेशन चलाते हुए अपने दूतावास से अधिकारियों को निकालना शुरू कर दिया है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने तमाम संवेदनशील दस्तावेजों को जला दिया है।
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तालिबान का बयान
राजधानी काबुल में तालिबान के घुसने की पुष्टि अफगान सरकार की तरफ से की जा चुकी है, वहीं तालिबान ने कहा है कि वो जबरदस्ती राजधानी पर कब्जा नहीं करेगा। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के लड़ाके सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा हिस्सों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी काबुल का क्षेत्रफल काफी ज्यादा है, लिहाजा तालिबान के लिए काबुल पर कब्जा करना इतना आसान नहीं होने वाला है, लेकिन राजधानी में लोग काफी डरे हुए हैं और ज्यादादर दुकाने बंद हैं। वहीं, कई देशों के पत्रकारों ने भारत सरकार से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए मदद मांगी है। तालिबान ने अलजजीरा से बात करते हुए अफगान सरकार से सत्ता छोड़कर तालिबान के हाथ में सत्ता सौंप देने का शर्त रखा है और तालिबान की तरफ से कहा गया है वो काबुल में खून-खराबा नहीं चाहते हैं, लिहाजा सरकार को शांति के साथ सत्ता तालिबान के हाथ में सौंप देनी चाहिए।

नागरिकों को निकाल रहा अमेरिका
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका अपने नागरिकों को अफगानिस्तान के अलग अलग शहरों से निकालने के लिए राजधानी काबुल में और अधिक सैनिकों को भेज रहा है। जलालाबाद के पतन ने तालिबान को पाकिस्तान के पेशावर शहर की ओर जाने वाली सड़क का नियंत्रण दे दिया है, जो अफगानिस्तान में मुख्य राजमार्गों में से एक है। वहीं, अमेरिका की तरफ से साफ किया गया है कि काबुल पहुंचने वाले सैनिकों का काम सिर्फ वहां मौजूद अमेरिकन्स को बाहर निकालना है।

सभी प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा
लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के नियंत्रण में अब सभी प्रांतीय राजधानियां, जरंज, शेबरघन, सर-ए-पुल, कुंदुज, तालोकान, अयबक, पुल-ए-खुमरी, फैजाबाद, गजनी, फ़िरस कोह, काला-ए-नव हैं। कंधार, लश्कर गाह, हेरात, पुल-ए-आलम, मजार-ए-शरीफ और जलालाबाद पर भी तालिबान का नियंत्रण है और अब काबुल पर तालिबान का कब्जा होना वक्त की बात रह गई है।












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