दुनिया के सबसे खतरनाक जेल में बंद था कुख्यात अब्दुल कय्यूम, अब संभालेगा अफगानिस्तान का रक्षा मंत्रालय
तालिबान ने दुनिया के सबसे खतरनाक जेल में बंद कुख्यात अब्दुल कय्यूम को अफगानिस्तान का नया रक्षा मंत्री बनाया है।
काबुल, अगस्त 25: अफगानिस्तान के नए शासकों ने दुनिया के सबसे खतरनाक जेल ग्वांतानामो बंद पूर्व कैदी अब्दुल कय्यूम जाकिर को तालिबान शासन का कार्यवाहक रक्षा मंत्री घोषित किया है। कतर स्थित अल जजीरा समाचार चैनल ने मंगलवार को नये रक्षा मंत्री के नाम की घोषणा की है।
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तालिबान का नया रक्षा मंत्री
पझवोक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबाकि, इससे पहले दिन में तालिबान ने अफगानिस्तान में एक नया वित्त मंत्री, एक खुफिया प्रमुख और एक कार्यवाहक आंतरिक मंत्री नियुक्त किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने घोषणा की है कि गुल आगा अफगानिस्तान का अगला वित्त मंत्री होगा और सदर इब्राहिम कार्यवाहक आंतरिक मंत्री होगा। इसके साथ ही तालिबान ने नजीबुल्लाह को खुफिया प्रमुख घोषित किया है, जबकि मुल्ला शिरीन को काबुल का गवर्नर बनाया गया है। वहीं, तालिबान ने हमदुल्ला नोमानी को राजधानी काबुल का नया मेयर घोषित किया है।

सबसे खतरनाक जेल में था बंद
ग्वांतानामो बे क्यूबा में स्थित है और इस जेल को दुनिया का सबसे खतरनाक जेल कहा जाता है। इस जेल को 2011 में अमेरिका में आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया था। इस जेल में अमेरिका के सबसे खूंखार कैदियों को रखा जाता है। माना जाता है कि इस जेल में सबसे ज्यादा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कैदी बंद हैं। 2002 में ग्वांतानामो बे जेल से रिहा हुए कुछ कैदियों ने बीबीसी को बताया था कि इस जेल में छोटी छोटी पिंजरेनुमा कोठरियों में उन्हें रखा जाता था, जिनमें भयंकर गर्मी लगती थी। जेल से छूटे अफगानिस्तान के एक कैदी ने बताया था कि जेल में रहने के दौरान बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया था। यहां तक की छूटने से 3 दिन पहले तक उसे उसके परिवार की कोई चिट्ठी नहीं दी गई थी। तालिबान का नया रक्षा मंत्री अब्दुल कय्यूम जाकिर भी ग्वांतानामो जेल में ही बंद था।

कौन है अब्दुल कय्यूम जाकिर?
अब्दुल कय्यूम जाकिर तालिबान के सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक है, जिसे अमेरिका ने दुनिया के सबसे खतरनाक जेल में कैद करके रखा था। उसका जन्म अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में हुआ था। उसे 2001 में अमेरिकी सेना ने पकड़ा था और 2007 में ग्वांतानामो जेल से छोड़ा गया था और उसके बाद वो लगातार तालिबान के अंदर आगे बढ़ता गया। वो हेलमंद प्रांत में रहते हुए तालिबान के लिए ऑपरेशन का काम देखता था। उसकी उपलब्धि ये है कि उसने कई बम विस्फोटों को अपने दम पर अंजाम दिया। 2010 में न्यूज इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अब्दुल कय्यूम जाकिर अब धीरे धीरे तालिबान में इतना ताकतवर होता जा रहा है कि वो आगे जाकर अब्दुल गनी बरादर की जगह ले सकता है।

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी
तालिबान ने आनन-फानन में इन नियुक्तियों को करने का फैसला तब लिया है, जब डब्ल्यूएचओ की तरफ से अफगानिस्तान के लिए काफी गंभीर चेतावनी जारी की गई। डब्ल्यूचओ ने चेतावनी दी है कि काबुल हवाई अड्डे पर प्रतिबंधों की वजह से विदेशों से चिकित्सा उपकरणों की डिलीवरी अफगानिस्तान में रूक चुकी है और अफगानिस्तान के पास अब सिर्फ एक हफ्ते तक चलने के लिए ही पर्याप्त मेडिकल सामग्री है और अगर इसे फौरन सुचारू नहीं किया गया तो देश में मेडिकल आपातकाल की स्थिति बन सकती है।

मेडिकल आपातकाल की स्थिति
इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अफगानिस्तान में पिछले दिनों जो अराजक स्थिति बनी है, उससे देश में कोरोना वायरस का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है और ये खतरनाक स्थिति तक जा सकता है। अफगानिस्तान में कोरोना वायरस टेस्टिंग की दर 77 प्रतिशत तक कम हो गई है और वैक्सीनेशन की रफ्तार भी अब काफी कम हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कहा कि अफगानिस्तान में 95% स्वास्थ्य सुविधाएं चालू हैं, लेकिन कुछ महिला कर्मचारी काम पर नहीं आ रही हैं।












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