हरियाणा में बनेगा हेलीकॉप्टर्स का काल 'कार्ल गु्स्ताफ', फैक्ट्री का हुआ भूमि पूजन.. टेंशन में पाकिस्तान
Carl-Gustaf Factory In India: दुनिया की मशहूर हथियार कंपनी SAAB ने हरियाणा में अपनी नई कार्ल-गुस्ताफ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसे हेलीकॉप्टर्स का काल कहा जाता है।
100 प्रतिशत फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की मंजूरी मिलने के बाद, SAAB ने एक नई कंपनी, साब एफएफवीओ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की है, जो पूरी तरह से नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की मालिक होगी और कार्ल-गुस्ताफ एम4 हथियार का उत्पादन करेगी।

अब भारत में बनेगा कार्ल-गुस्ताफ-4
4 मार्च को भूमि पूजन के बाद साब के बिजनेस एरिया डायनेमिक्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख गोरगेन जोहानसन ने कहा, कि "मुझे कार्ल-गुस्ताफ के लिए स्वीडन के बाहर हमारी पहली फैसिलिटी का निर्माण शुरू करने पर गर्व है, एक ऐसा उत्पाद, जिसका भारतीय सशस्त्र बलों के साथ एक लंबा इतिहास रहा है। हम अपने उत्कृष्ट उत्पाद का उत्पादन शुरू करने के लिए उत्सुक हैं, जिसका निर्माण अब भारत में होने वाला है।"
आपको बता दें, कि SAAB स्वीडन की प्रमुख हथियार कंपनी है, जिसका पहला विदेशी यूनिट भारत में बना है, जहां स्वदेशी कार्ल-गुस्ताफ का उत्पादन किया जाएगा। स्वीडन के विदेश व्यापार राज्य सचिव हाकन जेवरेल ने कहा, कि "आज का दिन स्वीडन और भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। साब की फैक्ट्री भारत में पहली विदेशी पूर्ण स्वामित्व वाली रक्षा उत्पादन सुविधा होगी। जो हमारे देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है।"
यह फैक्ट्री हरियाणा के झज्जर में मेट सिटी में बनाई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में बनने वाली ये फैक्ट्री पूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी पर आधारित है और इस नई फैक्ट्री में, साब भारतीय सशस्त्र बलों के लिए कार्ल-गुस्ताफ एम-4 का उत्पादन करेगी। इस यूनिट में कई और हथियारों के भी पार्ट्स बनाए जाएंगे और एडवांस कार्बन फाइबर वाइंडिंग सहित जटिल टेक्नोलॉजी को तैनात किया जाएगा।

कार्ल-गुस्ताफ का भारत में लंबा इतिहास
कार्ल-गुस्ताफ सिस्टम 1976 से भारतीय सेना में सेवा में है, जिसे कंधे पर रखकर लॉन्च किया जाता है। हेलीकॉप्टरों के लिए ये इसलिए खतरनाक होता है, क्योंकि इसे आसानी से कहीं छिपकर हेलीकॉप्टर्स को उड़ाया जा सकता है।
स्वीडन की SAAB एक प्रमुख डिफेंस एंड सिक्योरिटी कंपनी है, जिसका मिशन राष्ट्रों को अपने लोगों और समाज को सुरक्षित रखने में मदद करना है। इस कंपनी में करीब 22 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं, जो फाइटर जेट्स, कमांड और नियंत्रण, सेंसर और पानी के नीचे एडवांस सिस्टम को डिजाइन, निर्माण और रखरखाव करता है। साब का मुख्यालय स्वीडन में है। दुनिया भर में इसके प्रमुख ऑपरेशन हैं और यह कई देशों की घरेलू रक्षा क्षमता का हिस्सा है।
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