Shiv Sena UBT Rebel: 'दूसरी शिवसेना में गया हूं' कौन हैं Nagesh Patil Ashtikar? जिन्होंने थामा शिंदे का हाथ
Shiv Sena UBT Rebel: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। शिवसेना (UBT) और उद्धव ठाकरे एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के लोकसभा सांसद नागेश पाटिल आष्टिकर (Nagesh Patil Ashtikar) ने खुलकर स्वीकार कर लिया कि वह अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हैं।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों की बगावत ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक तनाव और कथित सुरक्षा खतरों को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने इन सभी छह सांसदों को Y-Plus सुरक्षा प्रदान कर दी है।

उधर, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत का दावा है कि कुछ बागी सांसद अब भी पार्टी के संपर्क में हैं और अपने क्षेत्रों में जनता के गुस्से को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में महाराष्ट्र की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं।
Who is Nagesh Patil Ashtikar: कौन हैं नागेश पाटिल आष्टिकर?
नागेश पाटिल आष्टिकर महाराष्ट्र के हिंगोली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे शिवसेना (UBT) के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। अपने क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत नेटवर्क के कारण उनकी पहचान एक प्रभावशाली नेता के रूप में होती रही है। हालांकि पिछले कुछ समय से उनके पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट होने की खबरें सामने आ रही थीं। अब उन्होंने स्वयं सामने आकर यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का साथ चुन लिया है। 21 जून को जारी एक वीडियो संदेश में आष्टिकर ने कहा कि उन्होंने अपनी विचारधारा नहीं बदली है, बल्कि सिर्फ एक शिवसेना से दूसरी शिवसेना में गए हैं।
क्यों छोड़ा उद्धव ठाकरे का साथ?
नागेश पाटिल आष्टिकर ने अपने फैसले के पीछे विकास कार्यों और फंड की कमी को बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने की वजह से उनके संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। जनता ने उनसे उम्मीदें लगाकर उन्हें चुना था, लेकिन वह क्षेत्र के लिए पर्याप्त धन नहीं ला पा रहे थे।
आष्टिकर ने कहा,"लोगों ने मुझे विकास के लिए चुना है। लेकिन क्षेत्र के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा था। सांसद निधि के पांच करोड़ रुपये काफी नहीं हैं। पिछले दो सालों से लगातार कोशिशों के बावजूद विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाए।" उन्होंने दावा किया कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने और विकास को गति देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया है।
संजय राउत की 'ऑपरेशन तुड़वा' की धमकी पर पलटवार
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वे बगावत करते हैं, तो उन्हें क्षेत्रों में शिवसैनिकों के भारी गुस्से (ऑपरेशन तुड़वा) का सामना करना पड़ सकता है। इस पर जवाब देते हुए आष्टिकर ने कहा, "राउत साहब भले ही हमारे लिए पितातुल्य हैं और उन्हें डांटने का हक है, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि सामने वाले में भी बराबर जवाब देने की क्षमता है। इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, यह वे खुद भी अच्छी तरह जानते हैं।"
दल-बदल विरोधी कानून और 6 बागी सांसदों का गणित
लोकसभा में उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास कुल 9 सदस्य हैं। दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए बागी गुट के पास कम से कम दो-तिहाई यानी 6 सांसदों का समर्थन होना जरूरी है। शिवसेना (UBT) के संसदीय दल की बैठक से गायब रहने वाले इन छह सांसदों की सूची इस प्रकार है:
- नागेश पाटिल आष्टिकर (हिंगोली)
- ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव)
- संजय दीना पाटिल
- संजय देशमुख
- संजय जाधव
- भाऊसाहेब वाकचौरे
इन सभी सांसदों को पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा था, लेकिन किसी भी सांसद ने इसका उत्तर नहीं दिया। अब पूरी नजरें धाराशिव के सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर पर टिकी हैं, जो सोमवार तक अपने समर्थकों से चर्चा कर अपना अंतिम स्टैंड साफ करेंगे, जिसके बाद सभी बागी सांसद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।














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