Bottle Baba Hariom Yadav कौन है? फूंक से गर्भवती करने-मुर्दे जिंदा करने के दावे, रेप की कोशिश ने पहुंचाया जेल
Kanpur Dehat Bottle Baba Hariom Yadav: कानपुर देहात का एक स्वयंभू बाबा इन दिनों सुर्खियों में है। लोग उसे 'बोतल बाबा' के नाम से जानते थे। दावा था कि वह बोतल के पानी से कैंसर जैसी बीमारियां ठीक कर देता है। निःसंतान दंपतियों को संतान दिलाने और मुर्दे को जिंदा करने तक की बातें कही जाती थीं।
लेकिन अब यही बाबा गंभीर आरोपों में घिर गया है। उस पर छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने आस्था, अंधविश्वास और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कौन है बोतल बाबा और कैसे बना उसका साम्राज्य? आइए पूरी कहानी समझते हैं...

Who Is Bottle Baba Hariom Yadav: हरिओम यादव का उदय, चैन का पुरवा से 'हरिधाम सरकार' तक
कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा गांव में हरिओम यादव का हरिधाम सरकार आश्रम स्थित है। यह आश्रम करीब 8 बीघे (लगभग 8-10 एकड़) में फैला हुआ बताया जाता है। क्षेत्र में उन्हें 'हरिओम हरिधाम सरकार' के नाम से जाना जाता है। हर गुरुवार और रविवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती थी।

दूर-दूर से लोग बीमारियों के इलाज, संतान प्राप्ति और 'काली शक्तियों' से मुक्ति के लिए आते थे।
उनके 'चमत्कार' के तरीके क्या?
- पानी की बोतल में फूंक मारकर उसे 'अमृत' बताना और कैंसर, किडनी फेलियर जैसी बीमारियां ठीक करने का दावा।

- प्रवेश के लिए 20 रुपये की बोतल अनिवार्य, पहले पूजा के लिए 100 रुपये की रसीद, बाद में 250 रुपये तक।
- हवा से 'आत्मा' पकड़कर मृत व्यक्ति में डालने का प्रदर्शन।
- सेब में फूंक मारकर निःसंतान महिलाओं को पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इन दावों को और मजबूत करते दिखते थे। एक वीडियो में बाबा एक युवती के शव के पास खड़े हैं। परिवार वाले बताते हैं कि किडनी की बीमारी से मौत हो गई। बाबा हवा में हाथ घुमाकर 'आत्मा' पकड़ते हैं, तीर चलाने का इशारा करते हैं और युवती 'जिंदा' हो जाती है। बाबा कहते हैं कि डॉक्टरों ने पैसे वसूले, मैंने आत्मा वापस डाल दी। श्रद्धालु तालियां बजाते और जयकारे लगाते दिखते हैं।
दूसरे वीडियो में जालौन की एक महिला संतानहीन होने की शिकायत करती है। बाबा सेब मंगवाते हैं, उसमें फूंक मारकर मंत्र पढ़ते हैं और महिला की झोली में फेंकते हुए कहते हैं कि जा भिखारिन, तुझे पुत्र प्राप्ति होगी। निर्देश देते हैं कि किसी पेड़ के नीचे अकेले खा लेना। स्थानीय लोग बताते हैं कि उनके समागमों में सैकड़ों लोग पहुंचते थे। कुछ उन्हें चमत्कारी मानते थे, जबकि कुछ संदेह जताते रहे।
घटना की शुरुआत: काली छाया का डर दिखाकर रेप की कोशिश, ऐंठे 40 हजार रुपये

मामले की शुरुआत औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र की एक महिला की शिकायत से हुई। महिला का पति राजस्थान में काम करता है। जून के पहले हफ्ते में उसके देवरों ने बताया कि हरिधाम सरकार घर आ रहे हैं। 6 जून को बाबा महिला के ससुराल पहुंचे। हवन किया और दावा किया कि महिला पर काला साया है, इसे हटाने के लिए विशेष अनुष्ठान जरूरी है। महिला के मुताबिक, इस बहाने 40 हजार रुपये लिए गए। बाबा ने 15 जून को आश्रम बुलाया।
- 15 जून को देवरों के साथ महिला आश्रम पहुंची। आरोप है कि बाबा ने उसे एक कमरे में ले जाकर झाड़-फूंक के नाम पर अश्लील हरकतें कीं और दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला ने विरोध किया तो मारपीट की गई, गला दबाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
- जब महिला बाहर भागी, तो बाबा के चेले और देवरों ने उसे पकड़ लिया। फिर बाबा ने उसे समागम स्थल पर ले जाकर लोगों के सामने कहा कि उस पर भूत-प्रेत का साया है। एक वायरल वीडियो (करीब 4 मिनट) में बाबा महिला को कोड़े मारते दिखते हैं और बार-बार पूछते हैं कि उसके साथ कितने भूत हैं। महिला हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाती है।
- महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसमें हरिओम यादव, उसके भतीजे दीपक, महिला के दोनों देवर (रामवीर और सुखवीर) और अन्य लोगों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गईं।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी का अपडेट
19 जून को पुलिस ने हरिओम यादव और दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एएसपी आलोक प्रसाद ने पुष्टि की कि अनुष्ठान के नाम पर छेड़छाड़ का प्रयास हुआ। थाना प्रभारी देवराहट सौरभ राणा ने कहा कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच गंभीरता से हो रही है। गिरफ्तारी के बाद आश्रम में सन्नाटा छा गया। पहले की भीड़ अब गायब है। शनिवार(20 जून)-रविवार (21 जून) का दरबार भी नहीं लगा।
'मुझे फंसाया जा रहा', बोतल बाबा किसपर लगाए आरोप?
हरिओम यादव ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि ये सब झूठे लांछन हैं। ईश्वर सब देख रहा है। यह एक षड्यंत्र है। दिबियापुर के एक नेता आशीष द्विवेदी मुझे फंसाने की साजिश कर रहे हैं। मेरा 8 बीघे का आश्रम है। संत परंपरा को कोई खत्म नहीं कर सकता।
यह मामला यूपी में ऐसे कई 'बाबाओं' की श्रृंखला में नया जोड़ है, जहां चमत्कार के नाम पर ठगी, यौन शोषण और हिंसा के आरोप लगते रहे हैं। बोतल बाबा पहले भी 'ऑपरेशन पाखंड' जैसे कार्यक्रमों में चर्चा में रहे, जहां उनके दावों की वैज्ञानिक जांच हुई थी।
वर्तमान स्थिति और आगे क्या?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। महिला को सुरक्षा दी गई है। मामले की जांच चल रही है। अदालत में सबूतों के आधार पर फैसला होगा।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आस्था व्यक्तिगत है, लेकिन पाखंड सामाजिक खतरा। चमत्कार के नाम पर अगर कोई गंभीर बीमारी का दावा करता है तो उसे वैज्ञानिक जांच से गुजरना चाहिए। मुर्दे जिंदा करने या फूंक से गर्भवती करने जैसे दावे न सिर्फ हास्यास्पद हैं बल्कि खतरनाक भी, क्योंकि इससे लोग असली इलाज से दूर हो जाते हैं।













Click it and Unblock the Notifications