सूरीनाम के राष्ट्रपति ने संस्कृत में ली शपथ, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ये वीडियो
पारामारिबो। दक्षिणी अमेरिकी राज्य सूरीनाम के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। दरअसल हाल ही में राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, लेकिन इसमें खास बात ये थी कि, उन्होंने शपथ संस्कृत भाषा में ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैटिन अमेरिकी देश सूरीनाम के नए राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त हुए, भारतवंशी चंद्रिका प्रसाद संतोखी को बधाई दी है। उन्होंने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में बताया कि चंद्रिका प्रसाद संतोखी ने हाथ में वेद लेकर और मंत्रोचारण कर राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

वेदों को अपने हाथ में लेते हुए संस्कृत में पद की शपथ ली
दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र के नव निर्वाचित सुप्रीमो ने 16 जुलाई को एक समारोह के दौरान वेदों को अपने हाथ में लेते हुए संस्कृत में पद की शपथ ली। उन्होंने समारोह के दौरान पुरोहित द्वारा गाए गए संस्कृत श्लोकों को भी दोहराया। चंद्रिका प्रसाद को सूरीनाम में चान प्रसाद कहा जाता है और संस्कृत में शपथ लेने के बाद वे भारतीय सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। राष्ट्रपति पद के चुनाव में चंद्रिका प्रसाद ने पूर्व सैन्य नेता डेसी बॉउटर्स की को हराया है।

सूरीनाम में 27.4 प्रतिशत लोग भारतीय मूल के
सूरीनाम एक पूर्व डच उपनिवेश है, जहां 587,000 की आबादी में 27.4 प्रतिशत लोगों के साथ भारतीय मूल के लोग सबसे बड़ा जातीय समूह हैं और चंद्रिका प्रसाद की पार्टी मुख्य तौर पर भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है और पार्टी को युनाइटेड हिंदुस्तानी पार्टी कहा जाता है। वहीं डेसी बॉउटर्स की नेशनल पार्टी ऑफ सूरीनाम (एनपीएस) देश में आर्थिक संकट के कारण मई में चुनाव हार गई थी। बॉउटर्स ने 1980 में निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट दिया था। उन्हें 15 विरोधियों की हत्या के मामले में अदलत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की हुई है।
पीएम मोदी ने मन की बात में की प्रसंशा
रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 67वीं कड़ी में लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संतोखी ने शपथ की शुरुआत वेद मंत्रों के साथ की, वेदों का उल्लेख किया और 'ॐ शांति: शांति: शांति:' के साथ अपनी शपथ पूर्ण की। मोदी ने कहा, अपने हाथ में वेद लेकर वे बोले- मैं, चन्द्रिका प्रसाद संतोखी और आगे उन्होंने शपथ में क्या कहा? उन्होंने वेद के ही एक मंत्र का उच्चारण किया। उन्होंने कहा, हे अग्नि, संकल्प के देवता, मैं एक प्रतिज्ञा कर रहा हूं। मुझे इसके लिए शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें। मुझे असत्य से दूर रहने और सत्य की ओर जाने का आशीर्वाद प्रदान करें। सच में, ये, हम सभी के लिए, गौरवान्वित होने वाली बात है।












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