राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी श्रीलंकाई नागरिक संथन की अस्पताल में मौत, जानिए कौन था और उसने क्या किया था?

Rajiv Gandhi assassination case: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गये श्रीलंकन नागरिक संथन की अस्पताल में मौत हो गई है। अस्पताल के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया है, कि संथन, जिसे राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया था, उसकी मौत हो गई है।

संथन, पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी श्रीलंकाई नागरिक था और उसे साल 2022 में रिहा कर दिया गया था। करीब 15 दिन पहले तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट को बताया था, कि चेन्नई में श्रीलंकाई उप उच्चायोग ने संथन को अस्थायी यात्रा दस्तावेज जारी किया है।

Rajiv Gandhi assassination case

संथन का पूरा नाम सुथेंद्रराजा टी उर्फ संथन था और रिहाई के बाद उसे तिरुचिरापल्ली के विशेष शिविर में रखा गया था।

संथन की मौत कैसे हुई?

संथन उन सात आरोपियों में से एक था, जिसे साल 1991 में पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप में 20 साल से ज्यादा जेल की सजा सुनाई गई थी और फिर साल 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया था। राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल के डीन ई थेरानीराजन ने कहा, कि संथन की सुबह 7.50 बजे मृत्यु हो गई।

अस्पताल में संथन का "लिवर फेल" होने का इलाज चल रहा था।

थेरानीराजन ने संवाददाताओं को बताया, कि बुधवार सुबह करीब 4 बजे उसे कार्डियक अरेस्ट हुआ था, लेकिन सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रक्रिया के बाद उसे बचा लिया गया था और उसके बाद से वो वेंटिलेटर पर था। हालांकि, संथन पर इलाज का कोई असर नहीं हुआ और आज सुबह 7.50 बजे उसकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने कहा, "पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा...शव को श्रीलंका भेजने के लिए कानूनी व्यवस्थाएं चल रही हैं।"

Rajiv Gandhi assassination case

डीन ने कहा, मृतक संथन को 27 जनवरी को "लिवर फेल्योर" के कारण तिरुचिरापल्ली के एक विशेष शिविर से चेन्नई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पहले सुनाई गई थी फांसी की सजा

हालांकि, सबसे पहले 1991 में पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की हत्या में शामिल होने के लिए संथन को मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में उसकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया था। 32 साल से ज्यादा समय जेल में बिताने के बाद, उसे पांच अन्य दोषियों के साथ नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद, सभी दोषियों को त्रिची केंद्रीय जेल परिसर में एक विशेष शिविर में रखा गया था, क्योंकि वे श्रीलंकाई नागरिक थे लेकिन उनके पास पासपोर्ट नहीं था। संथन ने अपनी बुजुर्ग मां के पास फिर से जाने के लिए श्रीलंका की यात्रा की सुविधा के लिए मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

(Developing Story)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+