चीन को झटका, श्रीलंका ने कहा-विदेश नीति में 'इंडिया फर्स्ट'
नई दिल्ली। भारत के खिलाफ लगातार साजिश कर रहे चीन को श्रीलंका से बड़ा झटका लगा है। बुधवार को भारत के साथ अपने रिश्तों को और अधिक गहरा करने पर जोर देते हुए श्रीलंका ने कहा कि जहां तक रणनीतिक सुरक्षा का संबंध है तो हमारे लिए भारत हमेशा पहला दृष्टिकोण रहेगा। हम भारत के सामरिक सुरक्षा हितों के लिए कुछ भी हानिकारक नहीं करेंगे। आर्थिक विकास के लिए, हम एक देश पर निर्भर नहीं रह सकते। गौरतलब है कि श्रीलंका का यह बयान चीन के लिए बड़ा झटका है क्योंकि ड्रैगन पड़ोसी देशों की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करना चाहता है।
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श्रीलंका के विदेश सचिव जयनाथ कोलंबेज ने बुधवार को कहा कि श्रीलंका एक तटस्थ विदेश नीति को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में देश 'इंडिया फर्स्ट' दृष्टिकोण के साथ ही आगे बढ़ेगा। राष्ट्रपित (गोटबाया राजपक्षे) के हवाले से जयनाथ कोलंबेज कहा, णनीतिक सुरक्षा के संदर्भ में, हम 'इंडिया फर्स्ट' नीति का पालन करेंगे। हम भारत के लिए एक रणनीतिक सुरक्षा खतरा नहीं बन सकते हैं और हमें होना भी नहीं चाहिए।
President said as far as strategic security is concerned,we'll always have India-1st approach.We'll not do anything harmful to India’s strategic security interests.For economic development,we can't depend on one country: Sri Lanka's Foreign Secy J. Colombage to a Sri Lankan daily
— ANI (@ANI) August 26, 2020
चीन को बंदरगाह देना बड़ी गलती
विदेश सचिव जयनाथ कोलंबेज ने बताया कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमें भारत से लाभान्वित होनी की आवश्यकता है, जहां तक सुरक्षा का सवाल है हमारी पहली प्राथमिकता यही है। लेकिन हमें आर्थिक समृद्धि के लिए अन्य देशों के साथ भी बेहतर रिश्ते बनाने होंगे। विदेश सचिव ने आगे कहा कि श्रीलंका हमेशा भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा करेगा, साथ ही तटस्थ विदेश नीति को आगे भी बढ़ाएगा। अपने बयान में चीन को लीज पर बंदरगाह देने की गलती को मानते हुए उन्होंने कहा कि चीन को 99 साल की लीज पर हंबनटोटा बंदरगाह देने का फैसला एक गलती थी।
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