हमारे सूरज पर दिखी 100000 किमी ऊंची दीवार, कैमरे में कैद हुआ साफ नजारा
Science News: सूरज पर एक लाख किमी ऊंची दीवार दिखी। जिसे पोलर क्राउन प्रॉमिनेंस कहा जाता है।

हमारे सौरमंडल में सूर्य ही ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, जिसकी संरचना काफी जटिल मानी जाती है। वैज्ञानिकों ने उस पर काफी रिसर्च की, लेकिन अभी भी बहुत से रहस्य नहीं सुलझ पाए हैं। अब दावा किया जा रहा कि हमारे सूरज पर एक लाख किलोमीटर लंबी दीवार दिखाई दी। (फोटो-नीचे)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्य पर एक दीवार जैसी संरचना नजर आ रही। जब विस्तार से इसकी जांच की गई तो पता चला कि ये एक लाख किलोमीटर ऊंची है। अर्जेंटिना के खगोल विज्ञानी स्कैबर्गर पोऊपीऊ ने इसकी तस्वीरें भी लीं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं।
वायरल फोटो को देखने पर वैज्ञानिकों को पता चला कि ये दीवार प्लाज्मा की है। हालांकि उसकी ऊंचाई सबको हैरान कर रही। इस दीवार के सापेक्ष अगर एक के ऊपर एक पृथ्वी को खड़ा किया जाए, तो कम से कम 8 पृथ्वी आ जाएंगी।
मामले में एक एक्सपर्ट ने कहा कि ये कोई पहला मौका नहीं है, जब सूरज पर इस तरह की दीवार दिखाई दी। आमतौर पर पोल के आसपास ऐसी दीवारें दिख जाती है, लेकिन इस बार की प्लाज्मा दीवार काफी बड़ी है। इन्हें साइंस की भाषा में पोलर क्राउन प्रॉमिनेंस (PCP) कहा जाता है।
PCP आमतौर पर प्लाज्मा या आयोनाइज्ड गैस से बनते हैं। ये जब बाहर की तरफ फूटते हैं, तो दीवार जैसी संरचना दिखाई देती है। हालांकि सूरज की मजबूत मैग्नेटिक फील्ड की वजह से ये नीचे गिर जाते हैं। ऐसे में इन्हें आम भाषा में प्लाज्मा वाटरफाल भी कह देते हैं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक सूरज पर होने वाली ये खगोलीय घटना काफी अहम है। जब प्लाज्मा ऊपर जाकर नीचे गिरता है, तो उसकी रफ्तार 36 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है। ये प्रक्रिया अनंतकाल से चली आ रही और आगे भी जारी रहेगी।
अरोरा से मिलता जुलता
वहीं पृथ्वी पर कई जगहों पर हरे रंग का अरोरा दिखाई देता है, ये घटना भी कुछ उसी तरह है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये प्लाज्मा अंतरिक्ष में नहीं फैलता, क्योंकि सूर्य का मैग्नेटिक फील्ड इसे वापस खींच लेता है। इस वजह से ये दूसरे ग्रहों के लिए नुकसानदायक नहीं है।












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