स्कूली छात्रों के सामने इंडियन आर्मी को लेकर जहर उगलेगा चीन, गलवान घाटी की घटना पर प्रोपेगेंडा वीडियो
गलवान घाटी संघर्ष के बारे में चीन लगातार झूठ बोल रहा है और अब वो छात्रों के सामने भी झूठ बोलेगा। चीन कह रहा है कि इंडियन आर्मी ने चीन की सीमा रेखा में घुसपैठ की कोशिश की थी।
बीजिंग, सितंबर 21: पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) चीन के प्राथमिक स्कूल में बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के लिए मारे गये सैनिकों का सहारा लिया है। चीन की सरकार ने तय किया है कि जो पीएलए के सैनिक भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में मारे गये थे, उनके बारे में स्कूली छात्रों को पढ़ाया जाएगा, ताकि बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जा सके।

मारे गये सैनिकों के बारे में पढ़ाएगा चीन
शिनजियांग सैन्य क्षेत्र की एक सीमा बटालियन और पूर्वी चीनी प्रांत अनहुई में प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के बीच एक वीडियो का आदान-प्रदान किया गया है। जिसमें सीमा सुरक्षा से लेकर मारे गये सैनिकों के बारे में बताया गया है। इस वीडियो में बताया गया है कि भारत के साथ सीमा पर तनाव के दौरान चीन के सैनिक कितनी बहादुरी से कठिनाइयों का सामना करते हैं। मंगलवार को चीन की सेना की तरफ से जारी एक न्यूज बुलेटिन में बताया गया है कि छात्रों को बताया जाएगा कि चीन के सैनिक कितनी विपरीत हालातों में सीमा की सुरक्षा करते हैं। चीन की सेना के बुलेटिन के मुताबिक, वीडियो में, ''देश और सीमावर्ती क्षेत्रों की रक्षा करने वाले सैनिकों को वीर बताकर स्कूली छात्रों के सामने पेश कि जाएगा। इसके साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों में शामिल सैन्य अफसरों को वीडियो लिंक पर जोड़कर स्कूली छात्रों को ऑनलाइन सेना के कामों के बारे में बताया जाएगा''। इस वीडियो में बताया गया है कि चीनी सैनिकों की मौत ने स्कूली छात्रों के मन में कितनी गहरी छाप छोड़ी है।

भारतीय सीमा का विशेष जिक्र
इस वीडियो में सबसे खास बात ये है कि छात्रों के सामने भारत को एक दुश्मन की तरह पेश किया गया है। इसमें सेना के किसी विशिष्ट बटालियन का उल्लेख नहीं किया गया है, पूर्वी लद्दाख में चल रहे भारत-चीन सीमा तनाव चीन के काराकोरम पर्वत पर पड़ता है, जो शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और ये पूरा बटालियन पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमांड के अंतर्गत आता है। स्कूली छात्रों के लिए बनाए गये इस वीडियो में बताया गया है कि ''चीन के सैनिक अपने देश की सीमा की रक्षा कर रहे थे और भारत के सैनिकों ने चीन की सीमा के अंदर घुसपैठ की थी। और भारतीय सैनिकों के सीमारेखा का उल्लंघन करने के बाद लड़ाई शुरू हुई थी।'' आपको बता दें कि चीन प्रोपेगेंडा चलाने में माहिर है और जिस दिन से भारतीय सैनिकों ने चीन के सैनिकों की जमकर पिटाई की है, उस दिन से लगातार अलग अलग प्रोपेगेंडा चला रहा है। जबकि, भारत सरकार का कहना है कि चीन ने देश की सीमा के अंदर घुसपैठ की थी और चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी।

देशभक्त बनाने के लिए झूठा ज्ञान
चीन की सेना द्वारा बनाए गये वीडियो में स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा चीन की सैनिकों की 'वीरता' की कहानी बताकर छात्रों में देशभक्ति का डोज भरते हुए दिखाया गया है। स्कूल का प्रिंसिपल छात्रों को बता रहा है कि ''चीन के सैनिक आध्यात्मिक शक्ति और देशभक्ति से भरे हुए हैं और छात्रों को उनसे सीखना चाहिए''। रिपोर्ट के मुताबिक, अनहुई प्रांत के एंकिंग शहर के हुआझोंग रोड के दूसरे प्राथमिक विद्यालय के सैनिकों और छात्रों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई। फरवरी में ही चीनी सरकार ने भारत के विपरीत गालवान घाटी में मारे गए और घायल हुए पांच चीनी अधिकारियों और सैनिकों का विवरण साझा किया था, जबकि भारत सरकार ने पिछले साल जून में ही भारतीय सैनिकों के शहीद होने की जानकारी दी थी। लेकिन, चीन लगातार मारे गये सैनिकों को लेकर झूठ बोलता रहा है। पहले चीन ने कहा था कि उसके एक भी सैनिक नहीं मारे गये। फिर फरवरी में चीन ने चार सैनिकों के मारे जाने की बात की और इस साल जून में चीन ने एक और सैनिक के मारे जाने का आंकड़ा बढ़ा दिया और कहा कि भारत के साथ झड़प में पीएलए के पांच सैनिक मारे गये थे।

''चार नहीं पांच सैनिक मारे गये थे''
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से लिखा था कि गलवान घाटी हिंसक झड़प में उसका 33 साल का बटालियन कमांडर चेन होंगजून ने भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में अपनी जान गंवा दी थी। चेन होंगजून के साथ चार और पीएलए के सैनिक ड्यूटी के दौरान मारे गये थे। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने लिखा है कि ये सभी सैनिक शिंजियांग मिलिट्री कमांड के सैनिक थे और काराकोरम की पहाड़ी पर ड्यूटी कर रहे थे। चीन के इस नये कबूलनामे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चीन बार बार झूठ क्यों बोल रहा है। आखिर क्या वजह है कि फरवरी में तामझाम से अपने चार सैनिकों को 'शहीद' बताकर विदाई देने वाला चीन अपनी ही बात से मुकर गया है और मृतकों की संख्या में एक सैनिक का नाम और जोड़ दिया है।
झड़प का वीडियो
वहीं, 2 अगस्त को चीन की सरकार ने एक और प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया था, जिसमें गलवान घाटी में झड़क के दौरान की कुछ घटनाएं कैद थीं। चीन की सेना पीएलए की तरफ से करीब 48 सेकेंड्स का वीडियो जारी किया गया था, जिसमें दिख रहा है कि दोनों देशों की सेनाएं संघर्ष कर रही हैं और भारतीय जवान बेहद बहादुरी के साथ चीनी कन्यूनिस्ट पार्टी के सैनिकों का मुकाबला कर रहे हैं। इस वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच आमने-सामने की जंग हो रही है और वीडियो में चीनी सैनिकों को पानी में बहते हुए भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी का ये एक प्रोपेगेंडा वीडियो उन मारे गये चीनी सैनिकों के परिवार के लिए था, जिनमें चीन की सरकार को लेकर गुस्सा भरा हुआ था।
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