सूरज में उठा बड़ा तूफान, लाखों टन गैस का गोला पृथ्वी की तरफ रवाना, बड़े खतरे की तरफ दुनिया

कुछ दिन पहले ही लाखों टन काफी ज्यादा गर्म गैस सूरज से निकला है, जो पृथ्वी की तरफ आ रही है। सूरज से निकलने वाले इस गर्म गैस को 'कोरोनल मास इजेक्शन' नाम दिया गया है।

नई दिल्ली, मई 26: पिछले डेढ़ साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से परेशान है और लाखों लोग अब तक इस महामारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। और अब पृथ्वी की तरफ तेजी से नया खतरा आ रहा है। और वो खतरा पृथ्वी को जीवन देने वाले सूरज की तरफ से आ रहे हैं। 'सूरज जाग चुका है' और बहुत बड़ा खतरा पृथ्वी की तरफ भेज रहा है, जिसको लेकर वैज्ञानिक काफी चिंतित हैं।

गर्म गैस से भारी खतरा

गर्म गैस से भारी खतरा

कुछ दिन पहले ही लाखों टन काफी ज्यादा गर्म गैस सूरज से निकला है, जो पृथ्वी की तरफ आ रही है। सूरज से निकलने वाले इस गर्म गैस को 'कोरोनल मास इजेक्शन' नाम दिया गया है। सूरज के अंदर होने वाली महाविस्फोट के बाद ये गैस सूरज से निकली है और तेजी से पृथ्वी की तरफ आ रहा है। हालांकि, अभी तक इस बात की संभावना कम है कि ये गैस पृथ्वी के नजदीक पहुंचेगा और इससे पृथ्वी को नुकसान होगा, लेकिन हजारों सालों के बाद ऐसा चुंबकीय तूफान देखे जाने की आशंका है। इस तूफान को धरती पर इंसान महसूस नहीं कर पाएंगे, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि सूरज से निकलने वाली ये गैस भविष्य में पृथ्वी के लिए काफी बड़ा खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हजारों सालों से सूरज निष्क्रीय अवस्था में है और अब सूरज धीरे धीरे जाग रहा है।

कई क्षेत्र को भारी नुकसान

कई क्षेत्र को भारी नुकसान

रिपोर्ट के मुताबिक, सूरज से निकलने वाली इस गैस से पृथ्वी की सतह पर तो कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन इस चुंबकीय गैस से पॉवर ग्रिड को काफी नुकसान पहुंच सकता है। सूरज से आने वाली इस गैस से कम्यूनिकेशन साधन ध्वस्त हो सकते हैं। एयरलाइन वर्कर्स और पैसेंजर्स को रेडिएशन से काफी नुकसान हो सकता है। सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना सैटेलाइट्स को लेकर जताई गई है।

सूरज का 11 सालों का साइकिल

सूरज का 11 सालों का साइकिल

रिपोर्ट के मुकाबिक साल 2020 में सूरज का 11 सालों का साइकिल शुरू हुआ है, जो 2025 में अपनी पीक पर होगा। और वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे हैं कि आने वाले सालों में सौलर तुफान की संभावना पृथ्वी पर काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। इससे पहले 17 साल पहले पृथ्वी ने सौलर तूफान को महसूस किया था। और पिछले 20 सालों में हमारी दुनिया टेक्नोलॉजी पर काफी ज्यादा आश्रित हो गई है और वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि लगातार उठने वाले सोलर तूफान की वजह से पूरी दुनिया में टेक्नोलॉजी पर काफी बुरा असर पड़ सकता है।

सोलर तूफान से खतरा

हमारी धरती पर अभी भी अंतरिक्ष में होने वाले मौसमी परिवर्तन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। लेकिन, वैज्ञानिक जानकारों को डर है कि अगर तेज सोलर तूफान आता है और अगर अंतरिक्ष में मौसमी घटनाओं में तेजी से परिवर्तन होता है तो निकट भविष्य में इससे पृथ्वी पर काफी खतरनाक असर पड़ेगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर अंतरिक्ष में मौसम बदलता है तो इसका पृथ्वी पर क्या असर होगा, इस बात की कल्पना भी अभी हम नहीं कर सकते हैं। इससे कम्यूनिकेशन सिस्टम पूरी तरह से ठप पड़ सकता है और हमें पृथ्वी पर प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना मिलनी बंद हो जाएगी। असल में सोलर तूफान से हमारा जीपीएस सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो सकता है।

विमान यात्रा होगा खतरनाक

विमान यात्रा होगा खतरनाक

वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर आ रहे लाखों टन गैस की वजह से पृथ्वी पर रहने वाले लोगों को तो खतरा नहीं होगा लेकिन विमान यात्रा करने वाले लोगों और विमान सेक्टर में काम करने वाले लोगों पर इसका काफी असर पड़ेगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सोलर तूफान से विमान क्रू को काफी खतरा है और गर्भवती महिलाओं पर गर्भ गिरने का काफी ज्यादा खतरा हो जाएगा। इस बार का सोलर तूफान सूरज के 11 सालों वाले साइकिल की वजह से उठा है। सूरज के इस साइकिल से मैग्नेटिक फिल्ड में बदलाव आने की संभावना है। इस प्रक्रिया के दौरान सूरज से निकलने वाली ज्वालाएं सूरज से बाहर निकल जाती हैं और अंतरिक्ष की तरफ बढ़ने लगती हैं और एक मजबूत सोलर तूफान पूरी दुनिया में पावर ग्रिड को फेल कर सकता है, जिससे हर तरफ अंधेरा छा जाएगा।

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