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शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान के नागरिकों को बताया आतंकियों का मददगार, तालिबान का भड़कना तय

Shehbaz Sharif on Afghjanistan: पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को चेतावनी दी है, कि पाकिस्तान के अंदर आत्मघाती हमले करने वाले आतंकवादियों को सीमा पार "अफगान नागरिक" मदद कर रहे हैं। शहबाज शरीफ ने एक तरह से अफगानिस्तान के नागरिकों को आतंकवादियों का मददगार कहा है।

हालांकि, प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर जानबूझकर अपनी धरती से हमलों की इजाजत देने का आरोप तो नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने यह कहा, कि आतंकवादी पड़ोसी देश में "अभयारण्यों" से काम कर रहे हैं।

Shehbaz Sharif on Afghjanistan

अफगानों को बताया आतंकियों का मददगार

अफगान सीमा के पास पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर में एक राजनीतिक सभा में घातक बम विस्फोट के कुछ दिनों बाद प्रधान मंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, कि "प्रधानमंत्री ने आत्मघाती विस्फोटों में अफगान नागरिकों की भागीदारी पर चिंता व्यक्त की है।"

रविवार को खार तहसील में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 60 पार कर गई है।

दो साल पहले अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में वापस आने के बाद से, पाकिस्तान में देश के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रित आतंकवादी हमलों में नाटकीय वृद्धि देखी गई है।

आपको बता दें, कि जो पाकिस्तान आज तालिबान के आने पर मातम मना रहा है, उसने 15 अगस्त को तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता में वापसी के बाद जश्न मनाया था और तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऐतिहासिक बयान में कहा था, कि 'आज अफगानों ने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं।'

पाकिस्तान बार बार अफगानिस्तान के लिए दुनिया भर से मदद मांगता रहा और तालिबान शासन को मान्यता दिलाने के लिए मुहिम चलाता रहा, हालांकि किसी भी देश ने अफगानिस्तान के तालिबान शासकों को मान्यता नहीं दी है।

तालिबान अधिकारियों ने लगातार वचन दिया है, कि वे अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल विदेशी आतंकवादियों को हमले करने के लिए नहीं करने देंगे, लेकिन तालिबान ने पिछले महीने कहा था, कि तालिबान ने दोहा समझौता अमेरिका के साथ किया था, ना कि पाकिस्तान के साथ।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने भी धमकी दी है, कि 'पाकिस्तान अफगानिस्तान पर हमला करने का अधिकार रखता है।'

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने मंगलवार को कहा था, कि अगर अफगान की अंतरिम सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहती है, तो पाकिस्तान के पास अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, काबुल के अंदर छिपे आतंकवादियों के खिलाफ "आत्मरक्षा" में कार्रवाई करने का विकल्प है।

बिलावल भुट्टो ने तालिबान को दोहा समझौते का याद दिलाया है।

आपको बता दें, कि दोहा समझौते के मुकाबिक, तालिबान ने लिखित रूप में अमेरिका को आश्वासन दिया था, कि आतंकवादी समूहों को अफगानिस्तान के अंदर अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही कोई आतंकवादी समूह अफगानिस्तान के अंदर से किसी अन्य देश पर हमला करेगा।

तालिबान की शह पर पाकिस्तान में हमले?

तालिबान ने पिछले महीने अपने कई बयानों में साफ शब्दों में कहा है, कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की समस्या है और उसे ही उसका हल करना चाहिए।

अफगानिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन दाएश (ISIS) समूह ने सोमवार को बाजौर में हुए इस भीषण हमले की जिम्मेदारी ली है। पहले भी टीटीपी और आईएसआईएस अफगानिस्तान के अंदर से पाकिस्तान के खिलाफ हमले करता रहा है।

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री और सेना प्रमुख सहित पाकिस्तानी नेतृत्व ने पाकिस्तान के खिलाफ हमलों को रोकने में असमर्थता पर काबुल के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है, लेकिन तालिबान अपने में मस्त है।

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