स्वीडन में जलाई गई थी कुरान, पूरे देश में प्रदर्शन करेगा पाकिस्तान.. चुनाव से पहले शहबाज की मजहबी राजनीति
Pakistan Quran Protest: स्वीडन में कुरान जलाए जाने खिलाफ शहबाज शरीफ की सरकार ने पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन का आह्वान किया है और एक्सपर्ट्स का मानना है, कि चुनाव से पहले देश की आर्थिक स्थिति को संभालने में नाकाम रहने वाले शहबाज शरीफ अब मजहब की राजनीति के जरिए वोट जुटाने की कोशिश में लग गये हैं।
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईद-उल-अधा पर स्टॉकहोम की सेन्ट्रल मस्जिद के बाहर कुरान के अपमान की तुर्की, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सऊदी अरब, मोरक्को, इराक और ईरान के साथ-साथ यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने व्यापक निंदा की है। वहीं, पाकिस्तान में सात जुलाई को यौम-ए-तकद्दुस कुरान के रूप में मनाया जाएगा, जो "कुरान की पवित्रता को बनाए रखने" का दिन है।

कुरान के अपमान पर पाकिस्तान में प्रदर्शन
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) (पीएमएल-एन) ने ट्विटर पर साझा किए गए एक बयान का हवाला देते हुए एएफपी की रिपोर्ट में कहा है, कि शहबाज शरीफ ने मंगलवार को हुई एक बैठक के दौरान स्वीडन की घटना पर चर्चा की। बयान के अनुसार, पूरे देश में लोगों से, चाहे उनका राजनीतिक झुकाव किसी भी तरह हो, "उपद्रवियों के खिलाफ एकजुट होकर संदेश देने" का आग्रह किया गया है।
शहबाज शरीफ की पीएमएल-एन पार्टी की तरफ से जारी बयान में पीएम शहबाज के हवाले से कहा गया है, कि "पवित्र कुरान का सम्मान करना हमारे विश्वास का हिस्सा है, और हम सभी इसके लिए एकजुट हैं।" शहबाज शरीफ ने अपनी पार्टी को विरोध प्रदर्शन में "पूरी तरह से भाग लेने" का भी निर्देश दिया है।
शहबाज शरीफ की पार्टी ने कहा है, कि "गुमराह दिमाग इस्लामोफोबिया की नकारात्मक प्रवृत्ति फैलाकर नापाक एजेंडे पर चल रहे हैं।"
शहबाज शरीफ ने कहा है, कि "दुनिया भर के शांतिप्रिय राष्ट्रों और नेताओं, जो सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं, उनको इस्लामोफोबिया और धार्मिक पूर्वाग्रहों से पीड़ित हिंसक ताकतों का रास्ता रोकना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, कि "धर्म, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों, विश्वासों और विचारों को निशाना बनाने वाले हिंसक दिमाग" विश्व शांति के लिए खतरा हैं" और उन्होंने राष्ट्रों से ऐसे रुझानों और घटनाओं को हल करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।

संयुक्त राष्ट्र में जाएगा पाकिस्तान
स्वीडन में कुरान जलाए जाने की घटना पर राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करने के लिए गुरुवार को एक संयुक्त संसदीय सत्र भी निर्धारित है। शरीफ ने घटना पर एक संयुक्त प्रस्ताव पारित करने का भी जिक्र किया है। एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया है, कि उन्होंने स्वीडन सरकार से "अपने देश में मुस्लिम आबादी के खिलाफ इस्लामोफोबिक और घृणित घटनाओं पर ध्यान देने" की भी मांग की है।
वहीं, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने भी इस मुद्दे पर एक तत्काल बैठक की और शहबाज शरीफ ने इसका समर्थन किया है। अल्जीरिया, मलेशिया, कतर, सूडान, सोमालिया और यूएई जैसे देशों सहित ओआईसी समूह ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने और कानूनी उपायों को आजमाने की मांग की है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने पाकिस्तान के अनुरोध के बाद कुरान के अपमान की घटना को संबोधित करने के लिए एक तत्काल सत्र आयोजित करेने का फैसला किया है।
आपको बता दें, कि इस साल अक्टूबर में पाकिस्तान में चुनाव कराए जाने की संभावना है और उससे पहले शहबाज शरीफ ने मजहबी कार्ड खेला है, ताकि इलेक्शन में उसका फायदा उठाया जा सके।












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