चीनी-कनाडाई टाइकून जिओ जियान्हुआ को 13 साल जेल की सजा, कोर्ट ने लगाया 8 बिलियन $ का जुर्माना
शंघाई की एक अदालत ने शुक्रवार को चीनी-कनाडाई टाइकून जिओ जियानहुआ को 13 साल के लिए जेल की सजा सुना दी है।
शंघाई, 19 अगस्त : शंघाई फर्स्ट इंटरमीडिएट कोर्ट के फैसलों के अनुसार, जिओ के टुमॉरो होल्डिंग समूह पर भी 55.03 बिलियन युआन (8.09 बिलियन अमरीकी डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि जिओ एंड टुमॉरो ने वित्तीय प्रबंधन आदेश का गंभीर उल्लंघन किया और 'राज्य की वित्तीय सुरक्षा को चोट पहुंचाई'। बता दें कि, अदालत ने आज चीनी-कनाडाई बिजनेस टाइकून जिओ जियानहुआ को 13 साल की सजा सुनाई है।

जिओ जियानहुआ को 13 साल की सजा
जिओ के लापता होने से हांगकांग के व्यापारिक समुदाय को झटका लगा है। जिओ ऐसे समय गायब हुए जब चीन में शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट सरकार भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत रिश्वतखोरी और अन्य कदाचार के आरोपित उद्योगपतियों पर मुकदमा चला रही थी। खबरों के मुताबिक जिओ ऐसे समय में गायब हो गए थे जब चीन की पुलिस को हांगकांग में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बता दें कि, जिओ के लापता होने के कदम को एक ऐसे संकेत के रूप में इसकी व्याख्या की गई जिसमें यह बताया गया कि, यह शहर मुख्य भूमि के सुरक्षा तंत्र से अलग हो गया है। बता दें कि, ब्रिटेन ने एक जुलाई, 1997 को हांगकांग चीन को लौटा दिया था।

2016 तक इतनी संपत्ति थी
चीन के मुताबिक जिओ के लापता होने से हांगकांग के कुलीन व्यापारिक समुदाय को झटका लगा। उनके इस वहां से लापता होने का कदम एक संकेत की तरह था जिसकी इस रूप में व्याख्या की गई कि यह शहर मुख्य भूमि (चीन) के सुरक्षा तंत्र की पहुंच से बाहर है। 2016 तक, जिओ की अनुमानित कुल सम्पति 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी।

1997 में ब्रिटेन ने हांगकांग चीन को सौंपा
बता दें कि, 1997 में जब हांगकांग शहर ब्रिटेन से चीन के आधिपत्य में आया तो समझौते को एक देश,दो सिस्टम नाम दिया गया था। 50 वर्ष के लिए क्षेत्र की स्वायत्तता बनाए रखने की गारंटी दी गई थी। हांगकांग पूर्व और पश्चिम के बीच सभी तरह के कारोबार का रास्ता है। पिछले 22 सालों में लोगों ने हांगकांग की मूल भावना को सुरक्षित रखने के लिए कई बार विरोध जताया है। 2003 में नेशनल सिक्योरिटी विधेयक के खिलाफ 5 लाख लोग सड़कों पर उतर आए थे।

हांगकांग को लेकर चीन की नीति
बता दें कि, 1 जुलाई को हांगकांग को चीनी शासन को सौंपने की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर जिनपिंग ने हांगकांग के लिए अपनी 'एक देश, दो प्रणाली' नीति का बचाव करते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों के उन आरोपों का खारिज कर दिया था, जिसमें दावा किया गया है कि चीन ने इस नीति के जरिए 50 वर्ष के लिए हांगकांग को स्वतंत्रता एवं स्वायत्तता देने के वादे को कमजोर किया है। ब्रिटेन ने एक जुलाई, 1997 को हांगकांग चीन को लौटा दिया था।












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