मुस्लिम देशों को पसंद नहीं आई 'दिल वाली इमोजी', चैट के दौरान लड़कियों को भेजी हार्ट इमोजी, तो हो जाएगी जेल
सोशल मीडिया के दौर में लोग इमोजी का उपयोग अपनी भावनाएं जैसे कि प्रेम, नाराजगी, दुख आदि व्यक्त करने के लिए करते हैं। लेकिन अब कुछ देशों में प्रेम या स्नेह दर्शाने के लिए हार्ट यानी दिल वाली इमोजी भेजना जेल की सलाखों के पीछे भेज सकता है।
खाड़ी के दो इस्लामिक मुल्कों कुवैत और सऊदी अरब में अब किसी लड़की को हार्ट इमोजी भेजने मंहंगा पड़ा सकता है। अब ऐसा करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इसके लिए भारी जुर्माना देने के साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एक कुवैती अधिकारी के मुताबिक किसी लड़की या किसी सोशल मीडिया वेबसाइट या व्हाट्सएप पर दिल वाली इमोजी भेजना अब अय्याशी के लिए उकसाने का अपराध माना जाएगा जो कानून द्वारा दंडनीय है।
रिपोर्ट के मुताबिक कुवैती वकील हया अल शलाही ने कहा कि जिन लोगों पर हार्ट इमोजी भेजने के अपराध का आरोप लगाया जाएगा, उन्हें दो साल की सजा के अलावा 2,000 कुवैती दीनार तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है। भारतीय रुपए में ये जुर्माना 38.5 लाख से भी अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल वाली इमोजी को लेकर सऊदी अरब में कुवैत से भी अधिक सख्त सजा हो सकती है।
सऊदी कानून के अनुसार, इस कृत्य के लिए दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को दो से पांच साल की जेल की सजा हो सकती है, साथ ही 100,000 सऊदी रियाल का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। भारतीय रुपये में ये जुर्माना 22 लाख रुपए से अधिक है।
सऊदी साइबर क्राइम विशेषज्ञ का कहना है कि व्हाट्सएप पर किसी भी लड़की को लाल दिल वाली इमोजी भेजना देश के अधिकार क्षेत्र में उत्पीड़न माना जाएगा। सऊदी के एंटी-फ्रॉड एसोसिएशन के सदस्य अल मोताज़ कुटबी ने कहा, "अगर पीड़ित पक्ष द्वारा मुकदमा दायर किया जाता है तो ऑनलाइन बातचीत के दौरान कुछ छवियों और अभिव्यक्तियों का उपयोग उत्पीड़न अपराध में बदल सकता है"।
इस बीच, यदि कोई व्यक्ति अपराध दोहराना जारी रखता है, तो उसे पांच साल की जेल की सजा के साथ 300,000 सऊदी रियाल की बड़ी राशि तक का जुर्माना भी हो सकता है।












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