उज्बेकिस्तान में आज से SCO शिखर सम्मेलन शुरू, पुतिन, शी जिनपिंग, शहबाज शरीफ के साथ मंच साझा करेंगे पीएम मोदी

चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कार्यक्रम को गुप्त ही रखा है। उसने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर बैठक की खबरों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है।

समरकंद/नई दिल्ली, 15 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उज्बेकिस्तान के समरकंद में शुरू होने वाले दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ-SCO Summit) शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के साथ मंच साझा करने के लिए तैयार हैं। 2020 के कोविड -19 महामारी के बाद यह पहली बार है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन बड़े नेता दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। कोरोना महामारी (Covid-19) के दौरान शिखर सम्मेलन वर्चुअली आयोजित किए गए थे।

शहबाज के साथ बैठक को लेकर आशंका

शहबाज के साथ बैठक को लेकर आशंका

वहीं, भारत ने पुष्टि की है कि एससीओ समिट से इतर पीएम मोदी पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ से बातचीत करेंगे या नहीं इसकी अभी तक कोई संभावना नहीं है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार ने कहा कि, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शहबाज शरीफ के साथ अलग से बैठक के बारे में अभी तक सोचा नहीं है।

राष्ट्रपति शी का कार्यक्रम गुप्त रखा गया है

राष्ट्रपति शी का कार्यक्रम गुप्त रखा गया है

दूसरी तरफ, चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कार्यक्रम को गुप्त ही रखा है। उसने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर बैठक की खबरों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है।

शी और मोदी की बैठक हो सकती है

शी और मोदी की बैठक हो सकती है

एससीओ की बैठक से ठीक पहले चीन ने भारत के पूर्वी लद्दाख में पेट्रोल प्वाइंट (PP) 15 के गोगरा और हॉट स्प्रिंग से सेनाएं हटाई हैं। इससे माना जा रहा है कि मोदी और शी की बैठक हो सकती है। वहीं, खबर है कि, समरकंद में ईरान को औपचारिक रूप से संगठन में प्रवेश दिया जाएगा। भारत और पाकिस्तान इसमें 2017 में पूर्ण सदस्य बने थे। सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ईरान भारत में होने वाली अगली बैठक में भाग लेगा।

भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने

भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने

जून 2001 में शंघाई में शुरू किया गया, एससीओ के आठ पूर्ण सदस्य हैं, जिनमें इसके छह संस्थापक सदस्य, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए।

आर्थिक रिश्तों पर जोर

आर्थिक रिश्तों पर जोर

वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समरकंद में विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोजेव के साथ उनकी अलग से बैठक होनी है। इस दौरान द्विपक्षीय रिश्तों पर बातचीत होगी। उज्बेकिस्तान में भारतीय राजदूत मनीष प्रभात ने बताया कि एससीओ देशों के बीच आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण है

महत्वपूर्ण अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर होगी बातचीत

महत्वपूर्ण अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर होगी बातचीत

भारतीय राजदूत मनीष प्रभात ने बताया कि, "एससीओ में आर्थिक सहयोग एक महत्वपूर्ण प्रश्न है, जिस पर एससीओ की बैठकों में चर्चा होगी। वैसे भी जब हम मध्य एशियाई देशों के साथ बैठक कर रहे होते हैं, तो हम कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हैं जो भारतीय और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार, निवेश और अन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरानी राष्ट्रपति अब्राहिम रायसी के भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। उज्बेकिस्तान एससीओ 2022 का अध्यक्ष है। वहीं, भारत 2023 में एससीओ का अगला अध्यक्ष होगा। बता दें कि, भारत अगले साल दुन‍िया की 20 (G20) सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के नेताओं के श‍िखर सम्‍मेलन की मेजबानी करेगा। यह घोषणा केंद्रीय व‍िदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को की गई है।

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