SCO Meet 2023: भारत में आज से शुरू हो रहा एससीओ सम्मेलन, विदेश मंत्रियों का पहुंचना शुरू, जानें एजेंडा

रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक एससीओ के डायलॉग पार्टनर बनने के लिए बहरीन, कुवैत मालदीव, म्यांमार और यूएई जैसे पांच देशों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का भी गवाह बनेगी।

SCO Foreign Ministers Summit

SCO Foreign Ministers Summit: भारत के समुद्री शहर गोवा में आज से शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हो रही है, जिसमें भाग लेने के लिए एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों के गोवा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने और मेहमान विदेश मंत्रियों का स्वागत करने के लिए एक दिन पहले ही गोवा पहुंच चुके हैं। वहीं, आज सुबह सुबह रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मुस्कुराते हुए गोवा पहुंचे हैं।

क्या है शंघाई सहयोग संगठन

भारत और पाकिस्तान के अलावा, एससीओ के अन्य सदस्य देश चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। इन आठ सदस्य देशों में वैश्विक जनसंख्या का लगभग 42 प्रतिशत और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें चार पर्यवेक्षक राज्य - अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया - और छह संवाद सहयोगी - अर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की भी शामिल हैं।

एससीओ के प्रमुख उद्देश्यों में सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और अच्छे-पड़ोसी संबंधों को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना और राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था, संस्कृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, ऊर्जा के क्षेत्र में प्रभावी सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल है।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को गोवा में चीनी विदेश मंत्री किन गैंग, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने एएनआई को बताया, कि "कल एससीओ के महासचिव, रूस, चीन और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की द्विपक्षीय बैठकें होंगी।"

इस साल ये दूसरी बार है, जब चीनी और रूसी, दोनों देशों के विदेश मंत्री इस वर्ष भारत में हैं। इससे पहले वे जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए मार्च में नई दिल्ली आए थे। इससे पहले, चीन ने कहा कि उनके विदेश मंत्री एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत आएंगे।

गोवा में किया जा रहा आयोजन

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, कि "एससीओ की बैठक में चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री किन गैंग अन्य एससीओ सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों में एससीओ सहयोग सहित अन्य विषयों पर पूरी तैयारी करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।"

गलवान घाटी में झड़प के बाद भारत और चीन के संबंध खराब हो गए थे। भारत और चीन ने चीनी सेना की कार्रवाई के बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से पीछे हटने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता की है, जिसके कारण मई 2020 में गतिरोध पैदा हो गया था।

वहीं, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के बीच द्विपक्षीय संबंधों की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, कि बिलावल भुट्टो-जरदारी गोवा में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

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    पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने गुरुवार को एक साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान कहा, कि भुट्टो-जरदारी विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं।

    पाकिस्तान की प्रवक्ता ने कहा, "बैठक में हमारी भागीदारी एससीओ चार्टर और प्रक्रिया के प्रति पाकिस्तान की निरंतर प्रतिबद्धता और पाकिस्तान द्वारा अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में क्षेत्र को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है"।

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