फिलिस्तीन के लिए पहली बार सऊदी अरब ने उठाया बड़ा कदम, इजराइल के खिलाफ अमेरिका से भिड़ेगा!
Saudi Arab On Israel-Hamas: द टाइम्स ऑफ इजराइल ने अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस के हवाले से बताया है, कि सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सऊद, फिलिस्तीन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए सोमवार को व्हाइट हाउस जाएंगे।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री का अमेरिका दौरा और बाइडेन प्रशासन के साथ बैठक इस आशंका के बीच हो रही है, कि इजराइल-हमास युद्ध, क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

अमेरिका जाएंगे सऊदी रक्षा मंत्री
द टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, सऊदी ने शनिवार को कहा कि "इजरायल के किसी भी जमीनी ऑपरेशन से फिलिस्तीनी नागरिकों के जीवन को खतरा होगा और इसके परिणामस्वरूप अमानवीय खतरे होंगे।"
एक्सियोस के मुताबिक, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री बिन सलमान, व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन, राज्य सचिव टोनी ब्लिंकन के साथ-साथ कई सीनेटरों से मुलाकात करेंगे। आपको बता दें, कि गाजा पट्टी में युद्ध शुरू होने से पहले सऊदी अरब, इजराइल के साथ संबंधों को शुरू करने के लिए बड़ा कदम उठाने वाला था और अमेरिका इसके लिए मध्यस्थता कर रहा था, लेकिन 7 अक्टूबर को इजराइल पर किए गये हमास के हमले के बाद सबकुछ बदल गया है।
इस हफ्ते की शुरुआत में सऊदी अरब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच यूएस-ब्रोकेड वार्ता को "आगे बढ़ाने" को लेकर टेलीफोन पर बातचीत की गई थी, जिसमें दोनों नेताओं के बीच सऊदी-इजराइल संबंधो को सामान्य करने को लेकर बातचीत की गई थी।
लेकिन, इस बीच, द टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट ने कहा है, कि इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को हमास के खिलाफ युद्ध का दूसरा चरण शुक्रवार रात गाजा में अधिक जमीनी बलों के प्रवेश के साथ शुरू करने का ऐलान किया है। इजराइल ने साफ कर दिया है, कि हमास का नामो-निशान मिटाने तक वो गाजा में युद्ध लड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इजराइल का लक्ष्य 'हत्यारे दुश्मन को हराना और अपनी जमीन पर अपना अस्तित्व सुनिश्चित करना है।

द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली पीएम बयान, इजराइल रक्षा बलों के प्रमुख के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि सेना वर्तमान में गाजा पट्टी में जमीनी अभियान चला रही है, जो युद्ध के सभी उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, कि सैनिक यहूदी योद्धाओं की उस विरासत का हिस्सा हैं, जो 3000 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि उनका एक ही लक्ष्य है, "हत्यारे दुश्मन को हराना और अपनी धरती पर अपना अस्तित्व सुनिश्चित करना।"
तेल अवीव में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि इजरायल के युद्ध के लक्ष्य स्पष्ट हैं, "हमास की सैन्य और शासन क्षमताओं को नष्ट करना और बंधकों को घर वापस लौटाना।" द टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जमीनी घुसपैठ शुरू करने का फैसला, वार कैबिनेट और सुरक्षा कैबिनेट द्वारा सर्वसम्मति से किया गया था।
उन्होंने कहा, कि "दुश्मन के इलाके में लड़ रहे हमारे कमांडर और सैनिक जानते हैं, कि देश और राष्ट्रीय नेतृत्व उनके पीछे खड़ा है।" उन्होंने कहा कि जिन सैनिकों से वह मैदान में मिले हैं, वे सात अक्टूबर को हमास को उसकी करतूतों की सजा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, कि हमास ने जो किया है, वो फिर दोबारा नहीं हो पाएगा।












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