फांसी से पहले कैसे बीता सऊदी अरब के राजकुमार का वक्त?
सऊदी अरब के गृहमंत्री ने बताया कि प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल कबीर को सऊदी नागरिक को झगड़े के बाद गोली मार कर हत्या करने को लेकर ये सजा दी गई।
रियाद (सऊदी अरब)। सऊदी अरब में एक राजकुमार को हत्या के मामले में फांसी दे दी गई। 1975 से अब तक में ऐसा पहली बार है जब सऊदी प्रिंस को मौत की सजा दी गई है।

सऊदी अरब के राजकुमार को फांसी की सजा
बताया जा रहा है कि 2014 में सऊदी की राजधानी रियाद में एक नागरिक अब्दुलकरीम अल मेहामीद की गोली मारकर हत्या के मामले में प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल कबीर को फांसी की सजा दी गई।
फांसी से पहले प्रिंस ने अपनी जिंदगी के आखिरी कुछ घंटे अपने परिवार के साथ बिताए।
सऊदी अरब के गृहमंत्री ने बताया कि प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल कबीर को राजधानी रियाद में सऊदी नागरिक आदिल बिन सुलेमान बिन अब्दुलकरीम अल माहेमिद को झगड़े के बाद गोली मार कर हत्या करने को लेकर ये सजा दी गई थी।
प्रिंस के परिवार ने पीड़ित परिवार से की सुलह की कोशिश
इससे पहले प्रिंस के परिवार ने मृतक शख्स के परिवार से मुलाकात करके सुलह की कोशिशें की। प्रिंस के परिवार की ओर से मृतक के पिता को पैसे देने की भी पेशकश की गई लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
आखिरकार मामला कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने प्रिंस को फांसी की सजा ऐलान किया। इस बीच प्रिंस ने फांसी से पहले आखिरी वक्त अपने परिवार के साथ बिताया।
गृहमंत्री की ओर से बताया गया कि प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल कबीर के मामले में पूरी जांच पड़ताल के बाद ये फैसला लिया गया है। देश की जनरल कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई की और राजकुमार को फांसी की सजा दी।
शरिया कानून के तहत मिली सजा
फिर ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। वहां भी इस फैसले पर विचार की अपील की गई लेकिन कोर्ट ने पहले के कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल कबीर को 17 अक्टूबर को रियाद में फांसी की सजा दी गई थी।
बता दें कि सऊदी अरब में शरिया कानून लागू है। इस कानून के तहत हत्या, चोरी, तस्करी, बलात्कार के मामले में फांसी का सजा का ही प्रावधान है।
सऊदी प्रिंस के मामले में यहां की सरकार ने ये बताने की कोशिश की है कि यहां भी कानून सभी के लिए बराबर है।












Click it and Unblock the Notifications