सऊदी अरब का जोरदार वार, अमेरिका हुआ लाचार? प्रिंस सलमान ने बाइडेन को भेजा दो-टूक जवाब
सऊदी अरब की ये चेतावनी काफी असामान्य होने के साथ साथ दुनियाभर में तेल की कीमतों को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती हैं और वैश्विक बाजारों में हलचल मचा सकती हैं।
रियाद/वॉशिंगटन, मार्च 22: कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने की मांग को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के बीच का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और सऊदी अरब क्राउन प्रिंस द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का फोन 'काट देने' के बाद अमेरिका कई तरह से सऊदी अरब पर प्रेशर बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब सऊदी अरब की तरफ से भी अमेरिका को 'दो-टूक' जवाब भेजा है और सऊदी अरब ने साफ साफ कहा है, कि दुनिया में जो तेल संकट पैदा हुआ है, उसकी वजह वो नहीं है।

सऊदी अरब की नहीं है जिम्मेदारी
सऊदी अरब ने सोमवार को अमेरिका को दो-टूक जवाब देते हुए कहा है कि, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में तेल ठिकानों पर किए जा रहे हमलों के बाद अगर पूरी दुनिया में नये सिरे से तेल संकट पैदा होता है, तो फिर उसकी जिम्मेदारी सऊदी अरब की नहीं होगी। आपको बता दें कि, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर भारी बमबारी की है, जिसके बाद तेल उत्पादन प्रभावित हो गई है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका पहले ही सऊदी अरब पर तेल प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए प्रेशर बना रहा है, जिसके बाद सऊदी अरब की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी गई है।

वैश्विक बाजार में हलचल
सऊदी अरब की ये चेतावनी काफी असामान्य होने के साथ साथ दुनियाभर में तेल की कीमतों को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती हैं और वैश्विक बाजारों में हलचल मचा सकती हैं। सऊदी अरब की तेल कंपनियों पर हूती विद्रोही हमलों के बाद गभीर स्थिति बनती दिख रही है और ये युद्ध 2014 में तब भड़क उठा था, जब ईरान समर्थित हौथियों ने यमन की राजधानी सना और देश के अधिकांश उत्तर पर कब्जा कर लिया था। सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने हूती विद्रोहियों को खदेड़ने के लिए यमन में भीषण हमले किए थे और हवाई हमलों के द्वारा हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद हूती विद्रोही बैकफुट पर जरूर गये थे, लेकिन, जैसे ही अमेरिका ने हूती संगठन को आतंकलादी संगठन की लिस्ट से बाहर किया है, हूती विद्रोही एक बार फिर से अपनी पैरों पर खड़े हो गये हैं।

विश्व बाजार को सऊदी की धमकी
सऊदी अरब सरकार द्वारा संचालित न्यूज एजेंसी ने सऊदी अरब विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा है , 'सऊदी अरब घोषणा करता है कि, वह अपनी तेल संयंत्र सुविधाओं पर हमलों को लेकर वैश्विक बाजारों में तेल की आपूर्ति में होने वाली किसी भी कमी के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं उठाएगा।' सऊदी अरब की तरफ से ये घोषणा तब की गई है, जब उत्पादन सीमित करने वाले सौदे को लेकर ओपेक और अन्य तेल उत्पादक देश एक साथ हैं। वहीं, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने यूक्रेन संकट के बीच राष्ट्रपति जो बाइडेन की उस अपील को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब से और ज्यादा तेल उत्पादन करने की मांग की गई थी।

रिकॉर्ड स्तर पर तेल की कीमतें
दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं। ऑटो क्लब एएए के अनुसार, यू.एस. में गैस की कीमतें सोमवार को 4.25 डॉलर से ज्यादा हो गई हैं। वहीं, सऊदी अरब की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ऊर्जा आपूर्ति को संरक्षित करने के लिए अपनी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए"। राज्य की उत्पादन क्षमता और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता को खतरे में डालने वाले हमलों को रोकने के लिए दुनिया को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यानि, सऊदी अरब ने साफ साफ कहा है कि, अमेरिका को हूती विद्रोहियों को नियंत्रण में रखने के लिए कदम उठाना चाहिए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड सोमवार को कारोबार में 112 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गया है, जो पिछले सत्र के मुकाबले 4% से ज्यादा है। वहीं, इस महीने की शुरुआत में कीमत लगभग 140 डॉलर के उच्चस्तर पर पहुंच गई थी और इस वक्त अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 110 डॉलर से थोड़ा ऊपर है।

हूती विद्रोहियों ने तेज कर दिया है हमला
रविवार को यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल और प्राकृतिक गैस प्रोडक्शन को निशाना बनाकर तीव्र हमलों की शुरूआत कर दी है। जिससे देश के दूसरे सबसे बड़े शहर जिद्दा के बंदरगाह में एक पेट्रोलियम वितरण केंद्र में आग लग गई और उत्पादन बाधित हो गया था, जो लाल सागर तट पर यानबू में स्थिति है। हालांकि, अभी तक सऊदी तेल संयंत्र को कितना नुकसान हुआ है, ये पूरी तरह से साफ नहीं है, लेकिन सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बिना ज्यादा जानकारी दिए स्वीकार किया है कि, करीबू 4 लाख बैरल प्रति दिन उत्पादन में अस्थाई गिरावट आई है।

यूक्रेन के बाद एक और बड़ा खतरा
सऊदी अरब सरकार ने "इन अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों में" वैश्विक तेल आपूर्ति की सुरक्षा के लिए एक खतरे के रूप में हमलों की निंदा की। यूक्रेन में रूसी हमले के बाद से ही लगातार दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो चुका है और उससे पहले कोरोना महामारी की वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी और अब अगर यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब में तेल उत्पादन को ठप करते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। क्योंकि, रूस के खिलाफ लगाए गये प्रतिबंधों ने पहले ही बाजार पर काफी नकारात्मक प्रभाव डाला है और वैश्विक बाजार में और अधिक उथल-पुथल मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, हूती विद्रोही लगाकार सऊदी अरब के ऊपर रॉकेट हमले कर रहे हैं और आधी रात को भी सऊदी अरब के ऊपर कई रॉकेट हमले को इंटरसेप्ट किया गया था और उसे धरती पर गिरने से पहले आकाश में ही मार गिराया गया था।

अमेरिका ने भेजी सऊदी को मदद
सऊदी अरब की चेतावनी के बाद अमेरिका की तरफ से भारी संख्या में रॉकेट्स को मार गिराने वाले हथियार सऊदी अरब में भेजे गये हैं। रविवार को हुए हमले के बाद बाइडेन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों रे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बैराज को फेल करने में मदद करने के लिए बड़ी संख्या में पैट्रियट एंटीमिसाइल इंटरसेप्टर ट्रांसफर किए हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "हम ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गये हमलों की निंदा करते हैं और सऊदी अरब को अपने क्षेत्र की रक्षा करने में मदद करना जारी रखेंगे।" उन्होंने कहा कि, "ये नागरिकों के खिलाफ हमले हैं, और इन्हें समाप्त होना चाहिए।"












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