सऊदी अरब ने जारी की पैगंबर के पदचिन्हों की दुर्लभ तस्वीरें, मकाम-ए-इब्राहिम की नायाब तस्वीरों को देखिए

मक्का की शाही मस्जिद में मौजूद मकाम-ए-इब्राहिम की कुछ नायाब तस्वीरें सऊदी अरब की तरफ से दुनिया के लिए जारी की गई हैं।

रियाद, मई 07: ऐसा पहली बार हुआ है जब मक्का की शाही मस्जिद से पैगंबर मोहम्मद की तस्वीरें जारी की गई हैं। दुनिया के सामने पहली बार पैगंबर मोहम्मद के पैरों के चिन्हों की दुर्लभ तस्वीरें जारी गई हैं। ये तस्वीरें सऊदी अरब की तरफ से जारी की गई हैं।

पैगंबर के पगचिन्हों की दुर्लभ तस्वीरें

मक्का की शाही मस्जिद में मौजूद मकाम-ए-इब्राहिम की कुछ नायाब तस्वीरें सऊदी अरब की तरफ से दुनिया के लिए जारी की गई हैं। मक्का और मदीना मामलों के जनरल प्रेसीडेंसी मकाम-ए-इब्राही के मंजर को एक नई टेक्नोलॉजी के साथ कैप्चर कर जारी किया गया है। इसके लिए स्टैक्ड पैनोरमिक फोकस का इस्तेमाल किया गया है।

पत्थर पर रखा था पैर

पत्थर पर रखा था पैर

इस्लाम के मुताबिक मकाम-ए-इब्राहिम वह खास पत्थर है, जिसपर पैर रखकर इब्राहिम ने मक्का में काबा की तामीर के दौरान दीवार बनाने के लिए किया था। कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब के अफसरों ने हजरे असवद की इसी तरह की हाई रिजोल्यूशन वाली तस्वीरें जारी की थीं।

1967 से पहले था कमरा

1967 से पहले था कमरा

1967 से पहले इस स्थान पर एक कमरा था लेकिन बाद में इसे सोने की जाली में बंद कर दिया गया। इस वक्त इस जगह को मस्जिद का दर्जा दिया गया है। काबा के इमाम यहां से चंद कदमों की दूरी पर किबलाह की तरफ रूख करके नमाज पढ़ते हैं। मुस्लिमों की आस्था के मुताबिक जिस पत्थर में पैगंबर मोहम्मद के पैरों के निशान हैं, वह सीधे जन्नत से पाक काले पत्थर हज-ए-असवद के साथ आया था और इस्लाम के मुताबिक मुसलमान को मकाम-ए-इब्राहिम दो रकअत नमाज़ पढ़नी सुन्नत है।

वर्गाकार है मकाम-ए-इब्राहिम

वर्गाकार है मकाम-ए-इब्राहिम

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक मकाम-ए-इब्राहिम का आकार वर्गाकार है, जिसके बीच में अंडे के आकार में दो गड्ढे हैं, जिनमें पैगंबर मोहम्मद के पैरों के निशान हैं। इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई 50 सेंटिमीटर है जबकि इसका रंग सफेद, काला और पीला के बीच है। मकाम-ए-इब्राहिम खान-ए-काबा के सामने स्थित है। इस पत्थर को हजरे असवद भी कहा जाता है जिसका मतलब अरबी भाषा के मुताबिक दो शब्दों से मिलकर बना होता है। हजर का मतलब अरबी भाषा में पत्थर होता है जबकि असवद का मतलब अरबी भाषा में स्याह काला होता है।

7 घंटे में खींची गई तस्वीर

सऊदी अरब सूचना मंत्रालय के सलाहकार के मुताबिक इन तस्वीरों को खींचने में 7 घंटे से ज्यादा का वक्त लगाा है और 1000 से भी ज्यादा तस्वीरें खींची गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन तस्वीरों को लेने में 7 घंटे से ज्यादा का वक्त लगा जो 49 हजार मेगापिक्सल की हैं। अल अरबिया न्यूज के मुताबिक ये पत्थर काबा के पूर्वी हिस्से में लगा गुआ है। वहीं, हज की यात्रा पर जाने वाले इस पत्थर को चूमते हैं।

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