BRICS में आधिकारिक रूप से शामिल हुए 5 देश, 4 मुस्लिम देशों के शामिल होने से बेशुमार हुई ग्रुप की ताकत
Saudi Arabia Joins BRICS: विश्व राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के साथ सऊदी अरब के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने आधिकारिक रूप से ब्रिक्स (BRICS) ग्रुप में प्रवेश कर लिया है। ब्रिक्स, जिसमें अब तक ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, ने पिछले दिनों ही अपने विस्तार की घोषणा की थी।
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नलेदी पंडोर ने बुधवार को कहा कि ये सभी देश पिछले साल आमंत्रित किए जाने के बाद ब्रिक्स ब्लॉक में शामिल हो रहे हैं। पिछले साल अगस्त में दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में सालाना ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अर्जेंटीना सहित इन देशों को आमंत्रित किया गया था।

34 और देशों ने जताई दिलचस्पी
मंत्री नलेदी पंडोर ने कहा कि रूस, जो इस साल दक्षिण अफ्रीका से ब्लॉक के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहा है, को 34 देशों से लिखित रुचि प्राप्त हुई है जो इसमें शामिल होना चाहते हैं।
सदस्यों का कहना है कि इस कदम से उस विश्व व्यवस्था में फेरबदल करने में मदद मिलेगी जिसे वे पुरानी मानते हैं। अर्जेंटीना में सत्ता परिवर्तन होने के बाद ब्रिक्स के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था।
सऊदी ब्रिक्स के लिए महत्वपूर्ण
सऊदी अरब का शामिल होना BRICS के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल इस अरब देश के पास पर्याप्त पैसा है। इस ग्रुप में सऊदी के इसके शामिल होने से BRICS का न्यू डेवलपमेंट बैंक विश्व बैंक या आईएमएफ के विकल्प की तरह स्थापित हो सकता है। इसके अलावा, अन्य नए सदस्य भी ब्रिक्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।
ब्रिक्स सदस्यों का मानना है कि NDB यानि कि न्यू डेवलपमेंट बैंक को अत्यधिक फंड की जरूरत है, ताकि वे विकासशील देशों को प्रभावी ढंग से समर्थन दे सकें। ब्रिक्स सदस्यों का मानना है कि IMF से मिलने वाला कर्ज किसी भी देश के लिए दम घोंटने जैसा होता है।
सऊदी अरब के पास दुनिया के कुल कच्चे तेल का 19 प्रतिशत भंडार है। दुनिया के कुल तेल उत्पादन का 12 प्रतिशत सऊदी अरब में होता है। सऊदी के पास खूब सारा सोना और काफी विदेशी भंडार भी है। इस वजह से वो वैश्विक वित्तीय और निवेश बाजार का एक अहम खिलाड़ी है।
जी-7 के लिए चुनौती बना ब्रिक्स
सऊदी अरब के शामिल होने के साथ, वैश्विक तेल उत्पादन का 43% हिस्सा अब ब्रिक्स में जुड़ गया है। कहा जा रहा है कि ब्रिक्स 2050 तक जी7 को पछाड़कर विश्व की आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा।
भारत के लिहाज से देखें तो सऊदी अरब, ईरान, मिस्र और UAE का BRICS में जुड़ना देश के लिए अच्छी बात है। इसकी वजह ये है कि चारों ही देशों के साथ भारत के बीच अच्छे संबंध हैं।
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