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सऊदी अरब में 100 अरब डॉलर के गबन का दावा

By Bbc Hindi
सउदी अरब
Reuters
सउदी अरब

सउदी अरब के अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि पिछले कुछ दशकों में संगठित भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मार्फ़त कम से कम 100 अरब डॉलर की हेराफेरी की गई है. शेख़ सऊद अल-मोजेब ने कहा कि तीन साल तक चली जांच के बाद बीते शनिवार रात से शुरू हुए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत 201 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.

हालांकि उन्होंने इन लोगों के नाम नहीं बताए, लेकिन कथित तौर पर इनमें वरिष्ठ शहज़ादे, मंत्री और रसूखदार कारोबारी शामिल हैं. शेख़ मोजेब का कहना है कि 'उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के कई पुख़्ता सबूत हैं.'

उन्होंने ये भी कहा कि इस अभियान से देश में सामान्य 'आर्थिक गतिविधियों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा' है और केवल निजी बैंक खातों को सीज़ किया गया है. शेख़ सऊद अल मोजेब ने कहा कि 32 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में गठित सर्वोच्च भ्रष्टाचार विरोधी कमेटी की जांच 'बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रही' है.

सउदी प्रिंस
Getty Images
सउदी प्रिंस

उन्होंने बताया कि अभी तक 208 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है जिनमें साल लोगों को बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया. उन्होंने कहा कि जांच के अगले चरण के लिए कमेटी के पास पर्याप्त क़ानूनी आधिकार हैं और मंगलवार को इसने संबंधित लोगों के बैंक खातों को निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि लोग सऊदी क़ानूनों के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें, इसलिए उनकी पहचान को अभी ज़ाहिर नहीं किया जाएगा.

शहज़ादों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

कथित तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों में अरबपति निवेशक प्रिंस अलवलीद बिन तलाल, प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह, उनके भाई प्रिंस तुर्की बिन अब्दुल्लाह शामिल हैं. प्रिंस मितेब भूतपूर्व किंग के बेटे हैं और जिन्हें शनिवार को नेशनल गार्ड चीफ़ के पद से हटा दिया गया था. जबकि उनके भाई रियाद प्रांत के गवर्नर थे.

लेबनान
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दी और लेबनान में तनाव

इस बीच सऊदी अरब ने लेबनान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत अपने देश लौट आने को कहा है. सरकार ने सऊदी नागरिकों से वहां न जाने की अपील की है. कुवैत और यूएई ने भी अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ देने को कहा है. दोनों देशों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब लेबनान के सऊदी समर्थित प्रधानमंत्री साद हरीरी ने शनिवार को इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने अपनी जान को ख़तरा बताते हुए इस्तीफ़ा दिया था.

सऊदी अरब ने ईरान समर्थित लेबनानी चरमपंथी ग्रुप हिज़्बुल्ला पर यमन से मिसाइल दागने का आरोप लगाया है. लेबनानी नागरिकों में डर पैदा हो गया कि उनका देश सुन्नी सऊदी अरब और इसके प्रतिद्वंद्वी शिया ईरान के झगड़े का शिकार हो रहा है.

वर्तमान संकट के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों अचानक सऊदी अरब के दौरे पर जा रहे हैं. माना जा रहा है कि बातचीत के मुद्दों में लेबनान का संकट भी शामिल होगा. लेबनान के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब से अपना इस्तीफ़ा भेजा है, इसलिए बहुत लोगों का मानना है कि उन्होंने सऊदी अरब के दबाव में ऐसा किया है. जानकारों का कहना है कि सऊदी अरब और ईरान के बीच रस्साकशी में लेबनान के फंसने का डर पैदा हो गया है.

सऊदी अरब: 'भ्रष्टाचार में हुई गिरफ़्तारियां तो बस शुरुआत है'

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BBC Hindi
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English summary
Saudi Arabia claims $ 100 billion of embezzlement

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