सानिया मिर्ज़ा का बेटा भारतीय नागरिक है या पाकिस्तानी? किसके साथ रहेगा इजहान? शोएब मलिक कितना एलिमनी देंगे?
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की राहें अब एक दूसरे से जुदा हो गई हैं। शोएब मलिक ने पाकिस्तानी अभिनेत्री सना जावेद से शादी की है। उनका ये तीसरा निकाह है।
पाकिस्ती क्रिकेटर शोएब मलिक और भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की शादी 2010 में हुई थी, लेकिन बीते कुछ समय से दोनों के बीच अनबन की खबरें आ रही थीं। ऐसे में जब शोएब ने अपनी तीसरी शादी के बारे में खुलासा किया तो इससे कोई भी बहुत अधिक हैरान नहीं हुआ।

सानिया मिर्जा और शोएब मलिक के तलाक के बाद अब हर कोई उनके बेटे को लेकर सवाल कर रहा है। सानिया और शोएब के बेटे का नाम इजहान मिर्जा मलिक है। इजहान की कस्टडी किसे मिलेगी, उसकी नागिरकता क्या होगी जैसी चीजों के बारे में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सानिया-शोएब के बेटे को कोई पाकिस्तानी बता रहा है तो कोई उसे भारतीय नागरिक बता रहा है। कुछ का तो ये भी दावा है कि इजहान यूएई का नागिरक है। इसके पीछे ये कारण बताया जाता है कि सानिया काफी समय से अपने बेटे के साथ दुबई में रह रही है और उन्होंने वहां काफी इन्वेस्टमेंट कर रखा है।
इजहान किस देश का नागरिक है इस बारे में अभी तक बस कयास ही लगाए जा रहे हैं लेकिन वह भारतीय हो सकता है, इसके पीछे कई ठोस वजह हैं... सबसे प्रमुख बात ये है कि सानिया मिर्जा ने पाकिस्तानी नागरिक के साथ शादी करने के बाद भी भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी थी।
सानिया मिर्जा ने शादी के 8 साल के बाद 2018 में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में अपने बेटे को जन्म दिया था। ऐसे में नियम के हिसाब से उनके बच्चे को भारत की नागरिकता मिल सकती है। आपको बता दें कि सानिया मिर्जा प्रेग्नेंसी के कुछ दिन बाद से ही हैदराबाद में अपने मायके में आ गई थीं और बच्चे को जन्म देने तक यही रही थीं।

इससे इस दावे को बदल मिलता है कि सानिया ने अपने बच्चे को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए ही ऐसा जतन किया होगा। दरअसल भारत सरकार की नागरिकता के प्रावधान के अनुसार अगर कोई बच्चा भारत में पैदा होता है और उसके मां-पिता में से कोई एक भी भारतीय नागरिक हैं, तो अभिभावक के चाहने पर वो भारतीय नागरिकता हासिल कर सकता है।
शोएब मलिक ने किया था ये दावा
अब चूंकि बच्चे का जन्म भारत में हुआ है और सानिया मिर्जा अभी भी भारतीय नागरिक हैं तो उस बच्चे के भारतीय नागरिक बनने का पूरा अधिकार मिल जाता है। हालांकि अपने बेटे के जन्म से कुछ समय पहले शोएब मलिक ने ये दावा जरूर किया था कि उनका बेटा न पाकिस्तानी होगा और न ही भारतीय नागरिक होगा।
शोएब मलिक ने पाकिस्तानी समाचार पत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा था कि उनका बेटा संभवतः किसी अन्य देश की नागरिकता हासिल कर सकता है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि वे अपने बच्चे को किसी और देश की नागरिकता दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या यूएई नागिरक है इजहान?
आपको बता दें कि सानिया मिर्जा लंबे वक्त से अपने बेटे के साथ दुबई में रहती हैं। 3 साल पहले सानिया मिर्जा को दुबई का गोल्डन वीजा मिला था। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और संजय दत्त के बाद वो ये सुविधा हासिल करने वाली तीसरी भारतीय थीं। हालांकि अहम चीज ये है कि गोल्डन वीजा का मतलब यूएई की नागिरकता हासिल करना नहीं है।
गोल्डेन वीजा की अवधि
गोल्डन वीजा की अवधि अधिकतम 10 साल की हो सकती है। यह वीजा हर किसी को नहीं मिलता है। दुबई का गोल्डन वीजा कुछ खास वर्ग के लोगों को दी जाती है, जिसमें निवेशक, उद्यमी, उत्कृष्ट प्रतिभा वाले व्यक्ति मसलन शोधकर्ता, मेडिकल पेशेवर, वैज्ञानिक और छात्र शामिल हैं।
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 2019 में होनहार विदेशियों के लिए लॉन्ग टर्म रेजिडेंट वीजा सिस्टम लागू किया था। आपको बता दें कि यूएई की पूर्ण नागिरकता सिर्फ ओमान, कतर या बहरीन के अरब नागरिकों को मिल सकती है। ऐसे में ये सवाल ही नहीं उठता कि सानिया मिर्जा और शोएब मलिक के बेटे को यहां की पूर्ण नागरिकता मिल जाए।

सानिया को कितनी एलिमनी मिलेगी?
शोएब मलिक के सबसे अमीर क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। वो देश-विदेश में कई क्रिकेट लीग का हिस्सा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शोएब मलिक की कुल संपत्ति 28 मिलियन डॉलर है। यानी वह 230 करोड़ रुपये के मालिक हैं। शोएब ने अपनी पहली पत्नी को गुजारा भत्ता के लिए 15 करोड़ रुपए दिए थे।
हाल ही में सानिया के पिता ने खुलासा करते हुए कहा था सानिया-शोएब का तलाक नहीं बल्कि यह एक 'खुला' था। दरअसल, 'खुला' एक मुस्लिम महिला के अपने पति को एकतरफा तलाक देने का अधिकार है। इसमें पति मेहर यानी मुआवजा राशि देने के लिए बाध्य नहीं होता है।
हालांकि जानकारों के मुताबिक खुला में महिला चाहे तो उसे संपत्ति में हिस्सा मिल सकता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सानिया मिर्जा को शोएब की पहली पत्नी से अधिक एलिमनी मिल सकती है। हालांकि इसे लेकर अभी तक कुछ भी आधिकारिक नहीं है।
इजहान किसके साथ रहेगा?
आपको बता दें कि मुस्लिम धर्म में बच्चों की कस्टडी पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड फैसला लेता है। पर्सनल लॉ के मुताबिक बच्चा जब तक 7 साल का नहीं हो जाता तब तक बिना किसी ऑब्जेक्शन के लिए उसकी कस्टडी मां के पास रहती है।
उसके बाद अगर मां बच्चे की देखभाल करने में नाकाम रहती है तो उस स्थिति में कस्टडी पिता के पास जा सकती है वरना मां के पास ही इसका हक होता है। ऐसे में इसकी पूरी उम्मीद है कि इजहान अपनी मां सानिया के साथ ही रहेगा।












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