'इस वजह पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाया गया', SCO की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने दुनिया को बताया
S. Jaishankar on Pahalgam terror attack: 15 जुलाई 2025 को चीन के तिआंजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक रिश्तों में एक अहम मोड़ आया। इस मंच पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों के बीच सामना हुआ। इस अवसर का उपयोग करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने SCO विदेश मंत्रियों के सामने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने हालिया पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की सोची-समझी साजिश बताया।

आतंकवाद के प्रति Zero Tolerance अनिवार्य
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा, 'शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना का मूल उद्देश्य ही तीन बुराइयों आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मिलकर लड़ना था।' उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस आधिकारिक बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराने की स्पष्ट मांग की गई है। जयशंकर ने ज़ोर देते हुए कहा कि आतंकवाद के प्रति 'शून्य सहिष्णुता' (Zero Tolerance) की नीति अपनाना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुकी है।
पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को खारिज किया
वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नई दिल्ली ने बिना किसी ठोस जांच के आरोप लगाए हैं। डार ने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाज़ी क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने संघर्ष विराम समझौतों के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों से बचने की सलाह दी।
भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक बदलाव
यह यात्रा किसी भारतीय विदेश मंत्री की पिछले पांच वर्षों में पहली आधिकारिक चीन यात्रा थी। इस दौरान जयशंकर ने बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और विदेश मंत्री वांग यी समेत कई वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान व्यापार और पर्यटन से जुड़ी चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जयशंकर ने चीन की निर्यात नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों पर चिंता जताई, जो भारत के उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, सीधी उड़ानों की बहाली, और संस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही।
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'पड़ोसी देशों के बीच खुले संवाद की आवश्यकता'
जयशंकर ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ बातचीत में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अक्टूबर 2023 में कज़ान में हुई मुलाकात के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार देखा जा रहा है। दोनों देशों ने हाल ही में अपने 75 वर्ष के राजनयिक संबंध पूरे किए हैं। जयशंकर ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को जटिलबताया और कहा कि बड़े पड़ोसी देशों के बीच खुले संवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने चीन द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के फैसले की सराहना की और कहा कि यह भारत में बेहद सकारात्मक रूप से लिया गया है।
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