भारत के कट्टर विरोधी कैसे बन गए कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो? एस जयशंकर ने एक लाइन में कर दिया खुलासा
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से कनाडाई सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर कनाडा में जो कुछ हो रहा है, वह ज्यादातर उनकी आंतरिक राजनीति के कारण है और इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।
जयशंकर ने ये भी कहा कि भारत पर अलग-अलग आरोप लगाना कनाडा की राजनीतिक मजबूरी है। वहां अगले साल चुनाव होने हैं, इसलिए देश में वोट बैंक राजनीति चल रही है। भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने यह बात कही।

एस जयशंकर ने कहा कि खालिस्तान समर्थक लोगों का एक वर्ग कनाडा के लोकतंत्र का उपयोग कर रहा है, एक लॉबी बना रहा है और उनका एक वोट बैंक बन गया है। कनाडा में सत्तारूढ़ दल के पास बहुमत नहीं है और खालिस्तान समर्थक नेताओं से जुड़ी पार्टियों पर निर्भर हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि हमने उन्हें कई बार ऐसे लोगों को वीजा, वैधता या राजनीतिक स्थान नहीं देने के लिए मनाया है, जो दोनों देशों के संबंधों के लिए समस्या पैदा कर रहे हैं। लेकिन कनाडा सरकार ने कुछ नहीं किया है। जयशंकर ने ये भी कहा कि भारत ने 25 लोगों के प्रत्यर्पण की मांग की, जिनमें से ज्यादातर खालिस्तान समर्थक हैं, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।
दरअसल, कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में शुक्रवार को 3 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है। कनाडा की पुलिस ने आशंका जताई है कि भारत ने इन लोगों को निज्जर को मारने का काम सौंपा था।
इसे लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वे इंतजार कर रहे हैं कि कनाडा गिरफ्तार हुए भारतीयों के बारे में वो जानकारी साझा करे। जयशंकर ने कहा, हमें बताया गया है कि वे तीनों किसी गैंग से संबंध रखते हैं। यह कनाडा का आंतरिक मामला है और मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
पिछले साल 18 जून को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सितंबर में कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या का आरोप भारत सरकार पर मढ़ दिया था जिससे भारत और कनाडा के बीच संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। भारत ने ट्रूडो के आरोपों का मजबूती से खंडन किया था।












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