'युद्ध के मैदान में रूस को हराना चाहता है अमेरिका', रूसी विदेश मंत्री ने भारत में जारी किया बयान
यूक्रेन में युद्ध शुरू करने के बाद अमेरिका ने अभी तक 40 अरब डॉलर की सैन्य और अन्य मदद यूक्रेन को पहुंचाई है। वहीं, अब अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल भी देने वाला है।

Russia-Ukaine War: यूक्रेन युद्ध के 10 महीने बीत जाने के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है, कि वो अमेरिका है, जिसकी वजह से यूक्रेन संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का ये बयान भारत में रूसी दूतावास ने जारी किया है, जिसमें अमेरिका पर जमकर निशाना साधा गया है। रूसी दूतावास का भारत में जारी किया गया ये बयान उस वक्त आया है, जब इसी हफ्ते यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन कर पीस डील पर मदद मांगी है।

अमेरिका पर बरसे रूसी विदेश मंत्री
भारत में रूसी दूतावास ने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का जो बयान जारी किया है, उसमें उन्होंने कहा है, कि यूक्रेन संकट से सबसे बड़ा फायदा अमेरिका ने उठाया है और यूक्रेन संकट के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि, ऐसा इसलिए क्योंकि, अमेरिका आर्थिक और सैन्य-रणनीतिक दृष्टि से यूक्रेन संकट से सबसे बड़ा लाभ प्राप्त करना चाहता है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के साथ एक साक्षात्कार में लावरोव ने कहा कि, "पश्चिम के देशों की सामूहिक कार्रवाई और उनके द्वारा नियंत्रित वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, यूक्रेन संकट की वैश्विक प्रकृति की पुष्टि करते हैं। यह अब कोई रहस्य नहीं है कि "युद्ध के मैदान में" रूस पर जीत हासिल करना, संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों का रणनीतिक लक्ष्य है।

"अमेरिका सबसे बड़ा लाभार्थी"
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि, "वाशिंगटन एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक लक्ष्य को संबोधित कर रहा है, जिसका मकसद पारंपरिक संबंधों को नष्ट करना है।" उन्होंने कहा कि, अमेरिका का लक्ष्य रूस और यूरोपीय देशों के बीच के संबंध को खराब करना है और वो इसके जरिए अपने यूरोपीय उपग्रगों को और अधिक शक्तिशाली करना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि, "अमेरिका आने वाले सालों के लिए अपने डिफेंस इंडस्ट्री को बड़ा ऑर्डर देने वाला है, ताकि यूक्रेन की जरूरतों को पूरा किया जा सके और उसके पश्चिमी सहयोगी भी ऐसा ही करें। उन्होंने कहा कि, "यूक्रेन इस वक्त सबसे ज्यादा एडवांस हथियार हासिल कर रहा है, जो एक नमूने के तौर पर हैं और ऐसे हथियार अभी तक पश्चिमी देशों में शामिल नहीं किए गये हैं और अमेरिका इसके जरिए अपने हथियारों की टेस्टिंग कर रहा है, ताकि ये देखा जा सके, कि ये हथियार युद्ध में कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं।"

40 अरब डॉलर की मदद
फरवरी महीने में रूसी आक्रमण के बाद अमेरिका अभी तक यूक्रेन के 40 अरब डॉलर की सैन्य और अन्य सहायता दे चुका है, जो कई यूरोपीय देशों की सैन्य बजट से ज्यादा है। रूसी विदेश मंत्री ने 15 नवंबर की घटना को याद करते हुए कहा कि, उस दिन पोलैंड की सीमा के अंदर यूक्रेनी मिसाइल गिरा था, जिसे यूक्रेन ने रूसी मिसाइल साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन सौभाग्य से अमेरिका और नाटो इतने चतुर निकले, कि उन्होंने यूक्रेनी झूठ को पकड़ लिया, लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया, कि यूक्रेनी शासन इतने से नहीं रूकने वाला है। वहीं, युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर हो रही आक्रामक बयानबाजी को लेकर रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि, "वो गैर-जिम्मेदाराना बयान देते रहते हैं, कि रूस यूक्रेन के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमास करने वाला है, और इसके लिए वो कुछ रूसी बयानों का हवाला देते हैं, लेकिन असलियत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है।"












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