Russia US tensions: रूस-US में बढ़ा टकराव, रूसी सांसद बोले, 'अमेरिकी न्यूक्लियर सबमरीन टारगेट पर'
Russia targets US submarines: अमेरिका और रूस के बीच चल रही जुबानी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। परमाणु हथियारों से लैस ये दोनों महाशक्तियां लगातार बयानबाज़ियों के ज़रिये एक-दूसरे को चेतावनी दे रही हैं, जिससे वैश्विक मंच पर तनाव का माहौल और भी घना होता जा रहा है। रूस के एक वरिष्ठ सांसद ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भेजी गई दो परमाणु पनडुब्बियों को रूसी नौसेना लंबे समय से ट्रैक कर रही है और वे अब सीधे तौर पर 'निशाने पर' हैं।
इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों में हलचल पैदा कर दी है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को लेकर पहले ही चिंतित है, यह दावा परमाणु युद्ध के खतरे को और वास्तविक बना देता है।

रूसी सांसद बोले - 'अमेरिकी पनडुब्बियां पहले से टारगेट पर'
रूसी संसद (ड्यूमा) के सदस्य विक्टर वोडोलात्सकी ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को बताया कि रूस के पास महासागरों में अमेरिकी पनडुब्बियों को रोकने के लिए पर्याप्त परमाणु पनडुब्बियां पहले से ही तैनात हैं। उन्होंने कहा,'जिन दो अमेरिकी पनडुब्बियों को भेजा गया है, वे पहले से ही हमारे निशाने पर हैं। इसलिए हमें प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि महासागरों में रूसी परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती संख्या अमेरिका से कहीं अधिक है।
विश्व युद्ध-III जैसी चर्चाओं पर लगे विराम
वोडोलात्सकी ने अमेरिका-रूस के बीच एक ठोस समझौते की मांग करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अब आवश्यकता इस बात की है कि दोनों देशों के बीच शांति कायम हो, ताकि तीसरे विश्व युद्ध जैसे बयानबाज़ियों पर विराम लगे और दुनिया को स्थायित्व मिले।
'ट्रंप के बयान को गंभीरता से न लें'
रूसी अंतरराष्ट्रीय राजनीति पत्रिका रशिया इन ग्लोबल अफेयर्स के संपादक फ्योडर लुक्यानोव ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों को भावनात्मक और अस्थायी प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना खुद ट्रंप के इस बयान से हैरान होगी। उन्होंने कहा, 'यह अभी केवल शब्दों तक सीमित है, इसे फिलहाल गंभीर सैन्य चेतावनी न माना जाए।'
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मॉस्को शेयर बाज़ार पर भी दिखा असर
इस विवाद का असर आर्थिक मोर्चे पर भी देखने को मिला। मॉस्को स्टॉक एक्सचेंज में शुक्रवार रात 08:01 बजे तक इंडेक्स में 0.99% (2709.26 अंक) की गिरावट दर्ज की गई, जो स्पष्ट संकेत देता है कि बाज़ार इस टकराव को लेकर चिंतित है।
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रूसी विदेश मंत्री बोले - सीधा सैन्य संघर्ष नहीं होना चाहिए
ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयम बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि, 'रूस सहमत है कि अमेरिका और रूस के बीच सीधा सैन्य संघर्ष नहीं होना चाहिए। हम इस जिम्मेदार रुख का समर्थन करते हैं।'












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