'धमकियां दी, परिवार को घसीटा!' फिल्म टाइटल विवाद पर बोले मनोज बाजपेयी, क्या है पर्दे के पीछे की पूरी कहानी?
Manoj Bajpayee: नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम पर उठे विरोध के बाद मेकर्स को न सिर्फ माफी मांगनी पड़ी, बल्कि फिल्म का नाम बदलने का फैसला भी करना पड़ा। इस पूरे मामले में पहली बार अभिनेता मनोज बाजपेयी ने खुलकर अपनी बात रखी है।
मनोज ने बताया कि जब फिल्म को लेकर विवाद बढ़ा तो उन्हें और उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि धमकियों और ट्रोलिंग के बावजूद उन्होंने डरकर अपना काम करना नहीं छोड़ा। मनोज का कहना है कि अगर किसी बात से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं तो रचनात्मक लोगों को उसे सुधारने के लिए तैयार रहना चाहिए।

दो दिन में मांगी गई माफी
PTI से बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि फिल्म को लेकर जिस तरह का विरोध हुआ, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। लेकिन जैसे ही मामला सामने आया, टीम ने तेजी से कदम उठाए और दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि अगर किसी चीज से बड़ी संख्या में लोग आहत महसूस करते हैं तो कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे उस पर विचार करें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें।
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नाम बदलने को बड़ा मुद्दा नहीं मानते मनोज
मनोज बाजपेयी का कहना है कि फिल्म का नाम बदलना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोग नए विचारों और नए नामों के साथ आसानी से आगे बढ़ सकते हैं। उनके मुताबिक, एक शीर्षक बदल जाने से फिल्म की मूल कहानी या उसकी गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता। इसलिए टीम ने विवाद बढ़ाने के बजाय समाधान का रास्ता चुना।
धमकियां मिलने पर भी नहीं रुके
विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर मनोज बाजपेयी को लगातार निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनके परिवार को भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की। उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी। इसके बावजूद अभिनेता ने कहा कि वह लगातार यात्रा करते रहे और उन्होंने किसी तरह का डर महसूस नहीं किया। उनका मानना है कि नफरत फैलाने वालों से उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
सोशल मीडिया को लेकर कही बड़ी बात
मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया के माहौल पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आजकल बहुत से लोग पूरी जानकारी हासिल किए बिना ही अपनी राय देने लगते हैं। उनके अनुसार, कई लोग किसी विषय को समझने या उसके बारे में पढ़ने की कोशिश नहीं करते और तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से बहस करने में समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती है।
मनोज ने कहा कि वह खुद हमेशा नई जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं और बिना पूरी बात जाने किसी नतीजे पर पहुंचने में विश्वास नहीं रखते।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब नेटफ्लिक्स इंडिया ने मुंबई में आयोजित अपने 'नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स 2026' कार्यक्रम में फिल्म 'घूसखोर पंडत' की घोषणा की। इसके साथ फिल्म का फर्स्ट लुक टीजर भी जारी किया गया था। इसके बाद फिल्म के नाम और कथित कंटेंट को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई और विवाद अदालत तक पहुंच गया।
दिल्ली हाईकोर्ट में मेकर्स का आश्वासन
विवाद बढ़ने के बाद फिल्म निर्माताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि फिल्म का नाम बदला जाएगा। निर्माता नीरज पांडे ने भी स्पष्ट किया कि 'पंडत' शब्द किसी समुदाय के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि यह कहानी के एक किरदार का उपनाम था। साथ ही फिल्म से जुड़ा टीजर और अन्य प्रचार सामग्री भी समीक्षा के लिए हटा ली गई।
फिल्म में कौन-कौन हैं?
फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी नीरज पांडे और रितेश शाह ने लिखी है। वहीं रितेश शाह इस फिल्म के जरिए निर्देशन की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। फिल्म को 2026 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की तैयारी है, हालांकि इसकी आधिकारिक रिलीज डेट अभी घोषित नहीं की गई है।
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