यूक्रेन युद्ध में रूस को हो रहा भारी नुकसान, 2024 में 430000 सैनिकों का काम तमाम, जीतकर भी हार जाएंगे पुतिन?

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के अब तीन साल खत्म होने वाले हैं और अमेरिकी थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर का अनुमान है, कि साल 2024 रूस के लिए काफी मुश्किल रहा है। हालांकि, फिर भी रूस ने यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र डोनेट्स्क के 2024 तक 4,168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, जो देश के 0.69 प्रतिशत के बराबर है।

वाशिंगटन स्थित थिंक-टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने सैटेलाइट इमेजरी और जियोलोकेटेड वीडियो फुटेज पर आधारित इसका आकलन किया है। ISW ने अपने आकलन में कहा है, कि "रूसी सेना ने 2024 तक चार मध्यम आकार की बस्तियों, अवदिवका, सेलीडोव, वुहलदार और कुराखोव पर कब्जा कर लिया है।"

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रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सेना ने अवदीवका पर कब्जा करने में चार महीने और सेलीडोव और कुराखोव पर कब्जा करने में दो-दो महीने लगाए हैं। ISW ने कहा, कि "इन बस्तियों पर कब्जा करने से रूसी सेना को किसी खास तरह की रणनीतिक कामयाबी नहीं मिली है और रूसी सैनिक, इन हिस्सों पर कब्जा करने के बाद भी यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ रणनीतिक लाभ लेने में नाकाम रहे हैं।

ISW ने अनुमान लगाया है, कि जिस रफ्तार से रूसी सेना आगे बढ़ी है, उस दर से, रूस को अकेले डोनेट्स्क पर जीत हासिल करने के लिए दो और वर्षों की आवश्यकता होगी, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने कमांडरों को 1 अक्टूबर तक ऐसा करने का आदेश दिया था।

2024 की लड़ाई को लेकर यूक्रेन का दावा क्या है? (Russia-Ukraine War News)

यूक्रेनी कमांडर-इन-चीफ ओलेक्सेंडर सिरस्की ने सोमवार को कहा है, कि 2024 में रूसी सेना के लगभग 427,000 सैनिक घायल हुए या मारे गए हैं। वहीं, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल रूस के 430,790 सैनिकों के नुकसान का अनुमान लगाया है, जो 36 रूसी मोटराइज्ड राइफल डिवीजनों के बराबर है। यूक्रेन ने कहा है, कि 2022 और 2023 को मिलाकर रूस को जितना नुकसान हुआ, 2024 में उससे ज्यादा नुकसान हुआ है।

यानि, यूक्रेन के मुताबिक, रूस को हर दिन पिछले साल 1180 सैनिकों का नुकसान हुआ है।

31 दिसंबर को अपने संबोधन में सिर्स्की ने अपनी सेना से कहा, कि "इस वर्ष, रूसियों ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए सबसे ज्यादा कीमत चुकाई है, क्योंकि हमारी सेना और यूक्रेन के हमारे सभी रक्षा और सुरक्षा बलों ने युद्ध के किसी भी पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा से ज्यादा दुश्मन के उपकरण और जनशक्ति को नष्ट कर दिया है।"

रूस ने अक्टूबर में हर दिन 14 वर्ग किलोमीटर से नवंबर में 28 वर्ग किलोमीटर तक यूक्रेन की जमीन पर कब्जा करना जारी रखा, लेकिन दिसंबर में यह घटकर 18 वर्ग किलोमीटर प्रतिदिन रह गई।

सिर्स्की ने सोमवार को कहा, कि "पिछले हफ्ते से आक्रमणकारियों ने प्रतिदिन लगभग 1,700 लोगों को खोया है और घायल हुए हैं।"

दिसंबर में रूस के हताहतों के दो संभावित रिकॉर्ड भी बने।

29 दिसंबर को, यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने कहा, कि रूसी सेना ने 2,010 लोगों को खोया है। 19 दिसंबर को कुल 191 जगहों पर रूस और यूक्रेनी सैनिकों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें रूस के 2200 सैनिकों को नुकसान हुआ।

हालांकि, सबसे दिलचस्प बात ये है, कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही यूक्रेन ने लगातार रूस को होने वाले नुकसान को लेकर दावे किए हैं, लेकिन यूक्रेन ने कभी भी अपने नुकसान की बात नहीं की है। यूक्रेन ने आज तक अपने सैनिकों को होने वाले नुकसान को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।

यूक्रेन ने यह भी अनुमान लगाया है, कि उसने 3,689 रूसी टैंक, हजारों बख्तरबंद लड़ाकू वाहन और 13,000 से ज्यादा तोपें नष्ट कर दीं। यूक्रेन की नौसेना ने कहा, कि उसने पांच जहाज और 458 छोटे जहाजं डुबोए हैं।

जिसके बाद सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए रूस ने उत्तर कोरियाई सैनिकों की भर्ती की है, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है, कि उनमें से एक चौथाई का सफाया हो चुका है। जेलेंस्की ने 23 दिसंबर को अपने शाम के संबोधन में कहा था, कि "प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, कुर्स्क क्षेत्र में मारे गए और घायल उत्तर कोरियाई सैनिकों की संख्या पहले ही 3,000 से ज्यादा हो चुकी है।"

हाल ही में उन्होंने दावा किया, कि रूस यूक्रेनी सेना के हाथों में पड़ने के खतरे में उत्तर कोरियाई लोगों को मार रहा है। 27 दिसंबर को शाम को एक संबोधन में जेलेंस्की ने कहा था, कि "सब कुछ इस तरह से व्यवस्थित किया गया है, कि हमारे लिए कोरियाई लोगों को कैदी के रूप में पकड़ना असंभव है। उनके अपने लोग ही उन्हें मार रहे हैं।"

यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी, जीयूआर ने कहा कि नुकसान की भरपाई के लिए और ज्यादा उत्तर कोरियाई लोगों को कुर्स्क लाया जा रहा है।

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अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए मध्य एशिया पर रूस की नजर

वहीं, ऐसा लगता है कि पुतिन ने अर्थव्यवस्था के लिए कामगारों की तुलना में युद्ध के लिए जनशक्ति को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने सोमवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत बिना डॉक्यूमेंट्स के रूस में रहने वाले अप्रावियों को अप्रैल महीने तक देश से बाहर निकलने के लिए कहा है। लेकिन, उनके सामने शर्त ये है, कि अगर वो रूसी सेना में शामिल होते हैं, तो उन्हें देश से बाहर नहीं निकलना होगा।

जबकि, यूक्रेन की विदेशी खुफिया सेवा ने अनुमान लगाया है, कि पिछले साल रूस में करीब 15 लाख मजदूरों की कमी थी, लेकिन फिर भी पुतिन मजदूरों को सेना में भर्ती करना चाह रहे हैं।

उन्होंने "वहां रूसी स्कूलों का एक नेटवर्क विकसित करने, रूसी भाषा का अध्ययन करने, यहां काम करने के लिए आने वाले लोगों को पेश करने" की आवश्यकता पर जोर दिया और हाई टेक्नोलॉजी के माध्यम से श्रम उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता के बारे में बात की।

अर्थव्यवस्था को बचाने क्या कर रहे दोनों देश? (Russia-Ukraine War News)

यूक्रेन और रूस, दोनों ही अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए लगातार हाथ पैर मार रहे हैं। रूस जहां तेल बेचकर देश चला रहा है, वहीं यूक्रेनी अर्थव्यवस्था का इंजन पश्चिमी देशों से मिलने वाली वित्तीय सहायता से चल रही है।

इसके अलावा, दोनों ही देशों ने खुद के हथियार बनाने की कोशिश की है।

जेलेंस्की ने नये साल के अपने संबोधन में 30 प्रतिशत हथियार घर में ही बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा, कि "यूक्रेन एक बार फिर अपनी खुद की, अपनी मिसाइलें बना रहा है। और पहली बार हमने एक साल में 10 लाख से ज्यादा ड्रोन बनाए हैं।" यूक्रेन ने रूस के अंदर और काले सागर में हमला करने के लिए अपने खुद के डिजाइन के हवाई और नौसैनिक ड्रोन का इस्तेमाल किया है।

यूक्रेन की सैन्य खुफिया ने मंगलवार को कहा, कि उसने एक रूसी Mi8 हेलीकॉप्टर को मार गिराने के लिए मैगुरा वी नौसैनिक ड्रोन से लॉन्च की गई सीड्रैगन मिसाइल का इस्तेमाल किया।

GUR ने हमले की फुटेज जारी की। उन्होंने कहा कि इससे पहले, इस युद्ध में हमला करने वाले रूसी हेलीकॉप्टर एक हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे थे। रूस ने ड्रोन में भी निवेश किया है, हालांकि संवेदनशील तकनीक के आयात पर पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण इसमें बाधा आ रही है। यूक्रेनी खुफिया सूत्रों ने CNN को बताया, कि मॉस्को से 1,000 किमी पूर्व में अलाबुगा में इसके ड्रोन प्लांट ने पिछले साल के पहले नौ महीनों में 5760 ड्रोन का उत्पादन किया, जो 2023 के उत्पादन से दोगुना है।

वहीं, यूक्रेन ने कहा है, कि पिछले साल रूस ने राजधानी कीव पर 200 से ज्यादा हमले किए। जिनमें 1300 ड्रोन, 200 से ज्यादा क्रूज मिसाइल और 46 बैलिस्टिक मिसाइल शामिल थे।

लेकिन, जिस रफ्तार से रूसी सेना लड़ रही है, उसे युद्ध में फिलहाल यूक्रेन को हराना काफी मुश्किल लग रहा है।

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