यूक्रेन ने लाइमैन से रूसी सेना को खदेड़ा, तेज हुई बमबारी, पुतिन के दावे खोखले साबित हुए!
रूसी सेना ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के गृहनगर और अन्य टॉरगेट पर ड्रोन से हमला किया है।
कीव/मास्को, 3 अक्टूबर : रूस का यूक्रेन के शहरों पर कब्जा करने का दावा धवस्त होता नजर आ रहा है। उसने कीव के खिलाफ परमाणु युद्ध की धमकी देकर नए सिरे और योजनबद्ध तरीके से जंग को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, रूसी सेना युद्ध के कई मोर्चों पर यूक्रेन (russia ukraine conflict) के मजबूत इरादों और अमेरिकी सैन्य सहायता की वजह से धूल चाटती नजर आ रही है। क्रेमलिन के लिए एक बुरी खबर यह है कि उसे यूक्रेन के पूर्वी शहर लाइमैन में बड़ा नुकसान हुआ है। इस शहर को रूस परिवहन और रसद के केंद्र के तौर पर इस्तेमाल करता आ रहा था।

यूक्रेन ने रूस को लाइमैन से खदेड़ा
खबर के मुताबिक रूसी सेना ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के गृहनगर और अन्य टॉरगेट पर ड्रोन से हमला किया है। वहीं यूक्रेन ने रूस को इसका करारा जवाब दिया है। जेलेंस्की के सैनिकों ने रूसी सेना को पूर्वी लाइमैन शहर से खदेड़ दिया है। यह वाकई में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए बुरी और शर्मनाक खबर है। पुतिन के लिए यह शहर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस इसे परिवहन और रसद केंद्र के तौर पर इस्तमेाल कर रहा था। अब यूक्रेन ने फिर से अपने इस पूर्वी शहर पर कब्जा जमा लिया है।

जंग में रूस की हार हो रही है?
युद्ध में यूक्रेन के पूर्वी शहर को गंवाने के बाद जंग का स्वरूप बदलता दिख रहा है। क्रेमलिन के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि अब यहां उसका रसद केंद्र और परिवहन मार्ग पर कब्जा नहीं रहा। इससे उसे आने वाले दिनों में बड़ी कठिनाईयों का सामना भी करना पड़ सकता है। वहीं, पुतिन के परमाणु धमकी ने युद्ध के दौरान न्यूक्लियर हमले की आशंका को और बढ़ा दिया है।

रूस के दावे क्या खोखले साबित हो रहे हैं?
बता दें कि,यूक्रेन के डोनेटस्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया और खेरसॉन में जनमत संग्रह कराए जाने के बाद से अमेरिका और अन्य पश्चिम देश रूस को घुटने पर लाने के लिए यूक्रेन को सपोर्ट कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आज रूस यूक्रेन के पूर्वी शहर से हाथ धो बैठा है। पुतिन यूक्रेन के शहरों को कब्जा करने की नीतियों पर चल रहे हैं जिसने संघर्ष को और अधिक खतरनाक स्तर पर ले जा रहा है।

यूक्रेन नाटो में शामिल होकर रूस को देगा करारा जवाब
रूस की धमकी के बाद जेलेंस्की ने यूक्रेन को नाटो सदस्यता दिलाने के लिए औपचारिक आवेदन भी कर दिया। उन्होंने इसके लिए 9 मध्य और पूर्वी यूरोपीय नाटो सदस्यों से समर्थन भी हासिल कर लिया। जेलेंस्की अपनी मातृभूमि को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं और इसिलिए वह नाटो सदस्य देशों में शामिल होकर रूस को कड़ा जवाब देना चाहते हैं ताकि पुतिन की सेना चारो खाने चित्त हो जाएं।

यूक्रेन की कार्रवाई से नाराज हुआ रूस
जेलेंस्की क्रेमलिन के लिए नाराजगी का कारण बनते जा रहे हैं। जेलेंस्की ने घोषणा की कि उनकी सेना का लाइमैन पर नियंत्रण हो चुका है। उन्होंने अपने वीडियो संबोधन में कहा कि रात 12:30 बजे (09:30 GMT) तक रूस की सेनाओं को इलाके से खदेड़ दिया गया है। उन्होंने इसके लिए अपने योद्धाओं को धन्यवाद दिया। वहीं, रूसी सेना ने जेलेंस्की के दावे पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं दिया है।












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