चीन से रूस पूछेगा एनसजी में भारत का विरोध क्यों
नई दिल्ली। एनएसजी यानि न्युक्लियर स्पलायर्स ग्रुप में सदस्यता हासिल करने के लिए भारत पूरी ताकत झोंक रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकरीबन हर देश से भारत को एनसजी की सदस्यता के लिए समर्थन देने की गुजारिश की है। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करके भारत को एनएसएजी के लिए समर्थन देने की अपील की थी।

पीएम मोदी की इस कूटनितिक संवाद के बाद रूस ने चीन से बात करने की बात कही है। लेकिन जिस तरह से चीन भारत के खिलाफ लॉबिंग कर रहा है उसे भारत गंभीरता से ले रहा है और चीन के भारत की एनएसजी ग्रुप में सदस्यता के विरोध पर अहम कदम उठाने शुरु कर दिये हैं।
चीन के रुख को देखते हुए विदेश सचिव एस जयशंकर गुपचुप तरीके से चीन गये थे। इस दौरान उन्होंने अपने समकक्ष से मुलाकात कर एनएसजी के मुद्दे पर चर्चा की। एनएसजी के लिए एस जयशंकर दूसरी बार चीन के लिए दौरे पर गये थे। रूस ने भारत को एनएसजी में सदस्यता के लिए समर्थन देने का ऐलान किया है। यही नहीं रूस चीन से भारत के विरोध का कारण भी पूछेगा।
पुतिन ने कहा कि वह चीन से जरूर पूछेंगे कि वह भारत की सदस्यता का विरोध क्यों कर रहा है। पुतिन ने कहा कि सिओल में होने वाली मीटिंग में वह भारत की सदस्यता का मुद्दा उठायेंगे और वह चीन से भारत के विरोध की वजह पूछेंगे। वहीं उन्होंने का कि भारत के अलावा अन्य देशों के इस ग्रुप में शामिल होने पर विचार करेंगे।












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