स्पुतनिक वैक्सीन को मिली मंजूरी तो गदगद हुआ रूस, UNSC के साथ कर दी भारत के लिए कई घोषणाएं
स्पुतनिक वैक्सीन को भारत से मंजूरी मिलने से खुश रूस ने कहा है कि वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का समर्थन पहले की तरह ही करता रहेगा।
नई दिल्ली, अप्रैल 14: स्पुतनिक वैक्सीन को जैसे ही भारत सरकार की तरफ से मंजूरी मिली, ठीक वैसे ही रूस खुश हो गया। गदगद रूस ने जमकर भारत की तारीफ करनी शुरू कर दी है। रूस के डिप्टी राजदूत ने बुधवार को कहा है कि भारत सरकार ने रूस द्वारा विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक को आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है, जिससे भारत और रूस के बीच स्पेशल साझेदारी के नये आयाम खुलेंगे।

स्पुतनिक वैक्सीन को मंजूरी
भारत से स्पुतनिक वैक्सीन को मंजूरी मिलने का रूस ने स्वागत किया है। रूस के उपदूत रोमन बाबुस्किन ने कहा है कि 'जहां तक भारत सरकार द्वारा स्पुतनिक वैक्सीन को मंजूरी मिलने का सवाल है, भारत सरकार द्वारा उठाया गया ये महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि हमारे स्पेशल रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा, इससे निश्चित तौर पर भारत में वैक्सीनेशन को मदद मिलेगी'। रूस के उपदूत ने ये बयान रूसी राजदूत के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर सवाल-जबाव के दौरान कहा है। आपको बता दें कि रूस द्वारा विकसित वैक्सीन स्पुतनिक को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिल गई है। ये मंजूरी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी यानि एसईसी ने इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन यानि ईयूए के तहत दी है।

60वां देश बना भारत
रूसी वैक्सीन स्पुतनिक को मंजूरी देने वाला भारत 60वां देश बना है। रिपोर्ट के मुताबिक रूसी वैक्सीन स्पुतनिक को विश्व की 40 प्रतिशत आबादी यानि 3 अरब लोगों पर इस्तेमाल की इजाजत मिली है। वहीं, भारत और रूस की स्पेशल और मजबूत दोस्ती पर रूस के राजदूत निकोलाई कुदाशेव ने कहा है 'भारत और रूस की दोस्ती पहले की तरह ही मजबूत, शक्तिशाली, व्यापक, सुसंगत और बिना किसी वैश्विक समस्या की परवाह किए आगे बढ़ने वाला है। भारत और रूस की दोस्ती वैश्विक, सार्वभौमिक सिद्धांत पर आधारत होने के साथ साथ अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करने वाला और यूनाइटेड नेशंस की मुताबिक है, जो आपसी साझेदारी को और मजबूत करता है'

यूनाइटेड नेशंस में भारत का साथ
यूनाइटेड नेशंस में में भारत की महत्ता के सवाल पर रूसी राजदूत निकोलाई कुदाशेव ने कहा है कि 'हम संयुक्त राष्ट्र के अंदर भारत की केन्द्रीय भूमिका को पूरी शक्ति के साथ समर्थन करते हैं और हम संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थाई भूमिका को और विस्तार देने का समर्थन करते हैं। वहीं, एस-400 मिसाइल सिस्टम पर बात करते हुए रूसी राजदूत ने कहा है कि भारत को इस साल नबंवर तक रूस एस-400 मिसाइलों की डिलीवरी करना शुरू कर देगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों का इस डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस, दोनों ही देशों ने एस-400 डील को लेकर तमाम शर्तों को पूरा किया है और तय वक्त पर रूस भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी करेगा। वहीं भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर कहा है कि भारत की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है और भारत किस देश से हथियार खरीदेगा और किस देश से नहीं खरीदेगा, इसमें किसी और देश को दखल देने का अधिकार नहीं है।












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