'भाड़े के लड़ाकों' से पुतिन करेंगे कीव पर कब्जा! सीरियाई लड़ाकों को शहरी लड़ाई लड़ने का दिया 'ठेका'?
रूस और सीरियाई सरकार के बीच काफी अच्छे संबंध हैं और सीरिया की सरकार को पुतिन का सीधा समर्थन हासिल है।
मॉस्को, मार्च 07: यूक्नेन युद्ध में चेचन्या बलों को उतारने के बाद अब रूस सीरियाई लड़ाकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहा है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर फतह हासिल करने में अब तक नाकाम रहने वाली रूसी सेना अब सीरियाई लड़ाकों के सहारे जीत हासिल करने का प्लान तैयार कर रही है और रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने सीरिया के लड़ाकों की भर्ती शुरू भी कर दी है।

सीरियाई लड़ाकों की भर्ती
रूस और सीरियाई सरकार के बीच काफी अच्छे संबंध हैं और सीरिया की सरकार को पुतिन का सीधा समर्थन हासिल है। वहीं, खुद पुतिन भी सीरियाई लोगों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं, जो शहरी लड़ाई लड़ने में माहिर माने जाते हैं और काफी ज्यादा अनुभवी भी हैं। लिहाजा, अब पुतिन ने सीरियाई लड़ाकों को अपनी सेना में भर्ती करने के आदेश दे दिए हैं, ताकि रूसी सेना राजधानी कीव सहित यूक्रेनी शहरों पर नियंत्रण हासिल कर सके। अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया है कि, कुछ सीरियाई पहले से ही रूस की तरफ से नए हमले की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सीरिया के कई लड़ाके रूसी सेना को बहुत जल्द ज्वाइन करने वाले हैं। आपको बता दें कि, रूस को यूक्रेन पर हमला किए 12 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक रूसी सेना कीव पर कब्जा करने में नाकाम रही है।

2015 से सीरिया में एक्टिव है रूस
आपको बता दें कि, सीरियाई सरकार को गृहयुद्ध में लड़ने में मदद करने के लिए रूस 2015 से सीरिया में काम कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, चार अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि, अब मॉस्को उम्मीद कर रहा है कि शहरी युद्ध में सीरियाई लोगों की विशेषज्ञता कीव पर कब्जा करने में मदद कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, "यह कदम यूक्रेन में लड़ाई के संभावित बढ़ने की ओर इशारा करता है।" हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने सीरियाई लड़ाकों की तैनाती, उनकी युद्ध की स्थिति और उनकी सटीकता के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया है।

सीरिया की मीडिया ने भी पुष्टि
सीरियाई मीडिया ने भी यूक्रेन युद्ध में रूस की तरफ से सीरियाई लड़ाकों की भर्ती की खबर दी है। सीरिया के डीयर एज़ोर में स्थित एक अखबार के अनुसार, रूस ने देश के 'स्वयंसेवक लड़ाकों' को एक बार में छह महीने के लिए "यूक्रेन जाने और गार्ड के रूप में काम करने" के लिए 50 हजार से 60 हजार रुपये देने की पेशकश की है। आपको बता दें कि, सीरिया में पिछले कई सालों से शहरी लड़ाई ही चल रही है और रूसी सैनिकों को शहरी लड़ाई लड़ने का अनुभव नहीं है, लिहाजा पिछले 5 दिनों से रूसी सेना राजधानी कीव के बाहर जरूर मौजूद है, लेकिन अंदर घुसने की हिम्मत नहीं कर पाई है।

राजधानी में घुसने से डर रही रूसी सेना?
यूक्रेन पिछले 12 दिनों से रूसी हमलों का सामना कर रहा है, जिसने विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर दिया है, जिन्हें लगता है कि रूस ने अभी तक यूक्रेन के खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति को पूरी तरह से तैनात नहीं किया है। रूसी काफिले का आगमन कथित तौर पर रसद समस्याओं, कम मनोबल और यूक्रेनी सेना के प्रतिरोध से प्रभावित था, हालांकि रूसी सेना ने अपना आक्रमण जारी रखा है। अमेरिकी खुफिया विभाग ने पहले बताया था कि रूस करीब एक हजार भाड़े के सैनिकों की तैनाती करेगा और राजधानी कीव पर कब्जा करने का 'ठेका' सीरियाई लड़ाकों को देगा।

सीरिया में गृहयुद्ध
आपको बता दें कि, सीरिया में अभी बशर अल-असद की सरकार है, जो रूस की मदद से ही लगातार चौथी बार देश के राष्ट्रपति बने हैं और राष्ट्रपति बशर अल-असद को भी दुनियाभर के देशों में एक तानाशाह नेता के तौर पर देखा जाता है, हालांकि, जब वो पहली बार सत्ता में आए थे, तब उन्होंने एक लोकतांत्रिक सरकार बनाने का वादा किया था। सीरिया में कई गुटों के बीच कई सालों से भारी लड़ाई चल रही है और कई गिरोह एक्टिव हैं। वहीं, सीरिया में ईरान, रूस, तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका या तो सीधे तौर पर विद्रोह में शामिल हैं या फिर किसी अन्य गुट को सहायता पहुंचा रहे हैं। वहीं, सीरिया की लड़ाई लगातार शहरों में ही होती रहती है, लिहाजा सीरियाई लड़ाकों के पास शहरी इलाकों में युद्ध लड़ने का काफी अनुभव है और रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, रूस इसका फायदा उठाना चाह रहा है।












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